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अनार या पोमेग्रेनेट (Pomegranate) भारत का एक लोकप्रिय फल है जो सालभर देश के सभी हिस्सों में उपलब्ध होता है। अनूठा-सा दिखने वाला यह फल पोषक तत्वों का पुलिंदा होता है, और इसी वजह से हमारे देश में अनार को एक सुपरफूड जैसा सम्मान मिलता है। इस लाल रसीले फल के विभिन्न प्रकार के कैंसर से लड़ने और दिल की रक्षा करने वाले गुणों के बारे में आपको जानकारी होगी; लेकिन उन लोगों के लिए भी यह काफी फायदेमंद साबित हो सकता है, जो मुंहासे से परेशान हैं। जी हां, आपको जानकर शायद हैरानी हो कि अनार मुंहासों या पिम्पल का आना कम करने में भी मदद करता है? तो चलिए पता लगाते हैं, कैसे!
पिम्पल क्यों होते हैं?
बहुत से लोग मानते हैं कि पिम्पल साफ-सफाई की कमी के कारण होता है। ऐसा माना जाता है कि त्वचा की सही तरीके से साफ-सफाई न रखने से चेहरे पर मुंहासे आ जाते हैं, जो पूरी तरह से ग़लत है! जी हां, मुंहासे या पिम्पल के कई कारण होते हैं, जैसे हार्मोन, सीबम उत्पादन, तनाव का स्तर, पोर या रोमछिद्रों का बंद हो जाता और बैक्टेरिया। अगर आपकी त्वचा पिम्पल के प्रति संवेदनशील है, तो आप चाहे जितना भी मुंह धो लें, आपको पिम्पल आएंगे ही।
जब पोर्स तेल और डेड सेल्स से भर जाती हैं, तो बैक्टेरिया के अवसरवादी अंश प्रोपियोनीबैक्टीरियम एकनेस (Propionibacterium acnes) और स्टेफिलाकोकास ऑरियस (Staphylococcus aureus) स्थिति का फायदा उठाने का काम करते हैं। वे चिकनाई पर पनपना और बढ़ना शुरू हो जाते हैं, जिससे त्वचा में सूजन होने लगती है, और इससे पिम्पल पैदा होने लगते हैं! दरअसल बहुत अधिक एंटीबायोटिक के उपयोग से एंटीबायोटिक प्रतिरोध या एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस (antibiotic resistance) की स्थिति बन जाती है, जिसके चलते पिम्पल पैदा करने वाले जीवाणु मजबूत हो जाते हैं। इस स्थिति से थोड़ी राहत पाने के लिए, एक ऐसा उपचार ढूढें जो बैक्टीरियल रेजिस्टेंस के खतरे के बिना, इन परेशानी भरे बैक्टीरिया को खत्म करे। और यहीं काम आता है अनार की जरूरत!
अनार कैसे काम करता है?
ऐसा देखा गया है कि अनार मुख्य रूप से पी. एनेन्स और एस. ऑरियस पर सीधे हमला करता है। यह कैसे काम करता है हम बताते हैं:
सूजन कम कर देता है: फलों के अर्क अपने एंटी-इंफ्लेमेटरी प्रभाव के कारण पी. एनेन्स की वृद्धि को नियंत्रित करते हैं।
त्वचा को परेशान नहीं करता: अनार का रस त्वचा पर लगाने से मुंहासों से राहत मिलती है। इससे त्वचा के छीलने या लालिमा जैसे किसी प्रकार के साइड-इफेक्ट्स भी नहीं दिखाई देते जबकि मुहासों के लोकप्रिय उपचार के तरीकों जैसे- रेटिनोल, सैलिसिलिक एसिड और बैंजोल पेरोक्साइड के साथ अक्सर देखे जाते हैं।
बैक्टेरिया के विकास को नियंत्रित करता है: यह देखा गया कि मुंहासे पैदा करनेवाले पी.एनेन्स और एस. ऑरियस जैसे अवसरवादी बैक्टीरिया का विकास, अनार के अर्क के प्रभाव से कम होता है। अर्क में मौजूद पॉलीफेनोल (polyphenols) भी बैक्टीरिया के दोनों उपभेदों को कम करने और नष्ट करने का काम करते हैं।
लाइपेस को रोकता है: बैक्टेरिया लाइपेज (lipase) नामक एक एंजाइम उत्पन्न करता है जो हमारी त्वचा में सीबम को पचाने में मदद करता है। पाचन के बाद, लाइपेस फैटी एसिड और गंदगी को त्वचा में छोड़ देता है जिससे जलन होती है। अनार का अर्क लाइपेस उत्पादन को कम करने में प्रभावी रहा है, त्वचा की सूजन बढ़ने से रोका जा सकता है।
त्वचा के लिए अनार का उपयोग कैसे किया जा सकता है?
इस बात से कोई इनकार नहीं कर सकता कि अनार एक स्वादिष्ट फल है। हालांकि इसे छीलना और खाना कई लोगों को थोड़ा बोरिंग लग सकता है। मुंहासों को कम करने के लिए अनार के छिलके और रस, दोनों का इस्तेमाल किया जा सकता है। अनार के सूखे छिलकों के पाउडर में थोड़ा-सा शहद मिलाकर चेहरे पर लगाया जा सकता है। अनार के रस का प्रयोग करना भी उतना ही फायदेमंद है।
संदर्भ- Lee, C. J., Chen, L. G., Liang, W. L., & Wang, C. C. (2017). Multiple activities of punica granatum linne against acne vulgaris. International journal of molecular sciences, 18(1), 141.
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अनुवादक-Sadhana Tiwari
चित्रस्रोत-Shutterstock.