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क्या सप्लीमेंट्स लेने से गैस और ब्लोटिंग होती है? जानें एक्सपर्ट क्या कहते हैं

आजकल लोग अपने शरीर की विटामिन्स और मिनरल्स की कमी को पूरा करने के लिए सप्लीमेंट्स का सहारा ले रहे हैं। लेकिन क्या ये सप्लीमेंट्स खाने के बाद गैस और ब्लोटिंग की समस्या पैदा कर सकते हैं? आइए एक्सपर्ट से जानते हैं।

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Written By: Vidya Sharma | Published : July 14, 2026 11:57 AM IST

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Medically Verified By: Dr. Mohnish Kataria

बात चाहे प्रोटीन की हो, विटामिन्स की हो या फिर फाइबर की, लोग अपने शरीर में होने वाली पोषक तत्वों की कमी को पूरा करने के लिए तरह-तरह के स्पलीमेंट्स का सहारा ले रहे हैं। खासकर प्रोटीन पाउडर, मल्टीविटामिन, आयरन, कैल्शियम, फाइबर और प्रोबायोटिक जैसे सप्लीमेंट्स का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। बता दें कि हर किसी के साथ नहीं, लेकिन कुछ लोगों को सप्लीमेंट्स शुरू करने के बाद गैस, पेट फूलने या पेट में भारीपन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

ऐसे में किसी भी व्यक्ति के मन में यह सवाल उठ सकता है कि “क्या सप्लीमेंट्स लेने से सच में गैस और ब्लोटिंग बढ़ती है?” इस विषय पर हमने पारस हेल्थ पंचकुला के एसोसिएट डायरेक्टर और DM गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट डॉक्टर मोहनीश कटारिया से बात की। एक्सपर्ट के अनुसार, हर सप्लीमेंट गैस या ब्लोटिंग का कारण नहीं बनता, लेकिन कुछ प्रकार के सप्लीमेंट्स और उन्हें लेने का तरीका पाचन संबंधी परेशानी पैदा कर सकता है। वे सप्लीमेंट्स कौन से हैं, आइए विस्तार से जानते हैं।

प्रोटीन सप्लीमेंट्स लेने से क्या होता है?

एक्सपर्ट बताते हैं कि व्हे प्रोटीन में मौजूद लैक्टोज कुछ लोगों को पचाने में कठिनाई हो सकती है। अगर किसी भी व्यक्ति को लैक्टोज इनटॉलरेंस है, तो उसे प्रोटीन शेक लेने के बाद गैस, पेट फूलना और दस्त जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें, खुद से प्रोटीन की कमी पूरी करने के लिए अपने टिप्स एंड ट्रिक्स न अपनाएं।

फाइबर सप्लीमेंट्स के नुकसान

डॉक्टर बताते हैं कि आजकल कई लोग बिना चिकित्सकीय सलाह के इंटरनेट पर खुद अपने लक्षण देखकर परेशानी का पता लगा रहे हैं और इलाज कर रहे हैं। ऐसे में अगर किसी के शरीर में फाइबर की कमी हो गई है तो वह इसबगोल या अन्य फाइबर सप्लीमेंट्स अचानक अधिक मात्रा ले रहे हैं। इससे आंतों में गैस बनने लगती है और अगर पर्याप्त मात्रा में पानी न पिया जाए, तो ब्लोटिंग की समस्या पैदा हो सकती है।

ज्यादा आयरन सप्लीमेंट्स लेने से होने वाली परेशानी

शरीर में आयरन की कमी होने पर अगर आप आयरन की गोलियां खा रहे हैं, तो डॉक्टर की इस बात पर ध्यान दें। वह बताते हैं कि आयरन की गोलियां कुछ लोगों में कब्ज, पेट भारी लगना, गैस और पेट दर्द का कारण बन सकती हैं। ये साइड इफेक्ट्स व्यक्ति के डाइजेशन और आयरन के प्रकार पर भी निर्भर करते हैं। इसलिए कोई भी सप्लीमेंट लेने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें और फिर भी कोई समसया हो रही है जांच करवाएं।

