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Medically Verified By: Dr. Rajdeep Jain
Kya Phone Dekhne Se Andhe Hote Hai: पहले के जमाने में उम्र बढ़ने के साथ-साथ नजर घटती और बढ़ती थी, लेकिन आजकल आपने देखा होगा कि 5 साल का बच्चा भी मोटा चश्मा लगाकर घूम रहा है। इसका कारण पोषण की कमी के साथ-साथ अधिक मात्रा में फोन का इस्तेमाल करना है। यहां तक कि जो युवा रात को अंधेरे में रोज फोन या स्क्रीन के सामने बैठे रहते हैं उनमें कम रोशनी या अंधेपन के लक्षण दिखने लगते हैं। जी हां, और यह कितना सच है? आइए हम कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल, इंदौर के ओफ्थल्मोलॉजिस्ट कन्सल्टेन्ट डॉक्टर राजदीप जैन से जानते हैं।
पहले जानते हैं डॉक्टर ने इस विषय पर क्या कहा? डॉक्टर राजदीप ने कहा कि 'आजकल मोबाइल हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। सच्चाई यह है कि अंधेरे में फोन देखने से स्थायी अंधापन नहीं होता, लेकिन यह आंखों पर तनाव और असुविधा जरूर पैदा करता है। फोन की तेज नीली रोशनी (Blue Light) और आसपास का अंधेरा आंखों की मांसपेशियों पर दबाव डालती हैं।' उन्होंने और क्या कहा, आइए विस्तार से जानते हैं।
अक्सर लोग फोन आरामदायक कमरे में देखते हैं, जहाँ फैन या AC चलता रहता है। इससे आंखों में सूखापन और जलनऔर बढ़ जाती है। इससे धुंधलापन और सिरदर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं। कभी-कभी थोड़ी देर के लिए दृष्टि धुंधली भी हो सकती है। नीली रोशनी हमारी नींद के हार्मोन मेलाटोनिन को प्रभावित करती है, जिससे नींद में बाधा आती है।
लंबे समय तक लगातार इस्तेमाल से निकट दृष्टि दोष (मायोपिया) बढ़ सकता है, खासकर बच्चों और युवाओं में। तो देखा जाए तो अंधेरे में मोबाइल का अधिक इस्तेमाल करने से आंखों से संबंधित परेशानियांबढ़ सकती हैं साथ ही अन्य शारीरिक परेशानियां भी बढ़ सकती हैं।
डॉक्टर ने बताया कि अंधेरे में फोन बिल्कुल न देखें, और अगर जरूरी है तो हल्की रोशनी का उपयोग करें।
हर 20 मिनट बाद 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर देखें, यह 20-20-20 नियम है जो आंखों की हेल्थ के लिए अच्छा है।
आजकल फोन में कई ऐसे फीचर आ गए हैं, जैसे ब्लू लाइट फिल्टर या नाइट मोड, जिन्हें आप ऑन करके अपनी आंखों को नुकसान होने से बचा सकते हैं।
कमरे में AC/fan में आंखें सूख जाती हैं और उनमें खुजली हो सकती है। ऐसे में आप आंखों की नमी के लिए लुब्रिकेशन आई ड्रॉप का इस्तेमाल करें।
बच्चा चाहे कितना ही क्यों न रोए, लेकिन माता-पिता बच्चों का स्क्रीन टाइम नियंत्रित करें।
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
आंखों में शहद डालने से पहले एक बार डॉक्टर से सलाह ले लेनी चाहिए?
रोजाना आंखों को ठंडे पानी से धोने से आंखों में ताजगी रहती है और उनका स्वास्थ्य भी अच्छा रहता है।
आंखों में जलन होने के कई अलग-अलग कारण हो सकते हैं, जिसमें धूल मिट्टी के कारण होने वाली एलर्जी, संक्रमण व अन्य समस्याएं भी शामिल हैं।
समय-समय पर आंखों को धोते रहें, धूल-मिट्टी से बचाएं और अपनी डाइट में हेल्दी फूड्स रखें