
विद्या शर्मा
विद्या शर्मा को डिजिटल मीडिया में लगभग 3 साल का अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता ... Read More
Written By: Vidya Sharma | Updated : May 2, 2026 2:48 PM IST
Medically Verified By: Dr. Malini Saba
Image credits by: डिप्रेशन कम करने का तरीका
Kya Alcohol Anxiety Kam Karne Ka Solution Hai: लोग आजकल इसलिए अल्कोहल नहीं पी रहे हैं क्योंकि यह उनका शौक है, बल्कि वह अपना स्ट्रेस कम करना चाहते हैं। उन्हें लगता है कि नशा करते उनका सिर दर्द भी कम होता है और वह खुद को इमेजनरी दुनिया में महसूस करने लगते हैं। अल्कोहल को लेकर एक आम धारणा यह है कि यह तनाव, चिंता यानी कि एंग्जायटी और उदासी यानी कि डिप्रेशन को कुछ समय के लिए कम कर देता है। कई लोग इसे मानसिक थकान या भावनात्मक दबाव से राहत पाने के लिए इस्तेमाल करते हैं।
लेकिन क्या यह सच में मानसिक स्वास्थ्य में मदद करता है? इस विषय पर साइकोलॉजिस्ट और महिला एवं मानवाधिकारों की समर्थक डॉक्टर मालिनी सबा कहती हैं कि यह एक बेहद सामान्य लेकिन संवेदनशील विषय है, जिसमें लोग अक्सर अस्थायी राहत को स्थायी समाधान समझ बैठते हैं। अल्कोहल का असर मानसिक स्थिति पर बहुत अल्पकालिक होता है और इसका दीर्घकालिक प्रभाव अक्सर विपरीत दिशा में जाता है।’ कैसे? आइए थोड़ा विस्तार से जानते हैं।
शुरुआत में अल्कोहल दिमाग पर एक डीप्रजेंट की तरह काम करता है, जिससे नर्वस सिस्टम थोड़ी देर के लिए धीमा हो जाता है। इसी वजह से व्यक्ति को-
जैसे ही अल्कोहल का असर खत्म होता है, कई लोगों में-
डिप्रेशन से जूझ रहे लोगों में अल्कोहल का उपयोग अक्सर सेल्फ सूदिंग के रूप में शुरू होता है, लेकिन धीरे-धीरे यह-
मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण की बात करें तो डॉक्टर सबा के अनुसार, अल्कोहल को तनाव या डिप्रेशन का समाधान समझना एक भ्रम है, क्योंकि यह केवल भावनाओं को टेम्परेरीली दबाता है, उन्हें हल नहीं करता।
वे कहती हैं कि यह इमोशनल क्लेरिटी को कम कर सकता है, समस्या को रिसॉल्व करने के बजाय उसे टेम्परेरीली मास्क करता है। मानसिक स्वास्थ्य के लिए स्थायी समाधान कभी भी सब्सटांस बेस्ड नहीं होते। उनके अनुसार, मानसिक स्वास्थ्य में सुधार के लिए थेरेपी, सेल्फ अवेयरनेस और लाइफस्टाइल बैलेंस अधिक प्रभावी हैं।
मानसिक तनाव को संभालने के लिए सुरक्षित और स्थायी तरीके अधिक उपयोगी होते हैं जैसे- नियमित नींद और दिनचर्या, व्यायाम और योग, भरोसेमंद लोगों से बातचीत, काउंसलिंग या थैरेपी, माइंडफुलनेस और ब्रीदिंग एक्सरसाइज करें।
डिस्क्लेमर- अल्कोहल कुछ समय के लिए राहत का एहसास दे सकता है, लेकिन यह डिप्रेशन या एंग्जाइटी का समाधान नहीं है। लंबे समय में यह मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है। सही और अच्छा समाधान अस्थायी राहत में नहीं, बल्कि समझ, सहयोग और सही मानसिक देखभाल में है।
अवसाद का अंतिम और सबसे गंभीर चरण आत्महत्या के विचार आना है। अवसाद व्यक्ति के सोचने-समझने और मानसिक स्थिति पर पूरी तरह हावी हो जाता है।
डिप्रेशन मुख्य रूप से मस्तिष्क में सेरोटोनिन, डोपामाइन और नॉरपेनेफ्रिन जैसे न्यूरोट्रांसमीटर की कमी या असंतुलन के कारण होता है।
नींद संबंधी विकार, जिनमें अनिद्रा या बहुत अधिक सोना शामिल है। थकान और ऊर्जा की कमी के कारण छोटे-छोटे काम भी करने में अतिरिक्त मेहनत लगती है।
डिप्रेशन (अवसाद) कम करने के लिए नियमित शारीरिक व्यायाम, ध्यान, योग, और पर्याप्त नींद लेना बेहद जरूरी है।
Disclaimer: The content on TheHealthSite.com is only for informational purposes. It is not at all professional medical advice. Always consult your doctor or a healthcare specialist for any questions regarding your health or a medical condition.