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डायबिटीज के मरीजों को ठंड में किडनी फेल्योर का खतरा ज्यादा! सिर्फ 3 टिप्स से रखें गुर्दों को सेफ
जब आपको डायबिटीज होती है, तो आपके लिए अपनी किडनी की देखभाल करना महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि यह आपके खून से गंदगी को छानने और उसे खून से निकालने वाला महत्वपूर्ण काम करती है। इसके अलावा किडनी पानी का संतुलन बनाए रखने, हड्डियों के स्वास्थ्य की देखभाल करने, विटामिन डी और एरिथ्रोपोइटिन के संश्लेषण ( यह एक पदार्थ होता जो हीमोग्लोबिन के लेवल को बनाए रखता है।) का काम करती है | लेकिन डायबिटीज किडनी (doctor tips for diabetes patient) को नुकसान पहुंचा सकती है और इस वजह से किडनी के फंक्शन में प्रोग्रेसिव नुकसान हो सकता है। यह पूरी दुनिया में किडनी के फेल होने का प्रमुख कारण है। एडवांस किडनी फेल होने वाले लोगों को या तो डायलिसिस या किडनी ट्रांसप्लांट की जरुरत होती है। हालांकि किसी की किडनी धीरे-धीरे भी डैमेज हो सकती है और किसी नेफ्रोलोजिस्ट से कंसल्ट करने के अलावा आप अपनी लाइफस्टाइल, डाइट में थोड़ा सा बदलाव करके और स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहके इसकी हालत और ज्यादा खराब (doctor tips for diabetes patient) होने से बचा सकते हैं।
सर्दियों में डायबिटीज के मरीजों की देखभाल करना बहुत जरूरी होता है। क्योंकि इस दौरान दिन छोटा होता है, और इस वजह से हम सूर्य के प्रकाश में बहुत कम आते हैं, यह वास्तविक रूप से मानसिक चुनौती हो सकती है। सूर्य के प्रकाश की कमी का मतलब होता है कि स्ट्रेस और थकान में वृद्धि। ज्यादा सर्दी होने पर शरीर में तनाव (स्ट्रेस) और ऐठन पैदा होती है। यह स्ट्रेस कभी-कभी एड्रेनलिन और कोर्टीसोल जैसे हार्मोन को रिलीज करता है। ये सर्वाइवर हार्मोन से लीवर एनर्जी के लिए ज्यादा ग्लूकोज रिलीज करता है , जिसके परिणामस्वरूप सामान्य से ज्यादा ब्लड शुगर का लेवल हो सकता है। इसी तरह ठंड के मौसम में खून में थक्का भी जमता है क्योंकि इस दौरान खून गाढ़ा हो जाता है, इसका कारण यह है कि सर्दियों के महीनों में कम शारीरिक एक्टिविटी होती है। ऐसे हालात डायबिटीज के मरीजों (doctor tips for diabetes patient)की जिंदगी के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं, इसमें ब्लड प्रेशर ज्यादा हो जाता है।
तापमान और मौसम की स्थिति के अलावा ब्लड शुगर हाइड्रेशन, एक्सरसाइज, और जो भोजन हम खाते हैं उस पर भी निर्भर करता है, लेकिन हाइड्रेशन हमें स्वस्थ रखने के लिए सबसे महत्वपूर्ण तत्व होता है। डायबिटीज से पीड़ित लोगों को डीहाइड्रेशन का खतरा होता है, जो कंट्रोल न होने पर खतरनाक हो सकता है क्योंकि इससे डायबिटिक कीटोएसिडोसिस हो सकता है। पर इसी समय डीहाइड्रेशन कंफ्यूजन भी पैदा कर सकता है, इसमें व्यक्ति को लग सकता है कि उसका ब्लड शुगर कम है। इसलिए डायबिटीज मरीजों के लिए यह जरूरी है कि वे सर्दियों में अच्छी तरह से हाइड्रेटेड रहें और वे अपने ब्लड शुगर को बार-बार चेक करते रहें।
हम सभी जानते हैं कि किडनी हमारे शरीर में से गंदिगी को फिल्टर करके उसे शरीर के बाहर निकालती है और इस वजह से हमारी किडनी स्वच्छ और स्वस्थ बनी रहती है। जब किसी को डायबिटीज (doctor tips for diabetes patient)होती है तो यह हमारे शरीर में ब्लड वेसल्स और कैपिलरीज को नुकसान पहुंचाती है और इस वजह से प्रोग्रेसिव डैमेज होता है। ये छोटी-छोटी ब्लड वेसल्स ब्लड को किडनी में लाती है जहाँ पर ब्लड से गंदिगी को फ़िल्टर किया जाता है। हालांकि जब ब्लड वेसल्स डैमेज होती है तो ब्लड किडनी में नही जाता है और इस वजह से ब्लड के फ़िल्टर करने और गंदिगी को मूत्र के जरिये निकालने का काम मुश्किल हो जाता है।
इस कारण से आपके शरीर में खतरनाक पदार्थ, नमक, और बहुत ज्यादा पानी बिना हीमोग्लोबिन में गिरावट के रह जाता है और इससे हमारी हड्डी का स्वास्थ्य प्रभावित होता है। इससे आप अपनी यूरिन में जरूरी प्रोटीन को खो सकते हैं।
कोलेस्ट्राल के हाई लेवल से किडनी ज्यादा डैमेज होती है। यह बहुत जरूरी हो जाता है कि आप कार्डियोवस्कुलर और रीनल हेल्थ के लिए कोलेस्ट्राल को कम रखें। अगर कोलेस्ट्राल बढ़ता है, तो इस वजह से किडनी के डैमेज होने की संभावना बढ़ जाती है। कोलेस्ट्राल के लेवल को कंट्रोल में रखना बहुत जरूरी होता है।
जंक फ़ूड को खाना बंद करें। जो भी ट्रांस फैट हम खाते हैं वह हमारी किडनी के लिए नुकसान दायक होता है। आपकी डाइट में ज्यादा शुगर नहीं होनी चाहिए क्योंकि इससे आपके शरीर में खतरनाक तत्व बनते हैं। फलों, सब्जियों, सेरिल्स, अनाज, और भरपूर फाइबर से युक्त डाईट खाने से कई महत्वपूर्ण ऑर्गन को फेल होने से बचाया जा सकता है।
पर्याप्त हाइड्रेशन हमारी किडनी को विषाक्त पदार्थों और अपशिष्ट उत्पादों को हमारे शरीर से निकालने और खत्म करने में मदद करता है। जब हम शराब पीते हैं, तो हमारी किडनी और अन्य अंगों को पर्याप्त पानी नही मिल पाता है। इसका मतलब यह है कि किडनी आपके शरीर से कम विषाक्त पदार्थों को फ़िल्टर कर पायेगी और ये विषाक्त पदार्थ आपके शरीर में जमा होते रहेंगे। इसलिए हाइड्रेटेड रहना बहुत जरूरी है।
(इनपुटः डॉ. दीपक दीवान, रीजेंसी सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल, एमडी, (नेफ्रोलोजी) डीएम रीनल साइंस डायरेक्टर)