क्या हाई बीपी में चेस्ट पेन होना हार्ट अटैक की संभावना दिखता है?

High BP Or Chest Pain: चेस्ट पेन होना और हाई ब्लड प्रेशर के दौरान चेस्ट पेन होना आपको दुविधा में डाल सकता है कि कहीं ये हार्ट अटैक का खतरा तो नहीं है! आइए डॉक्टर से जानते हैं सच क्या है।

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Written By: Vidya Sharma | Published : February 12, 2026 9:37 AM IST

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Medically Verified By: Dr Sarvesh Kumar Prajapati

Heart Attach And High BP: आप सोचिए, एक व्यक्ति को काम करते समय अचानक सीने में तेज दर्द महसूस होता है। उस व्यक्ति को हाई ब्लड प्रेशर की भी समस्या है। उसे हो रहा दर्द का परिणाम या तो नॉर्मल स्ट्रेस हो सकता है या हार्ट अटैक की चेतावनी? इस दोनों का एक साथ होना लोगों के लिए चिंता का विषय होता है। आपको बता दें कि उच्च रक्तचाप, जिसे हाइपरटेंशन कहा जाता है, रक्त वाहिकाओं पर लगातार अतिरिक्त दबाव की स्थिति है। 

सामान्य रक्तचाप 120/80 मिमी एचजी तक रहता है, जबकि 140/90 मिमी एचजी या इससे अधिक पर उच्च रक्तचाप की पुष्टि होती है। यह धीरे-धीरे हृदय और धमनियों को क्षति पहुंचाता है, क्योंकि हृदय को अधिक मेहनत करनी पड़ती है। लंबे समय तक अनियंत्रित रहने पर प्लाक जमा हो जाता है, जो धमनियों को संकीर्ण बनाता है। आइए नारायणा हॉस्पिटल के कंसल्टेंट कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर सर्वेश कुमार प्रजापति से जानते हैं कि उनकी इस विषय पर क्या राय है?

पहले जानें सीने के दर्द के कारण और प्रकार

सीने में दर्द कई कारणों से उत्पन्न हो सकता है। उच्च रक्तचाप से प्रभावित हृदय की मांसपेशियां मोटी हो जाती हैं, जिससे एंजाइना नामक दर्द होता है। यह दर्द भारीपन, जलन या दबाव जैसा महसूस होता है और शारीरिक श्रम या तनाव पर बढ़ जाता है। हालांकि, गैस्ट्राइटिस, मांसपेशी खिंचाव या फेफड़ों की समस्या भी समान दर्द पैदा कर सकती है। हृदय संबंधी दर्द बाएं हाथ, जबड़े या पीठ तक फैलता है।

हाई बीपी और हार्ट अटैक से संबंध

उच्च रक्तचाप हार्ट अटैक का प्रमुख जोखिम कारक है। क्षतिग्रस्त धमनियों में प्लाक फटने पर रक्त का थक्का बन जाता है, जो हृदय तक रक्त प्रवाह रोक देता है। अध्ययनों से पता चलता है कि 160 मिमी एचजी सिस्टोलिक दबाव पर आठ वर्षों में हृदयाघात का जोखिम 4.8 प्रतिशत रहता है। सीने का दर्द इस स्थिति की शुरुआती चेतावनी हो सकता है, विशेषकर यदि सांस फूलना, मतली या पसीना साथ हो। फिर भी, हर दर्द हार्ट अटैक नहीं होता।

जोखिम कारकों का मूल्यांकन

उच्च रक्तचाप के साथ मधुमेह, धूम्रपान, मोटापा या पारिवारिक इतिहास होने पर खतरा बढ़ जाता है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार, अनियंत्रित हाइपरटेंशन हार्ट अटैक, स्ट्रोक और हार्ट फेलियर का कारण बनता है। महिलाओं में रजोनिवृत्ति के बाद और पुरुषों में 45 वर्ष से अधिक आयु पर सतर्कता आवश्यक है। नियमित जांच से प्रगति रोकी जा सकती है।

कैसे करें हाई बीपी और हार्ट अटैक के लक्षणों की पहचान

हार्ट अटैक के लक्षणों में लगातार सीने का दर्द प्रमुख है, जो 20 मिनट से अधिक रहता है। उच्च रक्तचाप वाले रोगियों में सिरदर्द, चक्कर या थकान भी जुड़ सकती है। ईसीजी सामान्य होने पर भी ट्रोपोनिन टेस्ट से पुष्टि होती है। लक्षणों को नजरअंदाज करने से मृत्यु दर बढ़ जाती है।

कैसे करें उपचार?

निदान के लिए ईसीजी, इकोकार्डियोग्राफी और एंजियोग्राफी आवश्यक हैं। उच्च रक्तचाप वाले रोगी को तत्काल चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए। रक्तचाप नियंत्रण के लिए दवाएं जैसे एसीई इनहिबिटर्स या बीटा ब्लॉकर्स दी जाती हैं। जीवनशैली में परिवर्तन भी महत्वपूर्ण हैं।

रक्तचाप को कैसे करें नियंत्रित

रक्तचाप नियंत्रित रखने से हृदयाघात का जोखिम 23 प्रतिशत तक कम हो जाता है। इसके लिए आप नमक का सेवन सीमित करें, 5 ग्राम प्रतिदिन से कम। नियमित व्यायाम जैसे 30 मिनट पैदल चलना, फल-सब्जियां बढ़ाएं। धूम्रपान त्यागें और वजन संतुलित रखें। वार्षिक स्वास्थ्य जांच ज़रूरी है।

कब लें डॉक्टर की सलाह

उच्च रक्तचाप में सीने का दर्द हार्ट अटैक का संकेत हो सकता है, परंतु हमेशा नहीं। तत्काल अस्पताल पहुंचें। दवाओं के नियमित सेवन और जीवनशैली सुधार से स्थिति नियंत्रित रहती है। स्व-निदान से बचें।

Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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