... Read More
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
Written By: Yogita Yadav | Published : April 3, 2019 6:55 PM IST
Digital devices emit blue light and prolonged exposure to this high-energy light can cause retinal damage.
माहौल बदलने लगा है। लोग बहुत कम समय में बहुत सारी चीजें एक साथ करना चाहते हैं। इसके लिए वे अलग-अलग तरह के प्लान बनाते हैं। आजकल लोगों ने यह प्लान बनाया है कि वे समय को बचाने के रात को प्राइम टाइम पर खबरें या अपना पसंदीदा प्रोग्राम देखते हुए खाना खाना पसंद करते हैं। पर आहार विशेषज्ञ इसे सेहत के लिए नुकसानदायक मानते हैं। आइए जानते हैं क्या हैं सेहत पर इसके दुष्प्रभाव।
क्या कहता है शोध
हाल ही में एक ऐसा शोध किया गया जिसमें टीवी देखने और खाना खाने की आदत के बीच संबंध की पड़ताल की गई। इस पड़ताल में सामने आया कि जो लोग टीवी देखते समय स्नैक्स या खाना खाते हैं उनके शरीर में मेटाबोलिक सिंड्रोम का खतरा ज्यादा देखने को मिलता है। यह ब्लड प्रेशर बढ़ने, हाई ब्लड शुगर, कमर के आसपास चर्बी जमा होने और असामान्य कोलेस्ट्रॉल के खतरे का कारक होता है।
यह भी पढ़ें - इरफान ने जीती न्यूरो एंडोक्राइन ट्यूमर से जंग, किया फैंस का शुक्रिया
इन लोगों को किया गया शामिल
इस शोध के लिए 12 से 17 साल की उम्र के 33,900 किशोरों को अध्ययन में शामिल किया गया। ब्राजील की यूनिवर्सिटी फेडरल डो रियो ग्रांड डो सुल के शोधकर्ता बीटिज चान ने कहा, 'स्क्रीन पर समय गुजारने को सीमित करना जरूरी है, अगर ऐसा संभव नहीं है तो स्नैक्स से परहेज कर मेटाबोलिक सिंड्रोम से बचा जा सकता है'।
यह भी पढ़ें - Ankylosing spondylitis : क्या कंप्यूटर पर देर तक काम करने से भी हो सकती है यह बीमारी ? जानें विस्तार से
यह भी है खतरनाक
यदि पुरूषों के खून में गुड कोलेस्ट्रॉ ल का स्तरर 40 मिग्रा/डेलि है और महिलाओं में यह स्तरर 50 मिग्रा/डेलि है, तो उन्हेंड मेटाबॉलिक सिंड्रोम होने का खतरा काफी बढ़ जाता है। ऐसे लोग जो पहले से कोलेस्ट्रॉल की दवाएं ले रहे हैं, उनमें इसका खतरा सामान्य लोगों की अपेक्षा ज्यादा होता है।
यह होता है दुष्प्रभाव
मेटाबॉलिक सिंड्रोम का खतरा उत्पन्न होने से मोटापा, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, तनाव और अवसाद जैसी समस्याओं के बढ़ने का खतरा रहता है। जिन लोगों की डायट हेबिट्स ठीक नहीं हैं, उन्हें भविष्य में इन बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है।