
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Cancerous Moles Signs: त्वचा के किसी हिस्से पर तिल बना होना बहुत ही कॉमन की चीज है और कई बार इससे हम अलग-अलग मतलब भी निकाल लेते हैं। साइंस के अनुसार जब मेलानोसाइट्स एक गुच्छे (क्लस्टर) के रूप में विकसित होने लगता है, तो त्वचा के उस छोटे से हिस्सा का रंग बदल जाता है, जिसे तिल कहा जाता है। तिल अलग-अलग प्रकार के होते हैं, जिनके रंग व आकार में कुछ बदलाव देखे जा सकते हैं। लेकिन बहुत ही कम लोग जानते हैं, त्वचा पर होने वाले कुछ प्रकार के कैंसर भी शुरूआत में तिल के जैसा ही संकेत देते हैं और यही कारण है कि कई बार इस तरह दिखने वाले स्किन कैंसर इग्नोर कर दिए जाते हैं। आपकी स्किन पर बना तिल कहीं स्किन कैंसर तो नहीं, इस बात का पता लगाना बहुत ही जरूरी है और इसलिए एक्सपर्ट्स की राय लेना भी आपके लिए बहुत जरूरी है। मैक्स हॉस्पिटल दिल्ली पटपड़गंज में सर्जिकल ओंकोलॉजी स्पेशलिस्ट डॉक्टर नितिन लीखा ने स्किन कैंसर और तिल से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां हमारे साथ शेयर की जिनके बारे में जानना आपके लिए भी बहुत जरूरी है।
डॉक्टर नितिन लीखा ने बताया कि तिल से भी स्किन कैंसर पैदा हो सकता है। खासतौर पर उन लोगों में यह होने का खतरा ज्यादा रहता है, जो धूप के बहुत ज्यादा संपर्क में आते हैं। सरल शब्दों में कहें तो यदि आपकी त्वचा का कोई तिल धूप से सीधे संपर्क में ज्यादा समय तक रहता है, तो उस तिल में कैंसर विकसित होने का खतरा ज्यादा बढ़ जाता है।
डॉक्टर नितिन के अनुसार यह पता लगाने के लिए कि आपकी त्वचा पर बना तिल एक स्किन कैंसर के रूप में विकसित हो रहा है, उसके लिए आपको कुछ बदलाव की पहचान करनी होगी। तिल में कैंसर विकसित हो रहा है उसका पता लगाने की प्रक्रिया को एबीसीडीई (ABCDE) कहा जाता है, जो इस प्रकार है।
Asymmetry - तिल का आकार समरूप (सिमेट्रिक) न होना
Border - तिल के किनारे बराबर न होना किसी साइड से ऊपर उठा होना
Color - तिल के रंग में किसी प्रकार का बदलाव महसूस होना, जैसे ब्राउन से डार्क ब्राउन या ब्लैक से ब्राउन
Diameter - तिल का आकार 6 मिलीमीटर से ज्यादा बड़ा होना
Evolving - तिल के अंदर किसी भी प्रकार का बदलाव होना जैसे रंग, आकार या खुजली शुरू होना आदि।
डॉक्टर नितिन का मानना है कि आपके शरीर पर तिल कहां-कहां हैं और वे कैसे दिखते हैं, उनकी पहचान करके रखना जरूरी है। नियमित रूप से उनकी जांच की जानी चाहिए, ताकि अगर इनमें से किसी में भी किसी भी प्रकार का बदलाव महसूस हो रहा है, तो जल्द से जल्द इसकी जांच करवा लेनी चाहिए। डॉक्टर नितिन सुझाव देते हैं कि अगर स्किन के किसी भी हिस्से पर कोई तिल है और उसमें थोड़ा सा भी बदलाव महसूस हो रहा है, तो उसे उसी समय निकलवा देना चाहिए, ताकि भविष्य में इसके स्किन कैंसर बनने के खतरे को पूरी तरह से खत्म किया जा सके।