ब्रेस्ट कैंसर से ओवेरियन कैंसर का खतरा कैसे बढ़ता है? वीडियो में बता रहे हैं डॉक्टर

Breast Cancer Se Ovarian Cancer: हम अक्सर एक ही बीमारी को इतना बड़ा समझ लेते हैं कि इस बात पर ध्यान देना भूल जाते हैं वह शरीर को और भी तरीकों से प्रभावित कर सकती है। जैसे कि ब्रेस्ट कैंसर, जो ओवेरियन कैंसर के खतरे को भी बढ़ाता है। आइए जानते हैं कैसे।

WrittenBy

Written By: Vidya Sharma | Published : May 12, 2026 3:20 PM IST

WrittenBy

Medically Verified By: Dr. Jay R. Anam

Doctor Explained Video On Breast And Ovarian Cancer: ब्रेस्ट कैंसर का पता चलने के बाद, स्वाभाविक रूप से तुरंत इलाज और ठीक होने पर ध्यान दिया जाता है। हालांकि कम उम्र की महिलाओं और कुछ खास तरह के ट्यूमर वाली महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए बहुत से खतरे पैदा हो जाते हैं। और वह है ओवेरियन कैंसर का खतरा। SSO कैंसर हॉस्पिटल के ब्रेस्ट ऑनकोसर्जन और डायरेक्टर डॉक्टर जय आर. अनाम का कहना है कि ‘यह समझना जरूरी है कि ब्रेस्ट कैंसर और ओवेरियन कैंसर के बीच का संबंध कोई इत्तेफाक नहीं है, बल्कि यह जेनेटिक होता है और इसलिए इसे मापा जा सकता है और इस पर मेडिकल एक्शन भी लिया जा सकता है।’

बहुत ही कम महिलाएं व उनके जानने वालों को यह पता होगा कि ब्रेस्ट कैंसर ओवेरियन कैंसर का खतरा पैदा कर सकता है। इसलिए हमने डॉक्टर अनाम से विस्तार से बातचीत की और लेख के साथ-साथ एक वीडियो भी निकाली, ताकि आप देख व सुनकर समझ पाएं और कैंसर के बारे में विस्तार से जान पाएं। आइए जानते हैं डॉक्टर ने क्या जानकारी साझा की।

ब्रेस्ट कैंसर और ओवेरियन कैंसर के बीच संबंध

ब्रेस्ट कैंसर और ओवेरियन कैंसर के बीच का संबंध सबसे पहले और सबसे ज्यादा हमारे जेनेटिक्स के जरिए होता है, खासकर ब्रेस्ट कैंसर जीन 1 (Breast cancer type 1- BRCA1) और ब्रेस्ट कैंसर जीन 2 (Breast cancer type2- BRCA2) जीन्स में होने वाले वंशानुगत म्यूटेशन के कारण।

ये जीन्स हमारे शरीर के डैमेज डीएनए की मरम्मत करने की क्षमता के अहम हिस्से होते हैं। जब इनमें से किसी एक जीन में म्यूटेशन हो जाता है, तो हमारे शरीर की कोशिकाओं में होने वाली गलतियों को ठीक करने की क्षमता कमजोर पड़ जाती है, जिससे ब्रेस्ट कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है।

कितने प्रतिशत होता है ओवेरियन कैंसर होने का खतरा?

उदाहरण के लिए, जिन महिलाओं में BRCA1 जीन में म्यूटेशन होता है, उसमें पूरी जिंदगी में ओवेरियन कैंसर होने की संभावना लगभग 39% से 46% तक होती है। इसके विपरीत, जिन महिलाओं में BRCA2 जीन में म्यूटेशन होता है, उनमें अपनी पूरी जिंदगी में ओवेरियन कैंसर होने की संभावना 10% से 27% के बीच होती है। 

तुलना के तौर पर, किसी भी महिला में अपनी पूरी जिंदगी में ओवेरियन कैंसर होने का औसत खतरा लगभग 1% से 2% होता है। इस जानकारी को ध्यान में रखते हुए, उन मरीजों के साथ बातचीत का तरीका बदल जाएगा जिन्हें अभी-अभी ब्रेस्ट कैंसर का पता चला है।

ट्रिपल-नेगेटिव ब्रेस्ट कैंसर क्यों मायने रखता है?

ट्रिपल-नेगेटिव ब्रेस्ट कैंसर (TNBC) सबसे अहम चिकित्सकीय संकेतकों में से एक है, क्योंकि यह ब्रेस्ट कैंसर का एक ऐसा प्रकार है जिसमें प्रोजेस्टेरोन, एस्ट्रोजन या HER2 रिसेप्टर्स बिल्कुल भी नहीं पाए जाते हैं। शोध के अनुसार, सभी तरह के ब्रेस्ट कैंसर में से लगभग 10–20% कैंसर को ट्रिपल-नेगेटिव श्रेणी में रखा जाता है। इनमें से भी काफी बड़ी संख्या में ट्रिपल-नेगेटिव ब्रेस्ट कैंसर उन महिलाओं में पाए जाते हैं जिनकी उम्र 50 साल से कम होती है और जिनमें BRCA1 जीन में म्यूटेशन होता है।

इसलिए, TNBC का पता चलने वाली सभी महिलाओं के लिए, खासकर 50 साल से कम उम्र की महिलाओं के लिए, BRCA टेस्ट करवाना सही है। क्योंकि अगर उनका BRCA टेस्ट पॉजिटिव आता है, तो उन्हें न केवल ब्रेस्ट कैंसर, बल्कि ओवेरियन कैंसर का भी खतरा होता है।

ओवेरियन कैंसर चिंता का विषय क्यों है?

