
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
Written By: Rashmi Upadhyay | Updated : June 30, 2021 3:01 PM IST
डेल्टा वेरिएंट के खिलाफ कोवैक्सीन Covaxin या कोविशील्ड Covishield वैक्सीन कितनी सक्सेसफुल है? जानिए
Delta Variant In India: डेल्टा वेरिएंट या डेल्टा प्लस वेरिएंट कितना खतरनाक है? यह कितनी जल्दी फैलता है? और यह अपने पीक पर कब पहुंच सकता है? ऐसे सवालों का जवाब देते हुए इंडिया के कोविड टास्क फोर्स के चीफ डॉक्टर वीके पॉल (India’s Covid Task Force chief VK Paul) कहते हैं कि जब तक हमें किसी वायरस का वेरिएंट का बिहेवियर पता न हो तब तक उसके बारे में कुछ भी कहना सही नहीं होगा। क्योंकि अभी डेल्टा वेरिएंट पर रिसर्च चल रही है इसलिए यह नहीं कहा जा सकता है कि यह अपने पीक पर कब होगा या ये किस हद तक लोगों को प्रभावित कर सकता है। डॉक्टर वीके पॉल कहते हैं कि सही दिशा में काम करने से भारत बड़ी से बड़ी महामारी से निपट सकता है। वीके पॉल जो नीति आयोग के सदस्य भी हैं, उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि अभी तक ऐसा कोई साइंटिफिक डाटा नहीं है तो यह दावा कर सके कि कोरोना का नया वेरिएंट काफी तेजी से फैलता है और इस पर वैक्सीन का असर होगा या नहीं।
वीके पॉल का कहना है कि कोरोना की अगली लहर कई बातों पर निर्भर करती है, जैसे कि नए वेरिएंट का नेचर कैसा है, टेस्टिंग कितनी हो रही है, कंटेनमेंट जोन स्ट्रेटिजी क्या है और वेक्सीनेशन रेट कया है आदि। उन्होंने कहा "अभी से कोरोना की तीसरी लहर की तारीख बताना मेरे हिसाब से सही नहीं है।" उन्होंने कहा कि हालांकि कोरोना संक्रमण काफी हद तक नियंत्रण में है और रोज आने वाले कोरोना पॉजिटिव के केस 4 लाख से गिरकर 50,000 पर आ गए हैं। अगर कोरोना नियमों का पालन किया जाए तो खतरे से बचा जा सकता है। हालांकि ICMR की एक नई स्टडी के अनुसार कोरोना की तीसरी लहर आने में अभी 6-8 महीने का वक्त है। इस रिसर्च के मुताबिक भारत में कोरोना की तीसरी लहर साल के अंत यानि कि दिसंबर से लेकर फरवरी 2022 तक आ सकती है।
डेल्टा वेरिएंट के खिलाफ कोवैक्सीन (Covaxin) या कोविशील्ड (Covishield) वैक्सीन कितनी सक्सेसफुल है, इसका जवाब देते हुए वीके पॉल का कहना है कि ICMR की रिसर्च के मुताबिक भारत की ये दोनों वैक्सीन Covaxin या Covishield डेल्टा वेरिएंटके खिलाफ कारगार हैं। फिलहाल भारत में कोरोना संक्रमण के खिलाफ कोवैक्सीन (Covaxin), कोविशील्ड (Covishield) और स्पुतनिक (Sputnik V) लग रही हैं।
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