मैग्नीशियम और कैल्शियम सप्लीमेंट्स

आजकल बहुत से कम उम्र के लोगों के शरीर में कैल्शियम और मैग्नीशियम की कमी देखी जा रही है, जिसके चलते वह शरीर में थकान और कमजोरी की शिकायतें करते हैं। कुछ लोगों में ये सप्लीमेंट्स डाइजेस्टिव सिस्टम को प्रभावित कर सकते हैं। वहीं मैग्नीशियम की कुछ फॉर्म दस्त का कारण भी बन सकती हैं, जबकि कैल्शियम कब्ज और पेट फूलने की शिकायत बढ़ा सकता है।

प्रोबायोटिक सप्लीमेंट्स लेने के नुकसान

डॉक्टर बताते हैं कि सप्लीमेंट्स लेने के शुरुआत के कुछ दिनों में गैस और ब्लोटिंग होना सामान्य माना जाता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि आंतों में अच्छे बैक्टीरिया का संतुलन बदल रहा होता है। अगर आपको ऐसी ही फीलिंग हो रही है तो टेंशन न लें, क्योंकि आमतौर पर यह समस्या कुछ दिनों में अपने आप कम हो जाती है। इसलिए अगर गैस या ब्लोटिंग लगातार बनी रहे, बढ़ जाए या गंभीर लक्षण दिखें, तो डॉक्टर से दोबारा संपर्क करें।

अगर सप्लीमेंट लेने के बाद गैस और ब्लोटिंग हों तो क्या करें?

अगर कभी भी आपको सप्लीमेंट्स लेने के बाद इस तरह की परेशानी का सामना करना पड़े, तो गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट डॉक्टर मोहनीश कटारिया की बताई इन टिप्स को फॉलो करें-

  • फाइबर सप्लीमेंट लेते समय खूब पानी पिएं।
  • सप्लीमेंट्स खाली पेट लेने के बजाय, अगर डॉक्टर सलाह दें, तो खाने के बाद लें।
  • अगर व्हे प्रोटीन से परेशानी हो रही है, तो लैक्टोज-फ्री या प्लांट-बेस्ड प्रोटीन का ऑप्शन भी चूज कर सकते हैं।
  • डॉक्टर ने जितनी मात्रा में और जिस समय सप्लीमेंट्स लेने के लिए कहा है, उतना ही लें। अधिक सेवन न करें।
  • अगर गैस, पेट दर्द, उल्टी, खून आना, लगातार दस्त या गंभीर ब्लोटिंग हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

क्या हर किसी को सप्लीमेंट्स की जरूरत होती है?

विशेषज्ञों का कहना है कि संतुलित और पौष्टिक आहार लेने वाले अधिकांश लोगों को बिना जांच और चिकित्सकीय सलाह के सप्लीमेंट्स लेने की आवश्यकता नहीं होती। केवल जांच में कमी पाए जाने, गर्भावस्था, बुजुर्गों, कुछ विशेष बीमारियों या डॉक्टर की सलाह पर ही सप्लीमेंट्स लेना चाहिए।

डिस्क्लेमर: सप्लीमेंट्स कई परिस्थितियों में फायदेमंद हो सकते हैं, लेकिन इन्हें अधिक मात्रा में खाना या बिना डॉक्टर की सलाह के खाना गैस और ब्लोटिंग जैसी समस्याओं का कारण बन सकता है। अगर आपको अपने शरीर में कमजोरी महसूस हो रही है तो पहले डॉक्टर के परामर्श के बाद कुछ ब्लड टेस्ट करवाएं। जब रिपोर्ट में शरीर में किसी भी चीज की कमी का पता चले तो डॉक्टर की या डाइटिशियन से सलाह लें। सही व्यक्ति, सही मात्रा और सही समय पर लिया गया सप्लीमेंट ही स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद साबित होता है।