ब्रेस्ट कैंसर के विपरीत, ओवेरियन कैंसर में इस कैंसर से पीड़ित मरीजों के लिए पॉल्यूशन बेस्ड स्क्रीनिंग करने का कोई प्रभावी तरीका नहीं है। इसमें शुरुआती लक्षण स्पष्ट नहीं होते हैं। पेट में बहुत ज्यादा सूजन, पेट दर्द, थोड़ा सा खाना खाने के बाद ही पेट भरा हुआ महसूस होना, आदि समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

मरीजों में कैंसर का पता कब चलता है?

विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के अनुरास वर्तमान में लगभग 70% मरीजों में जब ओवेरियन कैंसर का पता चलता है, तो वह मेटास्टेटिक अवस्था में होता है, जिसके परिणाम काफी खराब होते हैं (स्रोत: विश्व स्वास्थ्य संगठन - WHO)। इसके अलावा, BRCA म्यूटेशन के कारण जिन महिलाओं को ज्यादा जोखिम वाला माना गया है, उनके लिए कैंसर का जल्दी पता चलना बहुत जरूरी हो गया है, ताकि वे पहले से ही उसके अनुसार योजना बना सकें।

ब्रेस्ट कैंसर के बाद मरीजों को क्या करना चाहिए?

अगर पता चले की आपको ब्रेस्ट कैंसर है, तो डॉक्टर की बताई इन टिप्स को फॉल करें। नीचे दिए गए मरीजों की जेनेटिक काउंसलिंग और BRCA म्यूटेशन के लिए जल्दी स्क्रीनिंग की जानी चाहिए जैसे- 

  • जिन मरीजों को ट्रिपल-नेगेटिव ब्रेस्ट कैंसर है।
  • जिन मरीजों को कम उम्र में ही ब्रेस्ट कैंसर हो गया है (आमतौर पर 50 साल से कम उम्र में)।
  • जिन मरीजों के परिवार में ब्रेस्ट और/या ओवेरियन कैंसर का इतिहास रहा हो।
  • अगर BRCA म्यूटेशन पाया जाता है, तो इलाज में निम्नलिखित चीज़ें शामिल हो सकती हैं:
  • बढ़ी हुई निगरानी (ओवेरियन कैंसर की जाँच सीमित होती है)।
  • जोखिम कम करने वाली सर्जरी।
  • परिवार की स्क्रीनिंग, क्योंकि यह म्यूटेशन वंशानुगत होता है।

NCCN दिशा निर्देश, जर्नल ऑफ क्लिनिकल ऑन्कोलॉजी की रिपोर्ट जोखिम कम करने वाली सर्जरी का उपयोग करने से BRCA म्यूटेशन वाले लोगों में ओवेरियन कैंसर होने की संभावना 80-90% तक कम हो जाती है।’

इलाज से रोकथाम की ओर बड़ा बदलाव

ब्रेस्ट कैंसर को अब केवल एक अलग समस्या नहीं माना जाता है, क्योंकि यह ऐसे परिवारों की बढ़ती संख्या का प्रतिनिधित्व करता है, जिन्हें इस बीमारी का खतरा है। कई मामलों में, यह मरीजों को एक और, और अक्सर उससे भी ज्यादा गंभीर प्रकार के कैंसर से बचाने का पहला अवसर प्रदान करता है। ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित सभी महिलाओं में वंशानुगत जेनेटिक म्यूटेशन नहीं होता है, और न ही ब्रेस्ट कैंसर के हर मरीज को कठोर निवारक उपायों की आवश्यकता होती है।

हालांकि, मेन बात उन मरीजों की पहचान करना है, जिनका सही समय पर इलाज किया जाना चाहिए, ताकि उनके जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सके। ओवेरियन कैंसर का पता चलने के बाद उसका इलाज करना बहुत मुश्किल होता है, लेकिन जिन मरीजों को यह कैंसर होने का जोखिम होता है, उनकी जल्दी पहचान करके अक्सर इस कैंसर को होने से रोका जा सकता है।

डिस्क्लेमर- हम महिला व पुरुष को होने वाली कुछ बीमारियां आपस में जुड़ी होती है। जैसे कि ब्रेस्ट कैंसर और ओवेरियन कैंसर। जी हां, अगर आपको भी कैंसर के सिम्पटम्स दिखते हैं तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं और स्क्रीनिंग टेस्ट करें। क्योंकि अगर शुरुआत में अनदेखा कर दिया जाए तो बाद में कैंसर की स्टेज बढ़ सकती है।

Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source