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युवक को थी बाल खाने की आदत, पेट से निकला गुच्छा, ट्राइकोबेजोअर की सफल सर्जरी से मिली राहत

दिल्ली के एक हॉस्पिटल में 24 साल के युवक की ट्राईकोबेजोअर की सर्जरी हुई। पेट में जमा होने वाले बालों का एक ठोस गुच्छा होता है। यह सर्जरी कैसे सफल हुई, आइए जानते हैं।

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Written By: Vidya Sharma | Published : June 9, 2026 3:05 PM IST

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Medically Verified By: Dr. Sharad Malhotra

Pet Mai Balo Ka Guccha Kaise Ban Jata Hai: कई बार आपके खाने में बाल आए होंगे और आपने उन्हें उठाकर साइड फेंक दिया होगा। लेकिन क्या कभी यह सुना है कि किसी व्यक्ति के पेट से बालों का गुच्छा निकला हो? भले न सुना हो, लेकिन ऐसा होता है और हुआ भी है। जी हां, ऐसा ही केस दिल्ली के आकाश हेल्थकेयर में 24 साल के युवक अशोक (बदला हुआ नाम) का आया। उन्हें लगातार सीने और पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द हो रहा था और वह परेशान थे।

आकाश हेल्थकेयर के वरिष्ठ सलाहकार एवं गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, हेपेटोलॉजी और थैरेप्यूटिक एंडोस्कोपी विभाग के निदेशक डॉ. शरद मल्होत्रा ने बताया कि "युवक ट्राइकोबेजोआर (Trichobezoar) नामक एक दुर्लभ बीमारी से पीड़ित था। इस स्थिति में निगले गए बाल पेट में जमा होकर एक ठोस गुच्छे का रूप ले लेते हैं, जिसे शरीर न तो पचा सकता है और न ही बाहर निकाल सकता है। पेट में फंसे गुच्छे की वजह से मरीज को पिछले दो से तीन महीनों से दर्द और मतली की समस्या हो रही थी।" फिर ये सर्जरी कैसे सफल रही, आइए डॉक्टर से ही जानते हैं।

पेट से बालों का गुच्छा निकालना हुआ मुश्किल

डॉ. शरद मल्होत्रा ने बताया कि मरीज की अपर गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल एंडोस्कोपी की गई, जिसमें पेट के अंदर बालों का घना और उलझा हुआ गुच्छा दिखाई दिया। दोबारा एंडोस्कोपी करने पर भी यही स्थिति सामने आई। डॉक्टरों ने दोनों बार एंडोस्कोपी के जरिए बालों को निकालने का प्रयास किया, लेकिन गुच्छा काफी बड़ा और सख्त होने के कारण यह संभव नहीं हो सका। इसके बाद मरीज को लैप्रोस्कोपिक सर्जरी के लिए भेजा गया।

कैसी रही लैप्रोस्कोपिक सर्जरी?

इस ऑप्रेशन में डॉक्टर के साथ टीम बनाकर काम कर रहे आकाश हेल्थकेयर में एडवांस्ड लैप्रोस्कोपिक, बैरिएट्रिक और रोबोटिक सर्जरी यूनिट के प्रमुख डॉ. अरुण भारद्वाज ने बताया कि बालों का यह गुच्छा लगभग 9×5 सेंटीमीटर का हो चुका था। एंडोस्कोपी से इसे निकालना संभव नहीं था, इसलिए लैप्रोस्कोपिक तकनीक से ऑपरेशन किया गया। इस प्रक्रिया में केवल 5 मिलीमीटर से 1 सेंटीमीटर तक के छोटे-छोटे चीरे लगाए गए।

उन्होंने बताया कि सर्जरी के दौरान पेट को लैप्रोस्कोपिक तरीके से खोला गया और पूरे बालों के गुच्छे को एक खास (एंडोबैग) की मदद से बाहर निकाला गया। इसके बाद उन्नत लैप्रोस्कोपिक टांकों की मदद से पेट के कट को बंद कर दिया गया। मरीज की रिकवरी काफी अच्छी रही। उसे किसी ड्रेन या ट्यूब की जरूरत नहीं पड़ी और वह आराम से चल-फिर पा रहा था। ऑपरेशन के केवल दो दिन बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

पेशेंट की रीकवरी कैसी रही?

डॉक्टरों के अनुसार सर्जरी के दौरान केवल चार से पांच छोटे चीरे लगाए गए, जिससे शरीर पर बहुत कम निशान बने और मरीज जल्दी स्वस्थ हो गया। पहले उसे तरल आहार दिया गया, फिर धीरे-धीरे सामान्य भोजन पर लाया गया। फिलहाल उसे किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं है।

युवक को थी बाल खाने की आदत

जब हमने डॉक्टर से पूछा की व्यक्ति के पेट से इतने बाल कहां से आए, तो उन्होंने बातया कि ट्राइकोबेजोआर अक्सर ट्राइकोटिलोमेनिया (बार-बार बाल खींचने की आदत) और ट्राइकोफेजिया (बाल खाने की आदत) जैसी मानसिक या व्यवहार संबंधी समस्याओं से जुड़ा होता है। इस मामले में मरीज के परिवार ने बताया कि बचपन में उसे यह कह दिया गया था कि बालों में प्रोटीन होता है, जिसके बाद उसमें बाल खाने की आदत विकसित हो गई। लेकिन कई जटिल प्रक्रियाओं के बाद भी यह सर्जरी सफल हुई और व्यक्ति ठीक हो गया।