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Risk of heart attack in diabetes: डायबिटीज और हार्ट अटैक आज के समय में इन दोनों ही बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। इन बीमारियों के पीछे सबसे मुख्य कारण वैसे तो खराब जीवनशैली और अनहेल्दी लाइफस्टाइल का ही माना जाता है, लेकिन जेनेटिक कारक भी इसका हमेशा से एक बड़ा कारण रहा है। डायबिटीज जैसे आपके हार्ट अटैक के खतरे को भी काफी हद तक बढ़ा सकते हैं और ये बात हम नहीं बल्कि खुद डॉक्टर मानते हैं। डायबिटीज डे के मौके पर हमने दिल्ली पटपड़गंज के मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में कंसल्टेंट, एंडोक्रिनोलॉजिस्ट और डायबिटीज स्पेशलिस्ट डॉक्टर प्रियंवदा त्यागी से बात की। उन्होंने डायबिटीज और हार्ट अटैक के बीच के गहरे संबंध को बताया। साथ ही इस लेख मे हम यह भी जानेंगे कि डायबिटीज के मरीज किन बातों का ध्यान रख कर हार्ट अटैक के खतरे को कम कर सकते हैं।
डॉक्टर प्रियंवदा ने बताया कि डायबिटीज और हार्ट के बीच एक बड़ा ही नाजुक रिश्ता है। डायबिटीज एक मेटाबोलिक विकार है, जिसका सीधा असर आपके हार्ट पर भी पड़ता है। डायबिटीज के मरीजों में ब्लड शुगर जितना ज्यादा बढ़ेगा धमनियों में कठोरपड बढ़ता जाएगा और साथ ही धमनियों के अंदरूनी हिस्से में प्लाक बनता जाएगा। ये दोनों स्थितियां सीधे हार्ट अटैक के खतरे को बढ़ाती हैं।
आगे डॉक्टर ने बताया कि डायबिटीज जितना गंभीर होता है, उससे कारण होने वाली अन्य समस्याएं होने का खतरा भी उतनी ही तेजी से बढ़ता रहता है। यही कारण है कि लंबे समय तक अनकंट्रोल डायबिटीज रहना हार्ट अटैक और स्ट्रोक के खतरे को बढ़ा सकता है। डॉक्टर प्रियंवदा ने आगे बताया कि डायबिटीज के मरीजों को हेल्दी रहने के लिए हार्ट अटैक और डायबिटीज के नाजुक रिश्ते की पहचान करनी होगी।
डायबिटीज के मरीजों के लिए इस बात को समझना बहुत ज्यादा जरूरी है कि हार्ट को हेल्दी रखने के लिए हृदय से जुड़ी देखभाल करने के साथ-साथ अपने डायबिटीज लेवल को कट्रोल करके रखना भी जरूरी है। कुछ खास टिप्स की मदद से आप ऐसा कर सकते हैं -
हाई ब्लड शुगर के मरीजों के लिए यह जरूरी है कि वे अपने ब्लड शुगर लेवल की नियमित रूप से जांच करते रहें। ऐसा करना उन्हें डायबिटीज को गंभीर रूप से बढ़ने से पहले ही रोक सकता है। खासतौर पर जिन लोगों में हार्ट अटैक का खतरा ज्यादा है, उन्हें भी यह खतरा कम करने में मदद मिलेगी।
डायबिटीज के मरीज जिनके परिवार में पहले किसी को हार्ट की समस्याएं हो चुकी हैं, उन्हें नियमित रूप से अपने हार्ट की जांच कराते रहना चाहिए। इसके साथ-साथ जिन लोगों को पहले कभी हार्ट से जुड़ी समस्या नहीं हुई है और न ही परिवार में किसी को हार्ट से जुड़ी कोई समस्या हुआ है, उन्हें भी नियमित रूप से हार्ट की जांच कराते रहना चाहिए।
डायबिटीज के मरीजों को अपना ब्लड शुगर कम करके रखने के लिए नियमित रूप से डॉक्टर से सलाह लेते रहना चाहिए। साथ ही साथ अपने हार्ट को हेल्दी रखने के लिए भी डॉक्टर से नियमित रूप से जरूरी सलाह लेते रहना चाहिए। ताकि जितना हो सके डायबिटीज में हार्ट से जुड़ी जटिलताओं को कम किया जा सके।