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Heart Damage Symptoms in Hindi: जब हमारे शरीर का कोई अंग खराब होने लगता है, तो शरीर कुछ न कुछ संकेत जरूर देता है। हालांकि, हम लोग ही इन संकेतों को सामान्य समझकर या जानबूझकर नजरअंदाज करते हैं। जब शरीर संकेत दे रहा होता है तो यह गंभीर बीमारियों की तरफ भी इशारा हो सकता है। इसलिए इनकी अनदेखी आपको भारी पड़ सकती है। अगर आप समय पर लक्षणों पर गौर करें और इनके पीछे के कारण का पता लगाए तो बीमारी का जल्दी निदान किया जा सकता है। साथ ही, इस बीमारी का समय पर इलाज हो सकता है और जान तक बच सकती है। आज हम कुछ ऐसे संकेतों की बात कर रहे हैं, तो हृदय रोगों से जुड़े होते हैं और लोग इन्हें अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। आइए, पारस हेल्थ, गुरुग्राम में कार्डियोलॉजी विभाग में डायरेक्टर और यूनिट हेड डॉ. अमित भूषण शर्मा से जानते हैं हार्ट खराब होने पर क्या संकेत नजर आते हैं (Kharab Heart ke Lakshan)?
अगर आपको सीने में दर्द और बेचैनी जैसा महसूस हो तो इस संकेत को नजरअंदाज न करें। यह दिल की किसी बीमारी की ओर इशारा हो सकता है। इसकी वजह से आपको सीने में जकड़न और दबाव जैसा महसूस हो सकता है। इससे सीने में जलन भी हो सकती है। यह एंजाइना का संकेत हो सकता है। कई बार हृदय की मांसपेशियों में रक्त प्रवाह कम हो जाता है, इससे दर्द और बेचैनी बढ़ जाती है। अगर इसका समय पर इलाज न किया जाए तो हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। इस स्थिति में डॉक्टर ईसीजी या एंजियोग्राफी करवा सकते हैं।

ज्यादा सीढ़ियां चढ़ने या हैवी वर्कआउट के बाद सांस फूलना आम है। लेकिन, अगर आपको थोड़ा-सा काम करने के बाद ही या आराम करने के दौरान भी सांस फूल रही है, तो इस संकेत को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। यह हार्ट फेलियर का संकेत हो सकता है। इसलिए बिना काम के भी सांस फूल रही है तो डॉक्टर से जरूर मिलें और हार्ट चेकअप कराएं। हालांकि, अस्थमा और फेफड़ों से जुड़ी बीमारियां होने पर भी सांस फूल सकती है। इस स्थिति में डॉक्टर 2डी इकोकार्डियोग्राम या बीएनपी ब्लड टेस्ट कराने की सलाह दे सकते हैं।
अगर आपके दिल की धड़कन अनियमित हो रही है, तो यह हार्ट हेल्थ से जुड़ी किसी बीमारी का संकेत हो सकता है। अगर असामान्य हृदय गति है, यानी कभी दिल की धड़कन अचानक से तेज या कम हो जाती है, तो इस स्थिति को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। यह स्ट्रोक या दिल की विफलता का संकेत हो सकता है। इस स्थिति में आपको इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम या होल्टर मॉनिटर टेस्ट जरूर कराने चाहिए। अगर आपको अनियमित दिल की धड़कन जैसा एहसास हो रहा है तो इस स्थिति में डॉक्टर से जरूर कंसल्ट करें।
अगर आपका ब्लड प्रेशर बार-बार बढ़ जाता है और इसे नियंत्रित करना मुश्किल हो जाता है, तो यह किसी गंभीर बीमारी की तरफ इशारा कर सकता है। हाई ब्लड प्रेशर को साइलेंट किलर के नाम से भी जाना जाता है। आमतौर पर हाई बीपी का कोई लक्षण महसूस नहीं होता है, लेकिन यह अंदर ही अंदर शरीर के अंगों को नुकसान पहुंचाता है। इसकी वजह से हृदय रोगों का खतराबढ़ जाता है। हाई बीपी के रोगियों में स्ट्रोक और हार्ट अटैक का जोखिम भी ज्यादा रहता है। हाई बीपी भी हृदय रोगों का संकेत हो सकता है।
Disclaimer : प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।