Add The Health Site as a
Preferred Source
Add The Health Site as a Preferred Source

Cancer in Children: एक्सपर्ट्स ने बताए बच्चों में होने वाले ये कैंसर जिनके बारे में हम पेरेंट्स को पता होना जरूरी

Childhood cancer: बच्चों में होने वाला कैंसर यानी चाइल्डहुड कैंसर के बारे में बहुत ही कम लोगों को जानकारी मिलती है, लेकिन इसके बारे में पर्याप्त जानकारी होना जरूरी है। इस लेख में डॉक्टर से जानें चाइल्डहुड कैंसर के बारे में।

Cancer in Children: एक्सपर्ट्स ने बताए बच्चों में होने वाले ये कैंसर जिनके बारे में हम पेरेंट्स को पता होना  जरूरी

Written by Mukesh Sharma |Published : April 23, 2024 2:33 PM IST

आज के समय में कैंसर हमारे समाज में एक कलंक बना हुआ है और यह भी देखा जा रहा है कि आम लोगों के बीच चाइल्डहुड कैंसर से जुड़ी जानकारी लगभग ना के बराबर है। हालांकि, बचपन की कई बीमारियां वायरस और बैक्टीरिया के कारण होती हैं, परंतु कैंसर एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, जिसके बारे में माता-पिता को जागरूक होना चाहिए, सभी संभावित स्वास्थ्य जोखिमों के बारे में जानकारी रखकर अपने बच्चे के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देना एक महत्वपूर्ण पहलू है। नारायणा हेल्थ ग्रुप ऑफ़ हॉस्पिटल्स डायरेक्टर और क्लिनिकल लीड डॉक्टर सुनील भट्ट और नारायणा हेल्थ सिटी बैंगलोर में बाल चिकित्सा हेमेटोलॉजिस्ट और ऑन्कोलॉजिस्ट डॉक्टर मनोजीत चक्रवर्ती ने इस बारे में काफी महत्वपूर्ण जानकारियां दी, जिनके बारे में इस लेख में बताया गया है।

बच्चों में कैंसर की बात करें तो लगभग हर साल 3 लाख से भी अधिक बच्चों में कैंसर डायग्नोस किया जाता है और इसमें अकेले भारत में ही लगभग 50000 मिलते हैं। पिछले कुछ वर्षों में, कैंसर के उपचार में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है, जिसके परिणामस्वरूप मृत्यु दर में 69% की कमी आई है। इसके अलावा, 85% बच्चे जिनके कैंसर का निदान सही समय से हो जाता है और वो उचित उपचार और सहायक देखभाल से गुजरते हैं, वो अधिक समय तक जीवित रहते हैं और ठीक हो जाते हैं।

एडल्ट कैंसर से अलग क्यों चाइल्डहुड कैंसर

1) एडल्ट कैंसर, जहां पर्यावरण या जीवनशैली कारकों को कैंसर के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए जाना जाता है, वहीं इसी के विपरीत बचपन में होने वाला कैंसर, आनुवंशिक वेरिएंट जैसे डाउन सिंड्रोम या आरबी 1 वेरिएंट जीन के परिणामस्वरूप उत्पन्न हो सकता है। हालांकि, बचपन में कैंसर के कई मामले बढ़ती कोशिकाओं के जीन में असामान्य म्युटेशन के कारण भी होते हैं।

Also Read

More News

2) वयस्कों में होने वाले कैंसर यानी एडल्ट कैंसर की तुलना में बच्चों में होने वाला कैंसर दवाओं व अन्य इलाज के प्रति अच्छी प्रतिक्रिया देता है। यानी इसका इलाज करना एडल्ड कैंसर की तुलना में आसान हो सकता है। हालांकि, यह कैंसर के प्रकार और उसकी जगह पर भी निर्भर करता है।

3) चाइल्डहुड कैंसर के उपचार से साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं। इसके ट्रीटमेंट से होने वाला साइड इफेक्ट्स गंभीर होते हैं, जो लंबे समय तक चल सकते हैं। लेकिन बच्चों के कैंसर का इलाज जल्द से जल्द करना बहुत ज्यादा जरूरी है।

बच्चों के कैंसर की शुरुआती पहचान

1. असामान्य बुखार का 2 सप्ताह से अधिक समय तक बने रहना और सामान्य उपचार का बुखार पर असर ना होना।

2. अस्पष्ट पीलापन और अत्यधिक थकान, हीमोग्लोबिन (लाल रक्त कोशिकाओं) के कम होने का संकेत दे सकता है।

