
आशु कुमार दास
आशु कुमार दास एक अनुभवी हेल्थ कंटेंट स्पेशलिस्ट हैं। इन्हें हेल्थ कंटेंट राइटर के तौर पर काम करते हुए 6 ... Read More
Written By: Ashu Kumar Das | Published : January 17, 2026 5:53 PM IST
Medically Verified By: Dr. Astik Joshi
Tips To Reduce Anxiety : भागदौड़ भरी जिंदगी में एंजाइटी और दिमाग का स्ट्रेस में रहना एक आम बात है। लेकिन जब बिना किसी बड़ी वजह आपको अक्सर ही एंजाइटी रहने लगी तो ये ज्यादा चिंता की बात हो जाती है। बिना वजह आपको भी एंजाइटी रहती है तो नई दिल्ली के शालीमार बाग स्थित फोर्टिस अस्पताल के मनोचिकित्सक डॉ आस्तिक जोशी (Dr. Astik Joshi, PSYCHIATRIST, Fortis Shalimar Bagh) बता रहे हैं इसे ठीक करने के तरीकों के बारे में (Anxiety Kam Karne ke Tarike)।
डॉ. आस्तिक जोषी कहते हैं कि रोजाना थोड़ी सी एक्सरसाइज करने से शारीरिक ही नहीं बल्कि मूड भी बेहतर बनता है। एक्सरसाइज करने से एंजाइटी धीरे- धीरे कम होने लगती हैं। एक्सरसाइज करने का मतलब यह नहीं कि आपको जिम जाना पड़े, बल्कि सुबह घर के अंदर ही वॉक, घर के आस-पास 15-20 मिनट टहलना, किचन में थोड़ी सी स्ट्रेचिंग करने से दिमाग शांत महसूस करता है। घर और ऑफिस की जिम्मेदारियों के बीच दिन में सिर्फ 20 मिनट एक्सरसाइज करने से एंजाइटी कम हो सकती है। एक्सरसाइज करना एंजाइटी कम करने का पहला स्टेप है।
एक्सपर्ट बताते हैं कि जिन लोगों को एंजाइटी की समस्या है, उन्हें जहां तक संभव हो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से दूरी बनाकर रखनी चाहिए। सोशल मीडिया पर हम अक्सर दूसरों की सफलता, लाइफस्टाइल को देखकर खुद को कम समझने लगते हैं। इससे एंजाइटी ज्यादा होती है। अगर आपके लिए पूरी तरह से सोशल मीडिया से दूरी बनाना पॉसिबल नहीं है तो दिन में 1-2 घंटे सोशल मीडिया से ब्रेक जरूर लें। इससे मानसिक शांति बनी रहती है और दिमाग से जुड़ी बीमारियां भी कम होती हैं।
जब हम ज्यादा चिंता में रहते हैं तो सांसे तेज होने लगती है। डॉ. आस्तिक जोशी कहते हैं कि एंजाइटी के दौरान होने वाली तेज सांसों को कंट्रोल करना बहुत जरूरी है। सांसों को कंट्रोल करना सबसे पहला और आसान तरीका है खुद को शांत करने का। उदाहरण के लिए, अगर किसी को पब्लिक स्पीच या किसी मीटिंग से पहले घबराहट हो रही है, तो बस पांच मिनट के लिए गहरी और धीमी सांसे लें। ऐसा करना दिमाग और शरीर दोनों ही तुरंत शांत हो जाएगा।
एंजाइटी के कारण दिमाग में कई तरह के ख्याल आना आम बात है। डॉक्टर का कहना है कि ख्यालों को डायरी पर लिखने से एंजाइटी और मानसिक दबाव कम होता है। उदाहरण के लिए किसी काम को लेकर दिमाग घबराया हुआ है तो उसे डायरी पर लिखे। डायरी लिखने से प्रॉब्लम का सॉल्यूशन खोजने में आसानी होती है। डायरी आपको चीजों को दोबारा से नए सिरे से करने का जज्बा दिलाती है।
अच्छी नींद एंग्जाइटी को कम करने में बहुत महत्वपूर्ण है। कई लोग देर तक फोन या सोशल मीडिया पर रहते हैं, जिससे नींद पूरी नहीं होती और दिनभर बेचैनी बनी रहती है। नींद कम होने के कारण भी एंजाइटी होना आम बात है। इसलिए रोजाना 8 घंटे की नींदजरूर लें। अगर संभव है तो दिन में भी आधे या 1 घंटे का नैप जरूर लें। इससे शरीर और दिमाग दोनों ही शांत महसूस करने लगता है।

डॉ. आस्तिक जोशी कहते हैं कि जिन लोगों को ऊपर बताए गए उपायों को अपनाने के बाद भी 1 महीने में एंजाइटी से राहत नहीं मिलती है, तो उसे प्रोफेशनल की मदद लेनी चाहिए।
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।