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डॉक्टर ने बताया युवाओं में दिल की बीमारियों की 8 प्रमुख वजह, जो कम उम्र में बन रही है मौत का कारण

युवाओं में बढ़ते हुए हृदय रोगों के बढ़ने के कई कारण हो सकते हैं, जिसके बारे में एशियन हार्ट इंस्टीट्यूट मुंबई के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉक्टर संतोष कुमार डोरा एक्सपर्ट ने जानकारी शेयर की है।

Written By Atul Modi
Published : July 4, 2022 7:08 PM IST

पिछले कुछ वर्षों में विशेषज्ञों द्वारा यह अनुभव किया गया है कि, एक आम युवा से लेकर बड़े-बड़े सेलिब्रिटी तक हृदय रोगों (Cardiovascular Disease) की चपेट में आ रहे हैं। हाल ही में कई जानी-मानी हस्तियों की कम उम्र में हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट जैसी दिल की बीमारियों से मौत होने की बात सामने आ चुकी है। इससे ना सिर्फ लोगों में डर पैदा होती है बल्कि लोगों को सीख लेने की भी जरूरत है।

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन (National Library of Medicine) में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, नॉन कम्युनिकेबल डिजीज की बात करें तो इसमें हृदय रोग, कैंसर, क्रॉनिक रेस्पिरेट्री इलनेस, डायबिटीज आदि शामिल हैं। जो करीब 60% मौतों का कारण है। इनमें अकेले हृदय रोग 17.7 मिलियन मौतों के लिए जिम्मेदार हैं और प्रमुख कारण भी हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, भारत में दुनिया भर में इन मौतों का पांचवा हिस्सा विशेष रूप से युवा आबादी में है।

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एशियन हार्ट इंस्टीट्यूट, मुंबई के सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर संतोष कुमार डोरा कहते हैं कि, 'भारतीय युवाओं में हृदय रोगों खासकर हार्ट अटैक, कार्डियक अरेस्ट, स्ट्रोक और कोरोनरी आर्टरी डिजीज (CAD) की संभावना दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। जिसे समय रहते रोकना बहुत जरूरी है। यह जानलेवा है। इससे बचने के लिए जरूरी है कि इन के कारणों को पहचाना जाए और उससे बचाओ के उपाय किए जाएं साथ ही उपचार के लिए किसी अच्छे चिकित्सक से सलाह ली जाए।'

युवाओं में बढ़ते हृदय रोगों के प्रमुख कारण - (Most Common Causes of Cardiovascular Disease In Hindi)

1. हाइपरटेंशन - Hypertension

हाइपरटेंशन को साइलेंट किलर के नाम से भी जाना जाता है। यह बिना किसी चेतावनी के ही काफी हावी हो सकता है। इसके लक्षण भी तुरंत देखने को नहीं मिलते है। धूम्रपान करना, शराब का सेवन करना, खराब खाना खाने की आदतें जैसे अधिक नमक और अधिक फैट से बनी चीजें खाना, ज्यादा वजन बढ़ना, जीवन में स्ट्रेस ज्यादा बढ़ना हाइपर टेंशन के कुछ मुख्य कारण हैं। हाई ब्लड प्रेशर अगर ठीक नहीं किया जाता है तो हार्ट अटैक, स्ट्रोक, किडनी फेल होना और आंखों से जुड़ी समस्या में बदल सकता है।

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2. डायबिटीज - Diabetes

दुनिया भर में हुई रिसर्च के मुताबिक टाइप 2 डायबिटीज से हृदय रोगों का खतरा सबसे ज्यादा बढ़ता है। जितने लम्बे समय तक आपको डायबिटीज होंगी, उतना ही ज्यादा आपका दिल की बीमारी होने का रिस्क बढ़ जाएगा। टाइप 2 डायबिटीज के मरीज हृदय रोगों जैसे ब्लड वेसल डेमेज होना, हाई ब्लड शुगर लेवल आदि के ज्यादा रिस्क में रहते हैं।

3. स्ट्रेस - Stress

स्टडीज ने यह साबित कर दिया है कि लंबे समय तक स्ट्रेस रहना व्यक्ति को अन हेल्दी ऑप्शन चुनने पर मजबूर कर सकती है। अगर काम से जुड़ी स्ट्रेस देखने को मिल रही है तो खराब लाइफस्टाइल चॉइस की संख्या भी बढ़ सकती है। स्टडीज ने यह भी दर्शाया है कि ऐसी स्ट्रेस के मरीज आगे जा कर हाई कोलेस्ट्रॉल लेवल और डायबिटीज जैसी बीमारियों के रिस्क में ज्यादा रहते हैं।

