बच्चों में बढ़ती स्क्रॉलिंग की आदत, फोकस क्षमता को कर रही है कमजोर

मोबाइल चलाने की आदत बच्चों के मेंटल हेल्थ पर असर डाल सकती है। इसलिए अगर आपके बच्चों को स्क्रॉलिंग करने की आदत है, तो इस आदत को फौरन बदलें। आइए जानते हैं डॉक्टर द्वारा बताए गए कुछ टिप्स-

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Written By: Kishori Mishra | Published : April 22, 2026 11:34 AM IST

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आज के समय में मोबाइल लोगों के हाथों में रहना काफी आम हो चुका है। अक्सर आपको बच्चों से लेकर बड़े मोबाइल चलाते नजर आते होंंगे। बड़ों की तुलना में बच्चों में यह आदत लगातार  बढ़ती नजर आ रही है। हमारे आसपाल के कई बच्चे मोबाइल पर लगातार स्क्रॉलिंग में समय बिताने लगे हैं, खासकर शॉर्ट वीडियो देखने में बच्चे लगातार लगे रहते हैं। उनही यह आदत कई तरह की परेशानियां बढ़ा सकती है। डॉक्टर कहते हैं कि यह आदत उन्हें लंबे समय तक स्क्रीन से जोड़े रखती है और समय का एहसास नहीं होने देती हैं। इस लेख में हम आपको बच्चों में बढ़ती स्क्रॉलिंग से होने वाली परेशानी के बारे में बताएंगे। आइए जानते हैं-

स्क्रॉलिंग से फोकस पर पड़ता है असर

डॉक्टर कहते हैं कि लगातार स्क्रॉलिंग से बच्चों का ध्यान भटकता है और उनकी पढ़ाई और नींद पर असर पड़ सकता है। इससे उनकी फोकस करने की क्षमता भी कमजोर हो सकती है। इस आदत को समय रहते कंट्रोल करना जरूरी है।

बच्चों की स्क्रॉलिंग आदत को कैसे करें कम?

अगर आप चाहते हैं कि आपके बच्चों की मोबाइल स्क्रॉलिंग करने की आदत कम हो, तो उसके लिए आपको कुछ अहम कदम उठाने की जरूरत होती है, ताकि बच्चों की इस खराब आदत को कम किया जा सके, जैसे-

स्क्रीन टाइम पर नजर रखें

अगर आपका बच्चा दिनभर मोबाइल स्क्रॉल करता रहता है, तो इसके लिए आपको थोड़ा स्ट्रिक्ट रहने की जरूरत होती है। कोशिश करें कि अपने बच्चों का स्क्रीन टाइम कम करें। पूरे दिन में 1 घंटे से अधिक समय के लिए अपने बच्चों को मोबाइल न दें।

बिना वजह मोबाइल इस्तेमाल कम करें

बच्चों को बिना कारण के मोबाइल न दें।  कई बार आपने देखा होगा कि बच्चा काम के लिए फोन ले लेता है, लेकिन फिर काम के बजाय रील्स देखने लग जाता है। ऐसे में उनपर ध्यान रखें और अगर वो रील्स देख रहा है, तो उनसे फौरन मोबाइल ले लें।

सोने से पहले स्क्रीन से दूरी रखें

जब भी सोने जाए, तो अपने हाथ में मोबाइल न रखें। क्योंकि आपका बच्चा आपसे बहुत कुछ सीखता है। इसलिए अगर वो आपको बिस्तर पर फोन लगाते देखेगा, तो खुद भी फोन लेने की जिद्द करेगा। इसलिए सोने से पहले फोन और स्क्रीन से जुड़ी हर एक चीज को दूर रखें।

बच्चों को ऑफलाइन खेल और हॉबीज में लगाएं

खाने के दौरान बच्चों को मोबाइल देने के बजाय ऑफलाइन खेल में बिजी रखने की कोशिश करें। इसके अलावा आप उनकी हॉबीज को पहचानें और उसमें बिजी रखने की कोशिश करें। ऐसा करने से आपका बच्चा काफी हद तक स्क्रीन से दूर रह सकता है।

Disclaimer : लंबे समय पर फोन चलाना किसी के लिए भी सही नहीं होता है। चाहे वह बच्चा हो या फिर बुजुर्ग। स्क्रॉलिंग करने से मेंटल हेल्थ पर असर पड़ता है। कोशिश करें कि 2 साल से कम उम्र के बच्चों का स्क्रीन टाइम जीरो रखें। 

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