
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Medically Verified By: Dr. Kamal Bachani
intermittent fasting and bone weakness (AI generated image)
हम ये अच्छी तरह से समझ चुके हैं कि बढ़ता वजन कोई मजाक तो नहीं है और आपकी हेल्थ पर इसका असर थोड़ा बहुत नहीं बहुत ज्यादा पड़ता है। लाइफस्टाइल व डाइट से जुड़ी छोटी-मोटी गलतियों के कारण ही शरीर का वजन बढ़ने लगता है और जब एक बार वजन बढ़ जाता है, तब शुरू होता है स्वास्थ्य से जुड़ी अलग-अलग समस्याएं विकसित होने का सिलसिला। इतना ही नहीं बढ़े हुए वजन को कंट्रोल करना मुश्किल तो नहीं है, लेकिन उसमें मेहनत और समय ज्यादा लगते हैं। आजकल लोगों को पास बस इन्हीं दो चीजों की तो कमी है और इसलिए वे वजन कम करने के ऐसे तरीके ढूंढते हैं, जिनमें शरीर को ज्यादा मेहनत न करनी पड़े और वजन भी जल्दी कम हो जाए। यही कारण है कि आजकल इंटरमिटेंट फास्टिंग एक पॉपुलर वेट लॉस तरीका बन चुका है। लेकिन कुछ लोग यह भी कहते है कि इंटरमिटेंट फास्टिंग से शरीर में पोषक तत्वों की कमी होने लगती है जैसे कैल्शियम की कमी होने के कारण हड्डियां कमजोर पड़ने लगना। लेकिन इस बात में कितनी सच्चाई है इस बारे में हम ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. कमल बचानी से इस लेख में जानेंगे।
लोग अक्सर इंटरमिटेंट फास्टिंग के अलग-अलग तरीके अपनाकर वजन को नियंत्रित करने का प्रयास करते हैं और अपना वजन कम भी कर लेते हैं। हालांकि, वजन कम करने के साथ-साथ यह समझना भी आवश्यक है कि इसका प्रभाव आपकी बोन हेल्थ पर क्या पड़ सकता है। इंटरमिटेंट फास्टिंग के दौरान अगर शरीर को पर्याप्त पोषण, प्रोटीन और आवश्यक माइक्रोन्यूट्रिएंट्स नहीं मिल पाएं तो आने वाले समय में धीरे-धीरे हड्डियां कमजोर पड़ने लग सकती हैं।
डॉ. कमल बचानी, सीनियर कंसल्टेंट ऑर्थोपेडिक, स्पोर्ट्स इंजरी एवं जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जन, के अनुसार, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल चिराग एंक्लेव दिल्ली
अगर आप सोच रहे हैं कि इंटरमिटेंट फास्टिंग के दौरान आप कैल्शियम इनटेक का ध्यान रख लेंगे और हड्डियों को कमजोर नहीं पड़ने देंगे तो आपको बता दें कि हड्डियां सिर्फ कैल्शियम से नहीं बनती बल्कि उन्हें अन्य कई पोषक तत्वों की जरूरत भी पड़ती है जैसे -
हमारी हड्डियों को बनने के लिए इन सभी पोषक तत्वों की जरूरत पड़ती है और अगर इंटरमिटेंट फास्टिंग के कारण हमारे शरीर में इनमें से कुछ पोषक तत्वों की कमी होने लगी है तो उसके कारण हड्डियां कमजोर होने का खतरा भी काफी हद तक बढ़ जाता है।
शरीर का वजन तेजी से कम करने का कोई नेचुरल तरीका नहीं होता और अगर हड्डियों की हेल्थ के बारे में बात करें तो वजन कम करते समय ये देखने की बजाय कि वह कितनी जल्दी हो रहा है बल्कि ये देखना चाहिए कि हम अपने शरीर के वजन को कैसे कम कर रहे हैं और उससे हमारी हड्डियों व अन्य स्वास्थ्य पर क्या असर पड़ने वाला है। बाकी तेजी से वजन कम करने का तरीका जैसे कि इंटरमिटेंट फास्टिंग आमतौर पर कैलोरी डेफिसिट फॉर्मूला पर बेस्ड होते हैं और इससे हेल्थ को निम्न नुकसान हो सकते हैं -
