
विद्या शर्मा
विद्या शर्मा को डिजिटल मीडिया में लगभग 3 साल का अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता ... Read More
Written By: Vidya Sharma | Published : June 17, 2026 6:37 PM IST
Medically Verified By: Dr. Sama Akbar
प्रोटीन पाउडर
क्या आप भी जिम जाते हैं और जिम जाने के बाद अपनी मसल्स ग्रोथ के लिए प्रोटीन पाउडर ले रहे हैं? हम में से बहुत से लोग घर के खाने के साथ-साथ प्रोटीन पाउडर का इनटेक भी करते हैं, जिसका कारण है जल्दी-जल्दी मसल्स देन करना। इसी जल्द बाजी में या तो हम गलत प्रोटीन ले लेते हैं या फिर जो प्रोटीन लेते हैं उसे कुछ ज्यादा ही मात्रा में खा लेते हैं। हमें यह सब नॉर्मल लगता है, लेकिन कैसा हो अगर हम आपको कहें कि प्रोटीन पाउडर लेने की वजह से आपको हार्ट एटैक आ सकता है? आपका ब्लड प्रेशर हाई हो सकता है? तो?
हमने चेन्नई के ऑक्सीमेड हॉस्पिटल के कंसलटेंट कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर समा अकबर से बात की। उन्हे पूछा कि "क्या वाकई प्रोटीन पाउडर लेने से हार्ट अटैक आता है या दिल से जुड़ी समस्याएं बढ़ रही हैं?" उन्होंने क्या जवाब दिया, आइए इस आर्टिकल में विस्तार से जानते हैं। साथ ही हम यह भी जानें कि कैसे आप सही प्रोटीन का चुनाव कर सकते हैं।
डॉक्टर बताते हैं कि "प्रोटीन पाउडर को अक्सर उसका कॉंस्टिट्यूशन के हिसाब से देखा जाता है। हम कह सकते हैं कि मार्केट में बहुत ही अधिक वराइटीज के प्रोटीन पाउडर मिलते हैं और इसी वजह से हमारे पास बहुत सारे चॉइस हैं। लेकिन सही प्रोटीन पाउडर कौन सा है? हमको पता नहीं है।"
ऐसा सिर्फ किसी एक नहीं बल्कि कई जिम फ्रीक लोगों के साथ होता है। डॉक्टर आगे बताते हैं कि "इसके लिए थोड़ा सा रिसर्च करना पड़ेगा। प्रोटीन पाउडर यूटिलाइजिंग करने से पहले, हमको कितना प्रोटीन चाहिए? कितना रेशो चाहिए? यह सभी बातें हमको पता लगनी चाहिए।
डॉक्टर समा बताते हैं कि "वर्कआउट स्टार्ट करने से पहले आपका वेट कितना है, यह पता करें।" उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि "मान लीजिए आप 60 के.जी के हो। रिक्वायर डेली अलाउंस (RDA) जो वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेश द्वारा रेकमेंटेड है, के अनुसार- 1 किलो बॉडी वेट के हिसाब से 1 ग्राम प्रोटीन काफी है।
बहुत से लोग भर-भरकर प्रोटीन खाते हैं, उन्हेंल लगता है कि शरीर में जितना ज्यादा प्रोटीन जाएगा उतना ही मसल गेन होगा। लेकिन ऐसा नहीं है। लोगों की इस गलतफहमी को दूर करते हुए डॉक्टर समा बताया हैं कि "यह 200 ग्राम प्रोटीन या 400 ग्राम प्रोटीन लेने से कुछ भी नहीं होगा। बस आपका किडनीज खत्म हो जाएगा, आपको डायरिया हो जाएगा, आपके पिशाब में प्रोटीन लीक हो जाएगा, जोकि बिल्कुल भी सही नहीं है। इसलिए आप इसे वन ग्राम पर केजी बॉडी वेट लें।"