3. आसानी से चोट लगने या रक्तस्राव होने लगना प्लेटलेट की कमी का संकेत दे सकती है। जैसे: त्वचा पर चोट के निशान, नाक और मसूड़ों से खून आना।

4. शरीर में कहीं भी असामान्य गांठ या सूजन। जैसे: गर्दन में सूजन, पेट में कुछ सख्त चीज महसूस होना।

5. बिना चोट के पैरों में दर्द और लंगड़ाने की शिकायत रहना।

6. अक्सर सुबह-सुबह सिरदर्द के साथ बार-बार उल्टी होना, जो कि कई बार सामान्य लक्षण समझ लिया जाता है।

7. जब आंखों में फ़्लैशलाइट या टॉर्च की रोशनी पड़ती है तो अचानक आंख से ठीक तरह या साफ-साफ दिखाई ना देना।

कोमन प्रकार के चाइल्डहुड कैंसर

1. ल्यूकेमिया: यह 2 से 6 वर्ष की आयु के बच्चों में अधिक होता है और बचपन के 30% कैंसर के लिए जिम्मेदार है।

2. मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी का ट्यूमर: यह बच्चों में होने वाला दूसरा सबसे आम कैंसर है, बच्चों में होने वाले कुल कैंसर के 26% मामले इस कैंसर के होते हैं।

3. न्यूरोब्लास्टोमा: न्यूरोब्लास्टोमा के 90% मामले 5 साल से कम उम्र के बच्चों में देखे जाते हैं।

4. न्यूरोब्लास्टोमा (विल्म्स ट्यूमर): विल्म्स में बचपन के कैंसर के 5% मामले होते हैं और यह बच्चे के एक या दोनों किडनी में उत्पन्न होता है।

5. ओस्टियोसार्कोमा (हड्डी का कैंसर): इस प्रकार का कैंसर बड़े बच्चों में पाया जाता है और बच्चों में इस कैंसर के पता लगने की औसत आयु 15 वर्ष है।

चाइल्डहुड कैंसर का इलाज

बच्चों में होने वाले कैंसर यानी चाइल्डहुड कैंसर का इलाज कुछ इस तरीके से किया जा सकता है -

1. सर्जरी: कैंसर कोशिकाओं या ट्यूमर को हटाना।

2. कीमोथेरेपी: कैंसर कोशिकाओं को मारने के लिए चिकित्सा दवाओं का उपयोग करना।

3. रेडिएशन थेरेपी: कैंसर कोशिकाओं को मारने के लिए रेडियंट एनर्जी का उपयोग करना।

4. बोन मैरो (स्टेम सेल) ट्रांसप्लांट: स्वस्थ स्टेम कोशिकाओं को रक्तप्रवाह में डालना ताकि वे नया स्वस्थ रक्त, बोन मैरो और प्रतिरक्षा प्रणाली कोशिकाओं को बना सकें।

5. कार्ट सेल थेरेपी और अन्य इम्यूनोथेरेपी- कैंसर कोशिकाओं पर विशिष्ट प्रोटीन को टारगेट करने और बीमारी से लड़ने के लिए बच्चे की अपनी प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देना।

इस प्रकार की कठिन स्थिति के बारे में अक्सर लोग बात करने से कतराते हैं

सिर्फ कैंसर का निदान प्राप्त करना प्रभावित बच्चे और उनके परिवार के लिए स्पष्ट रूप से सही नही है, उपचार का उद्देश्य मनोवैज्ञानिक, भावनात्मक और सामाजिक मुद्दों पर काबू पाना भी होना चाहिए। बच्चों को उनकी बीमारी के बारे में आश्वस्त करना और उपचार योजना को स्पष्ट रूप से समझाना महत्वपूर्ण है। बच्चों को लंबे समय तक अस्पताल में रहने, डाइट विकल्प, गतिविधि प्रतिबंध और सामाजिक अलगाव के बारे में ठीक से समझाया जाना चाहिए।

सामाजिक कार्यकर्ताओं को समान परिस्थितियों में दूसरों से सहायता लेने, थेरेपी में शामिल होने, या चुनौतियों के बीच सामान्य स्थिति बनाने के तरीके खोजने के लिए परिवार के साथ जरूर शामिल होना चाहिए।

Add The HealthSite as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source

प्रभावित बच्चे के भाई-बहन भय, भ्रम और ईर्ष्या सहित कई प्रकार की भावनाओं का अनुभव कर सकते हैं। वे अपने आप को अलग भी महसूस कर सकते हैं क्योंकि माता-पिता का ध्यान बीमार बच्चे पर केंद्रित होता है। इसलिए भाई-बहनों के लिए सामान्य स्थिति की भावना बनाए रखना भी महत्वपूर्ण है।