
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Published : March 24, 2023 5:09 PM IST
Causes of anemia: एनीमिया एक ऐसा ब्लड डिसऑर्डर है, जो काफी गंभीर तो है लेकिन अगर इसका समय रहते देखभाल की जाए तो स्थिति गंभीर नहीं हो पाती है। हमारे देश में एनीमिया के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं और ऐसा आमतौर पर खराब लाइफस्टाइल व सही डाइट न होने के वजह से हो रहा है। इसके बढ़ते खतरे के बीच हर किसी को सावधान रहने की जरूरत है, लेकिन यह पता होना भी बहुत जरूरी है कि एनीमिया होने का खतरा किन लोगों में ज्यादा होता है। इस बारे में एक्सपर्ट राय लेने के लिए हमने दिल्ली शालीमार के मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में कंसलटेंट, हेमाटोलॉजी, हेमाटो-ओंकोलॉजी एंड बोन मेरो ट्रांसप्लांट एक्सपर्ट डॉक्टर अमृता चक्रबर्ती से बात की। डॉक्टर अमृता ने एनीमिया विकसित होने से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां दी।
डॉक्टर अमृता के अनुसार एनीमिया ऐसी कंडीशन है, जिसमें खून में लाल रक्त कोशिकाओं (RBC) की कमी हो जाती है। आरबीसी यानी रेड ब्लड सेल्स का मुख्य काम शरीर के सभी अंगों व ऊतकों तक ऑक्सीजन पहुंचाना होता है। डॉक्टर ने बताया कि एनीमिया आमतौर पर तीन अलग-अलग तरीकों से हमारे शरीर में हो सकता है। जिसमें पहला है खून की कमी होना, दूसरा खून या आरबीसी बनना बंद हो जाना और तीसरा है किसी कारण से आरबीसी नष्ट हो जाना।
1. खून की कमी से होने वाला एनीमिया - एनीमिया का यह प्रकार आमतौर पर प्रजनन की उम्र वाली महिलाओं में होता है, क्योंकि मानसिक धर्म के दौरान उनके शरीर से रक्त काफी निकल जाता है। दूसरा बुजुर्ग व पोस्टमेनोपजल की उम्र के बाद भी महिलाओं में खून की कमी से होने वाला एनीमिया हो सकता है।
2. खून या आरबीसी बनना कम हो जाना - एनीमिया का यह प्रकार आमतौर पर शरीर में आयरन, विटामिन बी 12 और फोलिक एसिड की कमी के कारण हो सकता है। खासतौर पर प्रेग्नेंट महिलाओं में आयरन की कमी होने का खतरा ज्यादा रहता है और ऐसा इसलिए है क्योंकि इस दौरान महिलाओं के शरीर में आयरन की जरूरत बढ़ जाती है और उसकी पूर्ति नहीं हो पाती है। विटामिन बी 12 की कमी आमतौर पर वेजिटेरियन और वीगन लोगों में पाई जाती है। ऐसा इसलिए क्योंकि एनीमल सोर्स फूड में ही विटामिन बी12 पाया जाता है।
3. आरबीसी नष्ट होना - शरीर के अंदर जब किसी कारण से लाल रक्त कोशिकाएं नष्ट होने लगती हैं, तो इशके कारण भी एनीमिया हो जाता है। ऐसा आमतौर पर किसी ऑटोइम्यून डिजीज, वायरल इन्फेक्शन या फिर किसी प्रकार की दवा लेने के कारण हो सकता है। साथ ही कुछ प्रकार के कैंसर भी हैं, जो शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं को नष्ट कर सकते हैं।
डॉक्टर अमृता के अनुसार जिन महिलाओं की प्रजनन की उम्र है, जो बच्चे कुपोषण का शिकार हैं, कोई महिला लगातार प्रेग्नेंसी कर रही है और वेजिटेरियन व वीगन लोग वे ग्रुप हैं, जिन्हें एनीमिया होने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। इसके अलावा कुछ अन्य हेमोटोलॉजिकल डिसऑर्डर (रक्त से संबंधी रोग) भी हैं, जो एनीमिया होने का खतरा बढ़ा सकते हैं और इनमें माइलोडिस्प्लास्टिक सिंड्रोम, एप्लास्टिक एनीमिया और ब्लड कैंसर आदि। साथ ही कुछ क्रोनिक डिजीज जैसे क्रोनिक किडनी डिजीज, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल डिजीज और आर्थराइटिस ऐसी बीमारियां हैं, जो एनीमिया होने के खतरे को बढ़ाती हैं। जन्म से पाई जाने वाली कुछ बीमारियां जैसे थैलेसीमिया, सिकल सेल डिजीज या बोन मेरो से जुड़े कुछ डिसऑर्डर या सिंड्रोम आदि भी एनीमिया विकसित होने के खतरे को बढ़ाते हैं। जिन लोगों के परिवार में पहले से ही किसी को एनीमिया की समस्या है या पहले हो चुकी है, तो उनमें भी यह बीमारी होने का खतरा बढ़ जाता है।