"वही यह एक अच्छा मसला है और वो यह कि हमें टार्गेट करना चाहिए कि और कौन सा ब्रांड है, हम अगमार्क या कोई रिसर्च करके पता कर सकता है। अब कई सारे एप्स हैं, वो क्यू आर कोड स्कैन करके उसका ऑथेंटिसिटी, कितना असल कोनसनट्रेशन है?, कौन सा कम्पनी है क्या डेरेवेटिव (derivative) है? उसमें कौन से अमीनो एसिड्स हैं, वो भी हम पता लगा सकते हैं।"
डॉक्टर ने बताया कि कई प्रोटीन पाउडर में क्रियाटीन अधिक मात्रा में होता है। वह कहते हैं "प्रोटीन पाउडर में क्रिएटिनिन (Creatinine) है क्या नहीं? कई प्रोटीन पाउडर में क्रिएटिनिन ज्यादा होता है। इसी क्रिएटिनिन की वजह से किडनी डैमेज हो सकती है। इसलिए क्रिएटिनिन वाले प्रोटीन पाउडर या सप्लीमेंट लेना शुरू करने से पहले आपको अपना रीनल फंक्शन टेस्ट (Renal Function Test) करना चाहिए और ये सब कुछ आपका जनरल प्रेक्टीशनर ही आपको सजेस्ट कर सकता है।
आप में से कई लोगों के मन में यही सवाल आया होगा कि भला सही प्रोटीन पाउडर कैसे चुनें? तो इसके लिए डॉक्टर ने लेबल पर 5 जरूरी एसिड के बारे में बताया हैं, जो प्रोटीन पाउडर में होने चाहिए। वह कहते हैं कि "अमीनो एसिड मतलब ल्यूसीन, आइसोल्यूसीन, वैलीन, टायरोसीन और ट्रिप्टोफैन। ये असेंशियल अमीनो एसिड्स हैं।"
डॉक्टर ने कहा कि "आप लोगों को ये जानकारी भी नहीं होगी, लेकिन सिर्फ आपके फोन में कुछ ऐप्स रख सकते हैं। आपको अराम से मालूम पड़ जाएगा कि ये कितना वैराइटी का प्रोटीन पाउडर है, इसका ऑथेंटीसिटी कितना है? तो ये ऐप चैकर तो है ही, जिसमें आप चेक करके फिर प्रोटीन पाउडर खरीदें।" डॉक्टर प्रोटीन पाउडर के प्राइस को लेकर कहते हैं हैं कि "सबकी अलग-अलग किमत होती है, लेकिन बेहतर है कि आप लार्ज ऑनलाइन ऐप्स से खरीदने की बजाय, स्टोर में जाकर लें।
डॉक्टर समा कहते हैं कि "प्रोटीन पाउडर का एक खैसियत है, कि वो जल्द से एक्सपायर हो जाते हैं। ज्यादा से ज्यादा 3 से 6 महीने में, उसके बाद उसका पोटेंसी (Potency) कम हो जाती है या फंगस (Fungus) उसमें ग्रो हो सकता है।
इसका जवाब देते हुए डॉक्टर कहते हैं कि "प्रोटीम पाउडर की प्रोपर स्टोरेज एक अच्छा मसला है। एयरटाइट वैक्यूम कंटेनर में उसको स्टोर करना चाहिए। साथ ही जब आप प्रोटीन पाउडर लेते हैं, तो चम्मच में कभी-कभी पानी लग जाता है। वो फिर से इस्तेमाल करने से डिहाइड्रेशन खत्म हो जाचा है।"
डॉक्टर कहते हैं कि "ये सब पाउडर डीहाइड्रेट होकर रख जाते हैं। क्यों? ताकि फंगस ग्रो न करे, क्योंकि जब मॉइस्ट, डार्क या उमस भरा वातावरण होता है तो थोड़ा थोड़ा फंगस भी ग्रो कर सकता है। इससे प्रोटीन पाउडर जहरीला हो सकता है।
डिस्क्लेमर: अगर आप भी प्रोटीन पाउडर लेने की सोच रहे हैं या अभी किसी प्रोटीन पाउडर का इनटेक कर रहे हैं तो डॉक्टर या फिटनेस कोट से बात करें। साथ ही इस बात का भी ध्यान रखें कि प्रोटीन पाउडर का ज्यादा इनटेक आपकी मसल्स को नहीं बढ़ाएगा, बल्कि किडनी और हार्ट को डैमेज करेगा।