क्या Sunscreen लगाने से Cancer का रिस्क कम हो जाता है? डॉक्टर दे रहे हैं इसका जवाब
सनस्क्रीन सिर्फ टैनिंग से बचने के लिए नहीं है बल्कि यह कैंसर के लंबे समय के जोखिम को भी घटाने में मदद कर सकती है। आइए डॉक्टर से जानते हैं इसके बारे में-
Does applying sunscreen reduce the risk of cancer: गर्मियों का मौसम आते ही चेहरे को सूरज की हानिकारक किरणों से बचाने के लिए सनस्क्रीन लगाते हैं। सूरज की किरणें त्वचा को नुकसान न पहुंचाए, इसके लिए दिन में 2 बार या कोई बार 3 से 4 बार भी लोग सनस्क्रीन को लगाते हैं। भारत में बढ़ते सनस्क्रीन के चलन को देखते हुए कई तरह की बातें कहीं जाती हैं। इन बातों में सबसे प्रमुख है सनस्क्रीन लगाने से कैंसर का खतरा कम हो जाता है। गर्मियों का मौसम आ चुका है, तो इस सवाल का जवाब जानना बहुत जरूरी है कि क्या वाकई सनस्क्रीन लगाने से कैंसर का खतरा कम हो जाता है? आज इस आर्टिकल में इसी सवाल का जवाब तलाशने की कोशिश करेंगे। इस बारे में अधिक जानकारी दे रहे हैं पुणे के पिंपरी स्थित डीपीयू सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के प्रोफेसन डॉ. रोहित कोठारी।
क्या सनस्क्रीन लगाने से कैंसर का खतरा कम होता है?
इस सवाल का सीधा सा जवाब है- हां। सनस्क्रीन का नियमित इस्तेमाल त्वचा के कैंसर के जोखिम को कम करने में काफी मददगार साबित हो सकता है। डॉ. रोहित कोठारी का कहना है कि रोजाना चेहरे को क्लींजर से साफ करने के बाद सनस्क्रीन को सही तरीके से लगाया जाए, तो इससे कैंसर का खतरा काफी हद तक कम किया जा सकता है। दरअसल, सूरज से निकलने वाली अल्ट्रावॉयलेट (UV) किरणों के संपर्क में आना त्वचा को नुकसान पहुंचाने के मुख्य कारणों में से एक है। समय के साथ, यह नुकसान जमा होता जाता है। इसके कारण कैंसर का खतरा कई गुणा ज्यादा हो जाता है।
धूप से किन कैंसर का खतरा रहता है?
डॉक्टर बताते हैं कि जो व्यक्ति धूप में ज्यादा समय बिताते हैं और सनस्क्रीन या किसी अन्य प्रकार के प्रोटेक्शन का इस्तेमाल नहीं करते हैं, तो उनकी त्वचा में मेलानिन का प्रोडक्शन तेजी से बढ़ने लगता है। इससे विभिन्न प्रकार के स्किन कैंसर का खतरा रहता है। धूर के कारण मेलानोमा, स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा और बेसल सेल कार्सिनोमा जैसे स्किन कैंसर का खतरा ज्यादा देखा जाता है। UVB किरणें सनबर्न और DNA को सीधे नुकसान पहुंचाने के लिए जिम्मेदार होती हैं, जबकि UVA किरणें त्वचा की गहराई तक पहुंचकर लंबे समय तक होने वाले नुकसान और बुढ़ापे के लक्षणों को बढ़ाने में मदद करती है। यह दोनों ही कैंसर से जुड़े हुए हैं।
FAQ'S
1. रोजाना चेहरे पर सनस्क्रीन कैसे लगाएं?
2. सनस्क्रीन चेहरे पर क्या काम करता है?
3. सबसे अच्छा सनस्क्रीन कौन सा है?
सनस्क्रीन कैसे कैंसर से बचाव करती है?
जब आप चेहरे, मुंह और गर्दन पर सनस्क्रीन का इस्तेमाल करते हैं, तो इससे चेहरे के ऊपर एक लेयर बन जाती है।
यह सूरज की हानिकारक UV किरणों से त्वचा को बचाने का काम करती है। ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन (SPF 30 या उससे ज़्यादा) का इस्तेमाल करने से UVA और UVB, दोनों तरह की किरणों को रोकने में मदद मिलती है। अध्ययनों से पता चला है कि लगातार सनस्क्रीन का इस्तेमाल करने से कैंसर से पहले होने वाले घावों और त्वचा के कुछ खास तरह के कैंसर का खतरा कम हो जाता है।
सनस्क्रीन का इस्तेमाल कैसे करें?
डॉक्टर का कहना है कि कैंसर से बचाव के लिए सनस्क्रीन को सही तरीके से इस्तेमाल करना बहुत जरूरी है। सनस्क्रीन को हमेशा धूप में निकलने से लगभग 15 से 20 मिनट पहले अच्छी मात्रा में लगानी चाहिए और हर 2 से 3 घंटे में इसे दोबारा लगाना चाहिए, खासकर तब जब आप बाहर हों, पसीना आ रहा हो या आपने अपना चेहरा धोया हो। धूप में निकलते समय यह बात भी ध्यान रखना जरूरी है कि सिर्फ सनस्क्रीन लगाना जरूरी नहीं हैं। सनस्क्रीन के साथ ही टोपी और धूप का चश्मा पहनना भी बहुत जरूरी है।