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मानसून में छोटे बच्चों में दिखे ये 5 लक्षण तो बिल्कुल न करें नजरअंदाज, ये बीमारियां हो सकती हैं कारण

मानसून में छोटे बच्चों की सेहत का ज्यादा ख्याल रखना जरूरी होता है। इस मौसम में बच्चों में कमजोर इम्यूनिटी की वजह से कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं होने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए अगर आपके बच्चे में कुछ लक्षण नजर आए, तो इनकी अनदेखी न करें।

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Written By: Anju Rawat | Published : July 4, 2026 1:02 PM IST

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Medically Verified By: Dr. Raman Kumar

बारिश का मौसम ज्यादातर बच्चों को पसंद होता है। इस मौसम में भीगना, खेलना और एन्जॉय करना बच्चों को खूब पसंद आता है। लेकिन, इस मौसम में वातावरण में नमी बढ़ने की वजह से बैक्टीरिया, वायरस और फंगस भी तेजी से पनपते हैं, जो बच्चों को अपनी चपेट में लेकर कई तरह की बीमारियों का खतरा बढ़ा सकते हैं। दरअसल, बच्चों की इम्यूनिटी अभी पूरी तरह से विकसित नहीं हुई होती है। यही वजह है कि वे युवाओं और वयस्कों की तुलना में जल्दी बीमार पड़ सकते हैं। इसलिए अगर आपके बच्चे में कोई भी लक्षण नजर आए, तो उसकी अनदेखी बिल्कुल न करें। अकेडमी ऑफ फैमिली फिजिशियंस ऑफ इंडिया के चेयरमैन डॉ. रमन कुमार से जानते हैं कि मानसून में बच्चों में कौन-से लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

मानसून में इन लक्षणों की न करें अनदेखी

बारिश के मौसम में बच्चों में वायरल फ्लू, फूड पॉइजनिंग, डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों के मामलों में इजाफा देखने को मिल सकता है। दरअसल, इस मौसम में दूषित भोजन और पानी की वजह से कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। बारिश में जगह-जगह पानी जमा हो जाता है, इससे मच्छरजनित रोगों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। मानसून में नमी बढ़ने की वजह से फंगस पनपने का खतरा भी ज्यादा रहता है, इससे बच्चों में रैशेज, एलर्जी और इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए अगर आपको बच्चे में इनमें से कोई लक्षण दिखाई दे तो उनकी अनदेखी बिल्कुल न करें। जैसे-

  1. अगर बच्चे को तेज बुखार बना हुआ है, तो इस लक्षण की अनदेखी बिल्कुल न करें।
  2. अगर लंबे समय तक सर्दी-जुकाम या गले में खराश जैसे लक्षण महसूस हो तो एक बार बच्चे को डॉक्टर के पास जरूर लेकर जाएं।
  3. बच्चे को सांस लेने में मुश्किल हो तो यह मानसून में होने वाली कुछ बीमारियों का संकेत हो सकता है, इसलिए नजरअंदाज न करें।
  4. उल्टी, दस्त या पेशाब कम आना जैसे लक्षणों की अनदेखी न करें। ये मानसून से जुड़ी बीमारियों का संकेत हो सकते हैं।
  5. बच्चे की त्वचा पर लाल चकत्ते नजर आए तो एक बार डॉक्टर से जरूर मिलें। कुछ मामलों में ये डेंगू के लक्षण हो सकते हैं।

बच्चों को मानसून में हेल्दी कैसे रखें?

बच्चों की इम्यूनिटी अभी पूरी तरह से विकसित हो रही होती है, इसलिए बच्चे किसी भी बीमारी की चपेट में जल्दी आ सकते हैं। इसलिए बच्चों को तरह-तरह की बीमारियों से बचाने के लिए माता-पिता कुछ सावधानियां जरूर बरतनी चाहिए। जैसे-

  • बच्चों को संतुलित और पोषक तत्वों से भरपूर खाना खिलाएं।
  • बच्चों को फिल्टर किया हुआ पानी पिलाएं। अगर संभव हो तो बच्चों को पानी उबालकर पिलाएं।
  • बच्चों को मच्छरों से बचाने के लिए फुल स्लीव्स के कपड़े पहनाएं। साथ ही, उन्हें मच्छरदानी के अंदर सुलाएं। इससे मच्छरजनित रोगों से बचा जा सकता है।
  • बच्चों को मच्छरजनित बीमारियों से बचाने के लिए घर और उसके आसपास पानी जमा न होने दें।
  • बच्चों को खाना खाने से पहले साबुन और पानी से अच्छी तरह हाथ धोने की आदत डालें।
  • अपने बच्चों को ताजा और पका हुआ खाना खिलाएं। उन्हें बासी और खुले में बिकने वाला खाना बिल्कुल न खिलाएं।
  • बच्चों की डाइट में हरी सब्जियां, मौसमी फल, दूध और दही आदि शामिल करें। इनमें विटामिन्स, मिनरल्स और कई जरूरी पोषक तत्व होते हैं, जो शरीर की इम्यूनिटी मजबूत बनाने में मदद कर सकते हैं।
  • अगर बच्चा बारिश में भीग जाए तो उसके कपड़े तुरंत बदलें। बच्चे को गीले कपड़ों में बिल्कुल न रहने दें, नमी की वजह से सर्दी-जुकाम और संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।
  • बच्चों को रोजाना योग और एक्सरसाइज करने के लिए मोटिवेट करें।

Disclaimer: बारिश के मौसम में बच्चों को कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं से परेशान होना पड़ता है। इस मौसम में कमजोर इम्यूनिटी, बढ़ती नमी और फंगस की वजह से बच्चे तरह-तरह की बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं। इसलिए बच्चों की सेहत का खास ख्याल रखना बहुत जरूरी है। अगर आपके बच्चे में कोई भी असामान्य लक्षण नजर आए, तो इनकी अनदेखी बिल्कुल न करें और समय पर डॉक्टर से मिलकर जांच कराएं।