4. कोलेस्ट्रॉल - Cholesterol

यह एक आवश्यक मॉलिक्यूल है जो आपका शरीर प्राकृतिक रूप से प्रोड्यूस करता है। आप खाद्य पदार्थों जैसे अंडे, श्रींप का सेवन करने से भी इसे प्राप्त करते हैं। अगर इसका मात्रा काफी ज्यादा हो जाती है तो कोरोनरी आर्टरी डिजीज जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। यह आपके सॉफ्ट टिश्यू और आर्टरीज जैसे ऑर्गन में प्लैक डिपोजिट का कारण बन सकता है जिससे आपका माइकार्डियल इन्फार्क्शिन या एंजिना का रिस्क बढ़ सकता है।

5. मोटापा - Obesity

आपकी सेहत के लिए मोटापा काफी रिस्की होता है। यह डायबिटीज का कारण बन सकता है, जो कार्डियो वैस्कुलर डिजीज और स्ट्रोक में परिवर्तित हो सकती है। वर्ल्ड हार्ट फेडरेशन के मुताबिक, मोटा व्यक्ति हाई ब्लड प्रेशर और टाइप 2 डायबिटीज का ज्यादा रिस्की होता है जो दिल की बीमारियों का कारण बन सकती हैं।

6. स्मोकिंग - Smoking

अगर आप एक दिन में एक सिगरेट का डिब्बा पीते हैं तो इससे आपके जीवन में रिस्क उन लोगों के मुकाबले चार गुणा बढ़ जाता है जो धूम्रपान नहीं करते हैं। स्मोकिंग करने से आपके आस पास के लोगों के लिए भी खतरा बढ़ जाता है।

7. प्रदूषण - Pollution

बढ़ा हुआ वायु प्रदूषण भी दिल से जुड़े डिसऑर्डर को बढ़ाने में एक अहम भूमिका निभा रहा है। इससे हार्ट अटैक, हार्ट फेलियर, स्ट्रोक और एरिथमिया का खतरा बढ़ जाता है। स्टडीज के मुताबिक प्रदूषित हवा में रहने से हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।

8. पारिवारिक हिस्ट्री - Family History

अगर आपके माता-पिता 55 साल की उम्र से पहले ही हृदय रोगों के मरीज बन जाते हैं तो आपके भी ऐसी ही बीमारी के मरीज बनने की 50% संभावना बढ़ जाती है।

हार्ट अटैक (हृदय रोगों) से बचने के लिए क्या करें - (How to to Prevent Heart Attack)

  • आपकी पारिवारिक हिस्ट्री के बारे में पता लगाएं। यह जानें कि आपके भाई बहन, मां-बाप या दादा-दादी को दिल की बीमारियां थी या नहीं। अगर ऐसा था तो उस समय वह कितने साल के थे। अगर कोरोनरी आर्टरी डिजीज की स्ट्रॉन्ग फैमिली हिस्ट्री पाई जाती है तो आपको कार्डियोलॉजिस्ट से इवेल्यूएट करवाना चाहिए, चाहे आपकी उम्र काफी कम ही क्यों न हो।
  • अपनी लिपिड प्रोफाइल, ब्लड शुगर लेवल, ब्लड प्रेशर को नियमित रूप से चेक करते रहें।
  • शारीरिक रूप से एक्टिव रहें और हेल्दी वेट बना कर रखें। एक हफ्ते में मॉडरेट इंटेंसिटी वाली 150 मिनट तक एक्सरसाइज जरूर करें।
  • धूम्रपान न करे और जो लोग करते हैं उनसे भी बचें।
  • होल ग्रेन फाइबर, लीन प्रोटीन, रंग बिरंगे फलों और सब्जियों, फलियां और दालें, लो फैट डाइट्री प्रोडक्ट्स, बिना स्किन की मछली और पोल्ट्री जैसी चीजों को डाइट में शामिल करें। एरेटेड ड्रिंक्स, अधिक शुगर और नमक की चीजों से, इंस्टेंट और पैक्ड फूड, जंक फूड से दूर ही रहें।
  • अपने परिवार और दोस्तों के लिए समय बचा कर रखें। परिवार के लिए समय समय पर छुट्टी लें। अपनी स्ट्रेस का कारण समय समय पर दोस्तों और परिवार को बताएं। किसी साइको थेरेपिस्ट से बात करें।

(Inputs By: Dr. Santosh Kumar Dora, Senior Cardiologist, Asian Heart Institute, Mumbai)

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