
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Published : November 18, 2025 6:19 PM IST
Running Karne ke Nuksan: रोजाना एक्सरसाइज करना स्वस्थ जीवन की कुंजी है। सुबह की वॉक, हल्की रनिंग और थोड़ी स्ट्रेचिंग शरीर को सक्रिय रखती है, मांसपेशियां मजबूत बनाती है और तनाव कम करती है। यह दिनभर ऊर्जा बनाए रखने का एक आसान सा तरीका भी है और आपको फिट, चुस्त और स्वस्थ जीवन जीने का मौका भी देती है। लेकिन लोगों के बीच बहुत से तेजी से यह बात फैल रही है कि ज्यादा रनिंग करने से घुटने घिस जाते हैं और कम उम्र में ही परेशानियां बढ़ जाती हैं। लेकिन क्या यह बात सच है? आइए डॉक्टर और शोध क्या कहते हैं जानते हैं।
हड्डियों के डॉक्टरों का कहना है कि यह धारणा पूरी तरह सही नहीं है। केवल रनिंग करने से घुटने नहीं घिसते और आपको ऐसी अफवाहों पर भरोसा नहीं करना चाहिए। असल में घुटनों के पास जमा कार्टिलेज एक प्राकृतिक कुशन की तरह काम करता है और सामान्य गतिविधियों से खराब नहीं होता। रनिंग से जॉइंट्स करने से ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है और पोषक तत्व कार्टिलेज तक पहुंचते हैं। लेकिन हां, अगर आपको पहले से गठिया, ओवरवेट या मसल इम्बैलेंस है, तो घुटनों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।
अब आप समझ गए हैं कि रनिंग से घुटनों को नुकसान नहीं होता, बल्कि घुटने तब खराब होते हैं, जब गलत रनिंग पद्धति अपनाई जाती हैं। अध्ययनों में पाया गया है समस्या तब होती है, जब रनिंग गलत तरीके से या शरीर की जरूरत और क्षमता के बिना ध्यान दिए की जाती है। जैसे जब पैर की मांसपेशियां कमजोर हों या जूते सही न हों, तो पटेला (घुटने की टोपी) बाहर की और खिंचने लगती है। इसे विशेषज्ञ पटेला ट्रैकिंग डिसऑर्डर कहते हैं। इससे रनिंग के दौरान दर्द, क्लिकिंग साउंड और सूजन हो सकती है। उचित रनिंग फॉर्म, स्ट्रेचिंग और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग इसे काफी हद तक रोक जा सकता है।
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वैज्ञानिक शोधों के अनुसार घुटनों के घिसने का मुख्य कारण रनिंग नहीं, बल्कि मसल इम्बैलेंस, ओवरवेट, ज्यादा हार्ड सरफेस पर रनिंग करना, कमजोर क्वाड्स और हैमस्ट्रिंग और सही जूते न पहनना है। वहीं कमजोर मांसपेशियां शरीर का पूरा वजन जॉइंट्स पर डाल देती हैं, जिससे घुटनों पर अत्याधिक दबाव पढ़ता है। साथ ही गलत पोस्टर भी घुटनों को नुकसान पहुंचाती है। आप सही जानकारी से अवगत होकर अगर रनिंग करें तो आपके घुटनों को कोई नुकसान नहीं होगा।
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हड्डियों को स्वस्थ रखने के लिए डाइट का सबसे बड़ा योगदान होता है। खासकर विटामिन डी, कैल्शियम, ओमेगा-3 फैटी एसिड, प्रोटीन और कोलेजन-युक्त खाद्य पदार्थों का। यह सभी तत्व कार्टिलेज और हड्डियों को मजबूती देने में मदद करते हैं। आप हल्दी, अदरक, मेवा, दही, बीज, मछली और हरी सब्जियों को अपनी डाइट में इस सर्दी जरूर शामिल करें। यह हड्डियों और जॉइंट्स को हेल्दी रखने में मदद करते है।
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।