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Diabetes management in monsoon- मॉनसून का सीजन बारिश में भीगने, चाय-पकौड़े (Cahi Pakode) खाने और ढेर सारी मस्ती करने का मौसम होता है। लेकिन, अगर किसी को डायबिटीज की बीमारी हो तो उसके लिए बरसात का मौसम कुछ मुश्किलें भी लेकर आता है। जैसा कि डायबिटीज के मरीजों की इम्यून पॉवर (Low immunity in diabetes patients) अन्य लोगों की तुलना में कम होती है इसीलिए, सीजन बदलते ही कई तरह की बीमारियां इन लोगों को घेर लेती हैं। वहीं, बार-बार बारिश में भीगने से स्किन एलर्जिस (Ski allergies) और पैरों में फंगल इंफेक्शन (Fungal infection in foot) जैसी समस्याए भी डायबिटीज के मरीजों में जल्दी होती हैं। ऐसे में आपको खुद के स्वास्थ्य पर बहुत ध्यान देना चाहिए। डायबिटीज के मरीज मॉनसून में अपना ख्याल कैसे रखें और साथ ही ब्लड शुगर लेवल को अंडर कंट्रोल कैसे रख सकते (Controlling blood sugar level in monsoon) हैं, उसी से जुड़ीं कुछ टिप्स दे रहे हैं कैलाश हॉस्पिटल, नोएडा के डॉ. संजय महाजन (Dr. Sanjay Mahajan, Internal Medicine, Kailash Hospital, Noida), आइए जानते हैं कि किस तरह बदलते मौसम और वायरस-बैक्टेरिया (Virus-Bacteria In Diabetes) के बीच डायबिटीज मरीज खुद को बीमारियों से सुरक्षित रख सकते हैं।
डॉ. संजय महाजन कहते हैं कि, “मानसून का मौसम फ्लू और वॉटर-बॉर्न डिजिजेज का खतरा (Risk of water-born diseases in monsoon) बढ़ा सकता है। यह मौसम डायबिटीज वाले लोगों के लिए गंभीर समस्याएं भी पैदा कर सकता है। इम्यून सिस्टम कमजोर होने के कारण डायबिटीज में जल्दी बीमार पड़ने का खतरा बढ़ जाता है। बरसात के दिनों में लोग फिजिकली एक्टिव नहीं रह पाते और कसरत नहीं कर पाते। इसी तरह पोषण की कमी (Nutirional deficiency) और अन्य तरह की लापरवाहियों के कारण भी बरसात में ग्लूकोज लेवल तेजी से बढ़ सकता है। डायबिटीज मैनेजमेंट के लिए एक संतुलित तरीका अपनाना और भी बहुत जरूरी है।”
एक्सपर्ट ने डायबिटीज मरीजों के लिए कुछ टिप्स भी दीं जिन्हें ध्यान में रखकर आप मानसून का आनंद लेते हुए डायबिटीज को आसानी से मैनेज (Diabetes management in monsoon) कर सकते हैं और ब्लड शुगर लेवल को भी अंडर कंट्रोल रख सकते हैं:
बारिश में स्ट्रीट फूड खानेका लालच किसी को भी हो सकता है। लेकिन, कई बार स्ट्रीट फूड खाने से (Side effects of eating street foods) डायबिटीज मरीजों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। डायबिटीज के मरीजों को दूषित खाना खाने से संक्रमण जल्दी हो सकता है। इसीलिए, स्ट्रीट फूड जैसी चीजें ना खाएं। साथ ही डाइट से जुड़ी इन बातों का ध्यान रखें-
डायबिटीज वाले लोगों को इस मौसम में अपने पैरों का भी बहुत ख्याल रखना चाहिए। दरअसल, बारिश में पैर भीग जाने के बाद उनमें फंगल इन्फेक्शन होने और पैरों में अल्सर होने का खतरा भी बढ़ (Risk of foot ulcer in monsoon) जाता है। ऐसे में बारिश में भीगने के बाद अपने पैरों को अच्छी तरह गर्म पानी और साबुन से साफ करें। पैरों को अच्छी तरह सुखने दें और फिर मोजे पहन लें। नंगे पैर चलने या गड्ढों में भरे पानी में जाने से बचें। बंद और आरामदायक जूते पहनें। इससे आपके पैर पानी में गीले नहीं होगें और फंगल इन्फेक्शन से बचे रहने में भी मदद हो सकेगी।
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बारिश में भीगने के बाद अपने पैरों को गर्म पानी और साबुन के घोल में कुछ देर डुबोकर रखें। इससे इंफेक्शन का रिस्क कम होगा।[/caption]
मानसून में डाइट, एक्सरसाइज की आदतें और टेम्परेचर बदलने के कारण आपका ब्लड शुगर लेवल भी प्रभावित हो सकता (Fluctuating Blood sugar level due to change in temperature) है। वहीं, नमी और तापमान बदलने से इंसुलिन सेंसिटिविटी से जुडी परेशानियां भी हो सकती हैं। इससे आपका ब्लड शुगर लेवल तेजी से बढ़ सकता है या कम हो सकता है। ऐसे में फ्रीस्टाइल लिब्रे और सीजीएम डिवाइस की मदद से अपना ब्लड शुगर लेवल नियंत्रित रखें।
अगर बरसात के दिनों में आपके लिए बाहर जाना संभव नहीं हो पाता तो आप घर पर ही एक्सरसाइज करें। घर के अंदर ही हल्की-फुल्की ए्क्सरसाइज करें। आप 30 मिनट का हल्का वर्कआउट करें। रोजाना सुबह मॉर्निंग वॉक (Morning walk) करें। इससे आपको ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित रखने में मदद हो सकती है।
बदलते मौसम में उमस और गर्मी के कारण डिहाइड्रेशन की समस्या (Dehydration in monsoon season) हो सकती है, जिससे ग्लूकोज को कंट्रोल में रख पाने में मुश्किल आ सकती है। इसीलिए, बरसात में शरीर में पानी की कमी (Sharir mein pani ki kami kyun hoti hai) ना होने दें। दिन में थोड़ी-थोड़ी देर बाद पानी पीते रहें। अगर आप ठंडा पानी नहीं पीना चाहते तो हर्बल टी और फ्लेवर्ड वॉटर जैसे तरीकों से अपना वॉटर इंटेक (Ways to increase water intake in monsoon) बढ़ाएं। इससे हाइड्रेशन में मदद हो सकती है और ब्लड शुगर लेवल भी कंट्रोल (Controlling blood sugar level) में रहता है।
Disclaimer : प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।