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Written By: Editorial Team | Published : October 23, 2017 5:55 PM IST
मेरी उम्र 40 साल है। वैसे तो मेरा रिगुलर पीरियड होता है लेकिन 2-3 महीने से मेरा पीरियड बहुत ज्यादा हो रहा है। दिन में कम होता है और रात को बहुत ज्यादा होता है। क्या इस बात को लेकर चिंता करने की ज़रूरत है? कौन-सी बीमारी होने का खतरा होता है?
डॉ. नुपूर गुप्ता, गायनाकॉलोजिस्ट और ऑब्सटेट्रेशियन, वेल वुमन क्लिनिक, गुड़गांव ने इस सवाल का जवाब दिया है।
इस बात को लेकर चिंता करने की ज़रूरत नहीं है कि दिन और रात में पीरियड की मात्रा कम या ज्यादा हो रही है। अगर पेट में कोई दर्द नहीं है या कोई स्पॉटिंग नहीं है तो कोई चिंता करने की ज़रूरत नहीं है। ये शरीर में हार्मोनल बदलाव होने के कारण होता है। क्योंकि ओवुलेशन बहुत ही अनियमित होता है। ये प्रॉबल्म कभी-कभी होता है। अगर हेवी ब्लीडिंग या पीरियड के बीच बहुत ज्यादा ब्लीडिंग होना शुरू हो रहा है तो चिंता करने की ज़रूरत है।
हेवी ब्लीडिंग अगर पांच दिनों से भी ज्यादा दिनों तक होता है या एक दिन में आपको पांच से भी ज्यादा पैड बदलने की ज़रूरत होती है या दर्द का सामना करना पड़ता है या ब्लड क्लॉट होता है तो आपको चिंता करने की ज़रूरत है। ये प्रॉबल्म आम तौर पर फिब्रॉयड या पॉल्प्स के कारण होता है।
अगर पीरियड के बीच ब्लीडिंग होने लग रहा है तो ये हार्मोनल बदलाव के कारण होता है। ये फिबरॉयड पॉल्प्स, सर्वाइकल पॉल्प या यूट्रेन पॉल्प के कारण होता है। ये यूटेरस या सर्विक्स को एफेक्ट करने के कारण ये होता है। इस मामले में डॉक्टर आपको पैप स्मीयर करने के लिए बोलेंगे ताकि कैंसर वाले सेल है कि पता लगाया जा सके। अल्ट्रासाउन्ड के द्वारा इसका पता लगाया जाता है कि संरचना में कोई असुविधा है कि नहीं और फिर इसका इलाज शुरू होता है।
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अनुवादक: Mousumi Dutta
चित्र स्रोत: Shutterstock