जानिये कैसे डायबिटीज महिलाओं के सेक्चुअल हेल्थ को असर करता है?

डायबिटीज होने पर क्या सेक्स लाइफ प्रभावित होता है?

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Written By: Editorial Team | Published : November 15, 2017 6:43 PM IST

वर्ल्ड हेल्थ ऑरगनाइजेशन (WHO) के अनुसार डायबिटीज 246 मिलियन लोगों को प्रभावित कर चुका है। क्या आपको पता है कि इनमें सबसे ज्यादा संख्या महिलाओं के हैं। डायबिटीज के इस बढ़ती आबादी के पीछे सबसे ज्यादा सोचने वाली बात ये है कि सेक्चुअल एक्टिविटी को ये सबसे ज्यादा प्रभावित करता है। स्टडी के मुताबिक 17.7% मध्यम वर्ग की शहरी महिलाएं और 10% गांव की महिलाएं इस बीमारी के शिकंजे में हैं। डॉ. ऋषिकेश डी पाई, आईवीएफ एंड इंफर्टलिटी के डायरेक्टर, फोर्टिस ला फेमी हॉस्पिटल, दिल्ली एंड सिक्रेटरी जनरल ऑफ दी ऑब्सटीट्रीक्स एंड गायनाकॉलोजिकल सोसाइटीज़ ऑफ इंडिया ने इस बारे में प्रकाश डाला है।

कैसे डायबिटीज महिलाओं को सेक्स-लाइफ को प्रभावित करता है-

  • डायबिटीक न्यूरोपैथी के कारण नर्व डमैज होता है जो सेक्चुअल इंटरकोर्स के संवेदनशीलता को कम करता है। और इसके कारण सेक्चुअल इंटरकोर्स के दौरान प्रॉबल्म होता है।

  • महिलाओं में डायबिटीज के कारण एस्ट्रोजेन का लेबल लो होता है जो वैजाइनल लुब्रिकेशन को प्रभावित करता है। जिसके कारण सेक्चुअल डिसफंक्शन का प्रॉबल्म हो जाता है।

  • ग्लूकोज़ का शरीर के बढ़ोत्तरी के कारण यीस्ट इंफेक्शन होता है। क्योंकि ग्लूकोज के कारण शरीर के फंगस ज्यादा बनने लगते हैं जिसके कारण फंगस इंफेक्शन होने का खतरा होता है और जो सेक्चुअल डिसफंक्शन का कारण बन जाता है।

सेक्चुअल डिसफंक्शन होने के दूसरे कारणों में यूरीनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन के कारण ब्लाडर में सूजन, इंटरकोर्स के दौरान दर्द, साइकोलॉजिकल कारणों से सेक्स में अरूची आदि। इसके अलावा भी डायबिटीज होने पर जो दवाएं दी जाती है वह सेक्चुअल एक्टिविटी को प्रभावित करता है।

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अनुवादक: Mousumi Dutta

चित्र स्रोत: Shutterstock

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