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क्या बार-बार एंटीबायोटिक लेने से कमजोर हो सकता है इम्यून सिस्टम? डॉक्टर से जानें सच

छोटी-मोटी बीमारी में बार-बार एंटीबायोटिक खाना आपकी सेहत पर भारी पड़ सकता है। क्या ये दवाएं संक्रमण के साथ-साथ आपके इम्यून सिस्टम को भी अंदर से खोखला कर रही हैं? जानिए एक्सपर्ट डॉक्टर से पेनकिलर कैसे आपकी सेहत पर असर डालती हैं।

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Written By: Mukesh Sharma | Published : July 24, 2026 7:47 AM IST

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Medically Verified By: Dr Meenakshi Jain

इंटरनेट की मदद से लोगो को मेडिकल से जुड़ी बहुत सी जानकारियां आसानी से मिल जाती हैं, जो कि अच्छी बात है। लेकिन साथ-साथ इंटरनेट पर कुछ चीजों हमारी हेल्थ को नुकसान भी पहुंचा सकती हैं। इंटरनेट की मदद से लोगों को इतना तो पता चल गया कि बैक्टीरियल इन्पेक्शन में एंटीबायोटिक लेने की जरूरत पड़ती है, लेकिन किस बैक्टीरियल इन्फेक्शन में कौन सी एंटीबायोटिक लेनी है और उसकी कितनी खुराक लेनी है आदि के बारे में तो आपको डॉक्टर ही बता पाएंगे। लेकिन लोग अक्सर खुद से एंटीबायोटिक लेने लगते हैं, जो हेल्थ के लिए बेहद नुकसानदायक हो सकता है। डॉ. मीनाक्षी जैन, प्रिंसिपल डायरेक्टर, इंटरनल मेडिसिन, मैक्स सुपर-स्पेशियलिटी हॉस्पिटल पटपड़गंज के अनुसार यह आदत फायदे से ज्यादा नुकसान पहुंचा रही है। बिना जरूरत बार-बार इन दवाइयों को खाने से आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) गंभीर रूप से कमजोर हो सकती है।

पेट प्रभावित तो इम्यूनिटी प्रभावित

एंटीबायोटिक हमारी इम्यूनिटी को कैसे नुकसान पहुंचाते हैं, इसे समझने के लिए हमें अपने पेट को समझना होगा। डॉक्टरों का कहना है कि हमारे शरीर का लगभग 70% इम्यून सिस्टम हमारे पेट में होता है। इसे पेट में मौजूद करोड़ों "अच्छे बैक्टीरिया" चलाते हैं, जिन्हें गट माइक्रोबायोम (Gut Microbiome) कहा जाता है। इसलिए अगर आप एंटीबायोटिक का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं, तो इसका सीधा असर आपके पेट पर पड़ता है जिससे आपकी इम्यूनिटी प्रभावित होती है।

जब आप कोई ब्रॉड-स्पेक्ट्रम एंटीबायोटिक (असरदार एंटीबायोटिक दवा) लेते हैं, तो वह एक मिसाइल की तरह काम करती है। वह बीमारी फैलाने वाले बुरे बैक्टीरिया को तो मारती ही है, लेकिन साथ ही हमारे पेट के उन अच्छे और मददगार बैक्टीरिया को भी नुकसान पहुंचाती है और अगर एंटीबायोटिक की खुराक बड़ी है या बहुत ज्यादा है।

एंटीबायोटिक का अच्छे बैक्टीरिया पर असर

जब आप बार-बार एंटीबायोटिक्स लेते हैं, तो पेट के इन अच्छे बैक्टीरिया को वापस ठीक होने का मौका ही नहीं मिलता। डॉक्टरों की भाषा में इस असंतुलन को डिस्बायोसिस (Dysbiosis) कहते हैं। इसके कारण शरीर की प्राकृतिक रक्षा प्रणाली सुस्त पड़ जाती है। नतीजा यह होता है कि आप बार-बार बदलते मौसम की बीमारियों की चपेट में आने लगते हैं।

इसके अलावा, भारत में मानसून या सर्दियों के दौरान होने वाले ज्यादातर सर्दी-जुकाम वायरल जैसे इन्फ्लूएंजा या डेंगू आदि होते हैं। एंटीबायोटिक्स सिर्फ बैक्टीरिया को मारते हैं, वायरस पर इनका कोई असर नहीं होता। इसलिए, वायरल बीमारी में इन्हें बेवजह खाने से शरीर को सिर्फ एसिडिटी, पेट फूलना और दस्त (डायरिया) जैसी परेशानियां ही मिलती हैं।

एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस का खतरा

इंटरनल मेडिसिन के क्षेत्र में आज सबसे बड़ी चिंता एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) की है। जब आप गलत तरीके से एंटीबायोटिक लेते हैं या थोड़ा ठीक महसूस होने पर दवा का कोर्स बीच में ही छोड़ देते हैं, तो सबसे मजबूत बैक्टीरिया बच जाते हैं और खुद को बदल (म्यूटेट) लेते हैं। समय के साथ ये सुपरबग्स बन जाते हैं। इसका मतलब यह है कि भविष्य में जब हमें टाइफाइड या यूरिन इन्फेक्शन जैसी गंभीर और जानलेवा बीमारियां होंगी, तो ये आम और सस्ती दवाइयां हम पर असर करना बंद कर देंगी।

किन बातों का ध्यान रखना

अगर आप अपनी व अपने परिवार की इम्यूनिटी को बचाना चाहते हैं और एंटीबायोटिक के अन्य खतरे से बचाव करना चाहते हैं तो कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है -

  • खुद डॉक्टर न बनें - बिना डॉक्टर की सलाह और जांच के कभी भी मेडिकल स्टोर से एंटीबायोटिक खरीदकर न खाएं।
  • कोर्स को हमेशा पूरा करें - डॉक्टरों द्वारा लिखी दवाओं को उतने ही दिन तक लें जितने दिन के लिए डॉक्टर ने लिखा है, इसे बीच में न छोड़ें।
  • पेट को मजबूत बनाएं - एंटीबायोटिक के इस्तेमाल के दौरान या बाद में हमारे प्रोबायोटिक वाले फूड्स जरूर खाएं जैसे घर का बना दही, छाछ या फर्मेंटेड फूड आदि।

हमारे शरीर में मौजूद इम्यून सिस्टम प्रकृति से मिला एक बेहद कवच है, जो हमारे शरीर को अलग-अलग बीमारियों व इन्फेक्शन आदि से बचाने में मदद करता है। इसलिए बिना वजह दवाएं खाकर इसे कमजोर नहीं करना चाहिए। इसे अपना काम करने दें और एंटीबायोटिक का इस्तेमाल सिर्फ आखिरी उपाय के तौर पर ही करें।

डिसक्लेमर: इस लेख का उद्देश्य केवल बार-बार एंटीबायोटिक लेने से होने वाले नुकसान के बारे में बताना है। इसमें दी गई किसी भी जानकारी का इस्तेमाल किसी भी बीमारी के इलाज के लिए नहीं है और उसके लिए आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।