क्या हर डेंगू मरीज को प्लेटलेट्स ट्रांसफ्यूजन की जरूरत होती है?

डेंगू में जब भी किसी मरीज का प्लेटलेट काउंट कम होता है, तो सबसे पहले लोगों के मन में सवाल उठता है क्या प्लेटलेट ट्रांसफ्यूजन होगा? अगर आपके मन में भी यह सवाल है, तो आइए डॉक्टर से जानते हैं इसके बारे में-

WrittenBy

Written By: Kishori Mishra | Published : June 8, 2026 1:10 PM IST

Platelet transfusion : जब भी हम अपने आसपास किसी डेंगू के मरीज का नाम सुनते हैं, तो सबसे पहले सवाल उठता है कि आखिर उसका प्लेटलेट्स कितना है? जब मरीज के प्लेटलेट काउंट कम होने की खबर मिलती है, तो न सिर्फ परिवार वाले बल्कि उसके आसपास के लोग भी काफी ज्यादा घबरा जाते हैं। कई लोग तुरंत प्लेटलेट ट्रांसफ्लूजन की मांग करने लगते हैं। लेकिन आपके मन में यह सवाल उठता है कि क्या सच में प्लेटलेट काउंट कम होने पर हर एक मरीज को प्लेटलेट ट्रांसफ्लूजन की जरूरत होती है? शायद कई लोगों के मन में यह सवाल उठा हो, लेकिन जवाब जानने की कोशिश नहीं की है। अगर आपके मन में यह सवाल उठा है, तो आपको इस लेख के जरिए इसका जवाब मिलेगा। इसकी जानकारी के लिए हमने गुरुग्राम स्थित नारायणा हॉस्पिटल के सीनियर कंसल्टेंट इंटरनल मेडिसिन डॉक्टर पी वेंकट कृष्णन से बातचीत की है। डॉक्टर कहते हैं कि हर डेंगू मरीज को प्लेटलेट चढ़ाने की जरूरत नहीं होती। यह एक आम मिथक है, जिसे समझना बेहद जरूरी है।

डेंगू में क्यों कम होते हैं प्लेटलेट्स?

डेंगू एक वायरल संक्रमण है, जो संक्रमित मच्छरों के काटने से फैलता है। इस बीमारी में तेज बुखार, शरीर दर्द, कमजोरी और कई बार ब्लीडिंग जैसी समस्याएं हो सकती हैं। वायरस शरीर के बोन मैरो को प्रभावित करता है, जिससे प्लेटलेट्स का निर्माण कम हो जाता है। साथ ही शरीर में प्लेटलेट्स तेजी से टूटने लगते हैं। हालांकि, प्लेटलेट्स का कम होना डेंगू में सामान्य प्रक्रिया है और हर बार यह गंभीर स्थिति का संकेत नहीं होता।

क्या कम प्लेटलेट काउंट हमेशा खतरनाक होता है?

डॉक्टर कहते हैं कि सिर्फ प्लेटलेट्स की संख्या देखकर मरीज की गंभीरता तय नहीं की जा सकती। कई मरीजों में प्लेटलेट काउंट 20,000 से 30,000 तक पहुंच जाता है, फिर भी उन्हें ट्रांसफ्यूजन की जरूरत नहीं पड़ती। डॉक्टर मरीज की पूरी क्लिनिकल स्थिति जैसे- क्या ब्लीडिंग हो रही है?, क्या ब्लड प्रेशर गिर रहा है?, क्या मरीज को सांस लेने में परेशानी है?, क्या डेंगू शॉक सिंड्रोम के संकेत हैं? इत्यादि देखते हैं। यदि ये लक्षण नहीं हैं, तो कई मामलों में सिर्फ निगरानी और सही इलाज से मरीज ठीक हो सकता है।

Platelates Transfution Image Credit : ChatGPT

कब जरूरी होता है प्लेटलेट ट्रांसफ्यूजन?

डॉक्टर कहते हैं कि सिर्फ कम प्लेटलेट काउंट ट्रांसफ्यूजन का कारण नहीं बनता। प्लेटलेट ट्रांसफ्यूजन आमतौर पर तब किया जाता है, जब मरीज को गंभीर रूप से ब्लीडिंग हो रही हो, प्लेटलेट्स काफी कम हो गया है और ब्लीडिंग का खतरा बढ़ जाए, मरीज की स्थिति तेजी से बिगड़ रही हो, इत्यादि स्थिति में प्लेटलेट ट्रांसफ्यूजन की जरूरत होती है।

जरूरत से ज्यादा प्लेटलेट चढ़ाने के नुकसान

डॉक्टर कहते हैं कि डर और गलत जानकारी के कारण कई लोग बिना वजह प्लेटलेट ट्रांसफ्यूजन करवाने लगते हैं। लेकिन यह हमेशा सुरक्षित नहीं होता। बिना जरूरत प्लेटलेट ट्रांसफ्यूजन कराने से कई तरह की परेशानी हो सकती है, जिसमें एलर्जी, इन्फेक्शन,बुखार, शरीर में अन्य जटिलताएं होने का खतरा बढ़ सकता है। यही वजह है कि डॉक्टर सोच-समझकर ही ट्रांसफ्यूजन की सलाह देते हैं।

डेंगू में सबसे जरूरी क्या है?

डॉक्टर कहते हैं कि अगर आप डेंगू की गंभीरता से बचना चाहते हैं, तो कुछ बातों पर ध्यान रखने की जरूरत है, जैसे-

Prevention Tips for Dengue Image Credit : ChatGPT

इसके सथ ही ओआरएस, नारियल पानी, सूप और अन्य तरल पदार्थ शरीर में पानी की कमी नहीं होने देते, जिससे रिकवरी बेहतर होती है।

क्या पपीते के पत्ते से बढ़ते हैं प्लेटलेट्स?

डेंगू में पपीते के पत्तों का रस और कुछ घरेलू उपाय काफी लोकप्रिय हैं। हालांकि, इनके फायदे को लेकर वैज्ञानिक प्रमाण सीमित हैं।  डॉक्टर का कहना है कि ये चीजें सपोर्टिव हो सकती हैं, लेकिन इन्हें इलाज का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।

Disclaimer: डेंगू से जुड़ा सबसे बड़ा मिथक यही है कि कम प्लेटलेट्स मतलब तुरंत प्लेटलेट ट्रांसफ्यूजन। जबकि सच्चाई यह है कि हर मरीज की स्थिति अलग होती है और इलाज भी उसी आधार पर तय किया जाता है। सही समय पर डॉक्टर की सलाह, पर्याप्त हाइड्रेशन और लगातार निगरानी ही डेंगू से सुरक्षित रिकवरी की सबसे महत्वपूर्ण कुंजी है।

Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source