
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Written By: Kishori Mishra | Published : June 17, 2026 10:51 AM IST
Medically Verified By: Dr. Vivek Kumar
Heart Problems Sitting jobs
हम में से कई लोग ऐसे हैं, जो दिन के 24 घंटों में से लगभग 9 से 10 घंटे बैठे रहते हैं। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिसमें ऑफिस जॉब, वर्क फ्रॉम होम और लंबे सफर के कारण बैठना शामिल है। ऐसे में कई लोग यह दावा करते हैं कि लंबे समय तक बैठे रहने से हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। हालांकि, एक्सपर्ट का कहना है कि इस बात को पूरी तरह से सही समझ लेना बिल्कुल भी सही नहीं होगा।
वैशाली गाजियाबाद में स्थित मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी और हेड, डायरेक्टर डॉ. विवेक कुमार का कहना है कि सीधे तौर पर यह कहना सही नहीं होगा कि लगातार बैठे रहने से हार्ट अटैक हो जाता है। असली समस्या लंबे समय तक शारीरिक रूप से इन-एक्टिव रहने से जुड़ी होती है।
डॉक्टर कहते हैं कि जब कोई व्यक्ति कई घंटों तक एक ही स्थिति में बैठा रहता है, तो पैरों की नसों में ब्लड फ्लो धीमा पड़ सकता है। इससे कुछ लोगों में नसों के अंदर खून का थक्का बनने का खतरा बढ़ जाता है, जिसे डीप वेन थ्रॉम्बोसिस कहा जाता है। आइए विस्तार से समझते हैं इस विषय को-
डीप वेन थ्रॉम्बोसिस एक ऐसी स्थिति है, जिसमें शरीर की गहरी नसों, विशेष रूप से पैरों की नसों में ब्लड क्लॉट बन जाता है। अगर यह क्लॉट अपनी जगह से टूटकर ब्लड फ्लो के साथ फेफड़ों तक पहुंच जाए, तो यह पल्मोनरी एम्बोलिज्म का कारण बन सकता है। यह एक गंभीर और जानलेवा मेडिकल इमरजेंसी मानी जाती है।
Sitting Workअमेरिका की सेंट्रल ऑफ डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन (CDC) के अनुसार, लंबे समय तक बैठे रहने या कम गतिविधि करने से डीप वेन थ्रॉम्बोसि का जोखिम बढ़ सकता है, खासकर लंबी उड़ानों, अस्पताल में भर्ती रहने या सर्जरी के बाद।
डॉक्टर कहते हैं कि हर व्यक्ति में डीप वेन थ्रॉम्बोसि का खतरा समान नहीं होता। कुछ परिस्थितियां इस जोखिम को बढ़ा सकती हैं, जैसे-
नेशनल हेल्थ सर्विसेस (NHS) के अनुसार, लंबे समय तक इन-एक्टिव रहने से पैरों में ब्लड का फ्लो कम हो सकता है, जिससे थक्का बनने की संभावना बढ़ती है।
डॉक्टर कहते हैं कि डीप वेन थ्रॉम्बोसिस और हार्ट अटैक अलग-अलग स्थितियां हैं, लेकिन लंबे समय तक एक्टिव न होने वाली लाइफस्टाइल हार्ट डिजीज के जोखिम को भी बढ़ा सकती है। ऐसे में नियमित शारीरिक गतिविधि की कमी से मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर, टाइप-2 डायबिटीज और उच्च कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याएं विकसित हो सकती हैं, जो आगे चलकर हार्ट डिजीज का कारण बन सकती हैं।
Heart Healthअमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार, लंबे समय तक बैठे रहने और कम फिजिकल एक्टिविटी का कनेक्शन हार्ट संबंधी बीमारियों के बढ़ते जोखिम से देखा गया है।
डॉक्टर विवेक कहते हैं कि अगर लंबे समय तक बैठना जरूरी हो, तो कुछ बातों पर ध्यान दें, जैसे-
Disclaimer : घंटों बैठे रहने को सीधे हार्ट अटैक का कारण कहना वैज्ञानिक रूप से सही नहीं है। हालांकि, लंबे समय तक एक्टिव न रहने से डीप वेन थ्रॉम्बोसिस और पल्मोनरी एम्बोलिज्म जैसी गंभीर समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। साथ ही, लगातार बैठने वाली जीवनशैली लंबे समय में हृदय रोगों के जोखिम को भी बढ़ा सकती है। इसलिए नियमित गतिविधि, पर्याप्त पानी और समय-समय पर चलना-फिरना बेहतर स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है।