क्या फेफड़ों के अंदर जाकर जम जाता है प्रदूषण? जानें प्रदूषण से स्वास्थ्य पर किस तरह पड़ता है असर

Kya Fefdo me Pollution Jam Jata Hai: वायु प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है, जिससे लोगों के मन में इससे जुड़े कई सवाल भी आ रहे हैं जिनके बारे में हम आपको इस लेख में जानेंगे।

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Written By: Mukesh Sharma | Published : December 22, 2025 5:20 PM IST

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Medically Verified By: Dr Ayush Pandey

Does Pollution Clog The Lungs: आज के समय में दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा, फरीदाबाद, गाजियाबाद और आसपास के अन्य क्षेत्रों में रहने वाले हर व्यक्ति के दिमाग में एक ही बात है और वह है प्रदूषण। लोग अपने परिवार, अपने बच्चों को लेकर चिंतित है। स्कूल भेजने से डर लगता है, क्योंकि बाहर बहुत ज्यादा प्रदूषण है, जिससे स्वास्थ्य को सीधा नुकसान पहुंच रहा है। हर किसी के मन में यह सवाल तो पूरी तरह से फिट हो चुका है कि आखिर प्रदूषण शरीर के अंदर जाकर क्या नुकसान पहुंचाता है। क्या जिस प्रदूषित हवा में हम सांस ले रहे हैं, इसके कारण प्रदूषण हमारे फेफड़ों के अंदर जाकर जम जाता है। हमने डॉक्टर आयुष पांडे गुरुग्राम के एसजीटी अस्पताल में जनरल मेडिसिन और रेस्पिरेटरी डिजीज के स्पेशलिस्ट से बात की और उन्होंने प्रदूषण व हमारे स्वास्थ्य से जुड़ी कुछ बेहद महत्वपूर्ण जानकारियां दी जिनके बारे में हमें जरूर जानना चाहिए।

फेफड़ों में जम जाता है प्रदूषण

डॉ. पांडे ने बताया कि वायु प्रदूषण बहुत ही सूक्ष्म (PM 2.5) कण होते हैं, जो केमिकल, गैस व अन्य धूल-मिट्टी के बेहद सूक्ष्म यानी माइक्रोस्कोपिक कणों से बने होते हैं। प्रदूषण का स्तर जितना ज्यादा होता है, उसका मतलब है कि हवा में ये कण उतने ही ज्यादा होते हैं। ऐसे में जब आप ऐसी हवा में सांस लेते हैं, तो ये सूक्ष्म कण हवा के साथ आपके फेफड़ों तक चले जाते हैं। ये कण इतने सूक्ष्म होते हैं कि इनका इतनी आसानी से पता नहीं चलता है।

फेफड़ों की संरचना अंदर से स्पंजी होती है और अंदर से ये चिपचिपे होते हैं, इसलिए जैसे ही हवा के साथ ये सूक्ष्म कण अंदर चले जाते हैं। फेफड़े अंदर से स्पंजी और चिपचिपे होने के कारण कुछ कण फेफड़ों के अंदर ही चिपक जाते हैं। हर बार सांस लेने के साथ कुछ मात्रा में ये कण अंदर चिपकते रहते हैं, जिसका सीधा असर फेफड़ों पर ही पड़ता है।

प्रदूषित हवा में मौजूद अलग-अलग प्रकार के केमिकल, गैस व अन्य कण होते हैं, जो सभी खतरनाक तो होते ही हैं लेकिन उनमें से कुछ बेहद ज्यादा खतरनाक होते हैं। इस सूक्ष्म बारीक कणों से फेफड़ों व श्वसन प्रणाली से जुड़ी कई गंभीर समस्याएं होने का खतरा बढ़ जाता है।

(और पढ़ें - फेफड़ों में प्रदूषण किस कारण से होता है)

कैसे कर सकते हैं फेफड़ों को ठीक

अगर आप प्रदूषित जगह पर कई दिनों से रह रहे हैं, तो जाहिर है कि आपके फेफड़ों में भी प्रदूषण के बारीक कम जरूर जम गए होंगे। अब आपके मन में होगा कि आप इसे कैसे ठीक कर सकते हैं। जितना जल्दी हो सके किसी ऐसी जगह शिफ्ट हो जाएं जहां पर प्रदूषण नहीं है। अगर आप उसी एरिया में रहते हैं, तो ऐसे में अपने घर के खिड़की दरवाजे बंद रखें, घर पर एयर प्यूरिफायर लगाएं और संभव हो तो काम पर सिर्फ गाड़ी से जाएं और अच्छी गुणवत्ता के मास्क का उपयोग करें।

इसके साथ-साथ अपनी डाइट का खास ध्यान दें, तला-भुना कम कर दें, हरी व मौसमी सब्जियां खाएं, रंग-बिरंगे फलों को डाइट में शामिल करें और पर्याप्त पानी पीते रहें। इसके साथ-साथ रोजाना कार्डियो और ब्रीथिंग एक्सरसाइज के लिए थोड़ा समय जरूर निकालें

प्रदूषण का अन्य स्वास्थ्य पर असर

वायु प्रदूषण की इस विषाक्त हवा का असर न सिर्फ आपके फेफड़ों श्वसन मार्गों तक ही रहता है, बल्कि शरीर के अन्य अंग भी प्रभावित होते हैं। प्रदूषण के संपर्क में आने वाले अंग जैसे स्किन, आंख व बालों पर भी इसका असर पड़ता है। इसके अलावा अगर कोई व्यक्ति लंबे समय से प्रदूषण वाली जगह पर रह रहा है या प्रदूषण बहुत ज्यादा है, तो इसका असर कहीं न कहीं ब्रेन व किडनी आदि पर भी काफी पड़ता है।

अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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