डॉ. कमल बचानी के अनुसार जिस प्रकार शरीर के बढ़ते वजन पर रोक लगाना और उसे कम करना बेहद महत्वपूर्ण है उसी प्रकार मांसपेशियों की मजबूती को बचाना भी बेहद जरूरी है। अगर आपकी मांसपेशियां अच्छी और मजबूत हैं, तो उनसे हड्डियों को भी फायदा मिलता है क्योंकि मांसपेशियां हड्डियों एक खास मैकेनिकल सपोर्ट प्रदान करती हैं, जिससे हड्डियों की मजबूती को बनाए रखने में भी काफी मदद मिलती है।
कैंब्रिज यूनिवर्सिटी प्रैस की रिसर्च समेत कई अध्ययनों में यह पाया गया है कि अगर हेल्थ व न्यूट्रिशन का ध्यान रखते हुए सही तरीके से इंटरमिटेंट फास्टिंग तरीका अपनाया जाए तो इसका बोन हेल्थ पर सीधा कोई असर नहीं पड़ता है। हालांकि, कुछ खास स्थितियां हो सकती हैं जिन्हें इंटरमिटेंट फास्टिंग से हड्डियों में कमजोरी की समस्या हो सकती है जैसे -
इंटरमिटेंट फास्टिंग रखने वाले हर व्यक्ति को अपनी हेल्थ का खास ध्यान रखना चाहिए और इसके अलावा कुछ खास स्थितियों से जुड़े लोग अगर अपना बढ़ा हुआ वजन कम करने के लिए इंटरमिटेंट फास्टिंग करने का सोच रहे हैं तो उन्हें खास ध्यान रखना होगा और इन लोगों में निम्न शामिल हैं -
इन बीमारियों के साथ-साथ अगर किसी व्यक्ति को हड्डियों से जुड़ी कोई भी दूसरी बीमारी है और वे अपने शरीर का वजन कम करने के लिए इंटरमिटेंट फास्टिंग अपनाना चाहते हैं, तो उससे पहले उन्हें ऑर्थोपेडिक सर्जन या जनरल फिजिशियन डॉक्टर से परामर्श करने की सलाह दी जाती है।
बोन फ्रैक्चर व हड्डियों से जुड़ी अन्य समस्याओं का इलाज करने के लिए आपको कुछ खास बातों का ध्यान रखाना चाहिए जैसे -
अगर आप इंटरमिटेंट फास्टिंग अपनाने की सोच रहे हैं, तो इस बारे में डॉक्टर व डाइट एक्सपर्ट्स से सलाह लें। डॉ. कमल बचानी के अनुसार इंटरमिटेंट फास्टिंग को हमेशा एक्सपर्ट की देखरेख में ही किया जाना चाहिए, ताकि वैज्ञानिक और संतुलित तरीके से सही तकनीक का इस्तेमाल करते हुए शरीर का वजन कम किया जा सके। केवल फास्टिंग पर ध्यान देना काफी नहीं है, उसके साथ साथ इस बात का ध्यान रखना भी जरूरी है कि आपको शरीर को सभी जरूरी पोषक तत्व मिल भी रहे हैं या नहीं। जैसा कि हमने आपको ऊपर भी बताया है कि वेट लॉस करने जितना ही जरूरी है इस दौरान अपनी हड्डियों और मांसपेशियों के स्वास्थ्य का ध्यान भी रखा जाए, ताकि शरीर पर कोई विपरीत प्रभाव न पड़े।
हम ऐसा बिल्कुल भी नहीं कह रहे कि इंटरमिटेंट फास्टिंग शरीर का वजन कम करने का कोई गलत तरीका है या फिर इससे शरीर को कोई नुकसान होता है। हम सिर्फ यह बताने की कोशिश कर रहे हैं, कि अगर वजन कम करने के लिए आप इंटरमिटेंट फास्टिंग अपनाना चाहते हैं, तो इसे सही तरीके से करना बेहद जरूरी है, तभी आपके शरीर को बिना किसी नुकसान के इसका सही मायने में फायदा मिल पाएगा। अगर आपकी मांसपेशियां और हड्डियां हेल्दी हैं, तो वे वजन कम करने में शरीर की और ज्यादा मदद करती हैं। सही मार्गदर्शन और संतुलित जीवनशैली के साथ वजन और हड्डियों की मजबूती दोनों को सुरक्षित रखा जा सकता है।
डिसक्लेमर: इस लेख का उद्देश्य केवल यह बताना है कि इंटरमिटेंट फास्टिंग का असर हमारी हड्डियों पर पड़ता है या नहीं। इसमें दी गई जानकारी का इस्तेमाल वजन कम करने या हड्डियों के रोगों का इलाज के लिए नहीं है और उसके लिए आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।