Common Digestive Problems During Monsoon: मानसून में बिल्‍कुल नजरअंदाज न करें पेट की ये 5 समस्‍याएं, खतरनाक हो सकती हैं ये डाइजेस्टिव प्रॉब्‍लम्‍स

इस मौसम में संक्रमण सीधा आंतों पर अटैक करते हैं जो कई तरह की समस्याओं का कारण बनते हैं। आज हम आपको कुछ ऐसी समस्याएं (Common Digestive Problems During Monsoon In Hindi) बता रहे हैं जो मानसून के मौसम में बहुत कॉमन हैं।

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Written By: Rashmi Upadhyay | Published : July 20, 2021 2:26 PM IST

मानसून के मौसम में तमाम तरह के इंफेक्‍शन और वायरस के कारण कई तरह की हेल्‍थ प्रॉब्‍लम्‍स होने का डर रहता है। कई बार शरीर में होने वाली समस्‍याएं या बदलाव को हम मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। हवा और पानी में उच्च नमी की मात्रा हानिकारक सूक्ष्म जीवों को पनपने में सक्षम बनाती है, जो कई हेल्‍थ प्रॉब्‍लम्‍स का कारण बनते हैं। मानसून के मौसम में सबसे ज्‍यादा पेट संबंधी समस्‍याएं होने का खतरा रहता है। इस मौसम में संक्रमण सीधा आंतों पर अटैक करते हैं जो कई तरह की समस्‍याओं का कारण बनते हैं। आज हम आपको कुछ ऐसी समस्‍याएं (Common Digestive Problems During Monsoon In Hindi) बता रहे हैं जो मानसून के मौसम में बहुत आसानी से हो जाती हैं लेकिन इन्‍हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

  • पेट के फ्लू को गैस्ट्रोएंटेराइटिस के रूप में भी जाना जाता है। बारिश या मानसून में पेट का फ्लू एक कॉमन पाचन समस्या है। इसके लक्षण बुखार पेट में ऐंठन, सिरदर्द, दस्त और उल्टी जैसे दिखते हैं। हालांकि इस अपच के लक्षण लोगों में अलग अलग भी दिख सकते हैं। कुछ लोगों केा पेट का फ्लू होने पर सिर्फ पेट में ऐंठन और सिरदर्द होता है।
  • इस मौसम में कई वायरस और इंफेक्‍शन ऐसे होते हैं जो सीधा पेट पर हमला करते हैं और इस कारण डायरिया की समस्‍या होती है। डायरिया की समस्‍या अक्‍सर अस्‍वच्‍छ भोजन करने और गंदगी में रहने के कारण होती है। डायरिया होने का दूसरा कारण गंदा पानी पीना है। इसलिए सलाह दी जाती है कि बरसात के मौसम में जितना संभव हो घर का खाना खाएं। पानी को छानकर या फिल्‍टर कर पीएं। अगर आपके घर में फिल्‍टर नहीं है तो आप पानी को उबालकर पी सकते हैं।
  • इस मौसम में पीलिया और टाइफाइड होने का काफी खतरा रहता है। साथ ही इन दोनों बीमारियों के लक्षण भी एक जैसे ही हैं। कमजोरी होना, पेट दर्द, सिर में दर्द, भूख की कमी और कब्‍ज आदि पीलिया और टाइफाइड के लक्षण हो सकते हैं। अगर ये लक्षण 1-2 दिन से ज्‍यादा दिखें तो डॉक्‍टर से संपर्क करें।
  • पेट में मरोड़ होना, कब्‍ज होना, ऊपरी पेट में दर्द होना और गैस होने जैसी समस्‍याएं भी मानसून के मौसम में बहुत कॉमन होती हैं। ज्‍यादा स्‍पासी खाने, फास्‍ट फूड का सेवन और ज्‍यादा ऑयली खाने से अपच की द‍िक्‍कत होती है।

पेट को सही करने और बीमारियों से बचने के लिए क्‍या करें

  • जितनी भूख हो उतना ही खाएं। ओवरइटिंग की समस्‍याओं का कारण बन सकती है।
  • अगर घर से बाहर जा रहे हैं तो पानी साथ लेकर जाएं। बाहर के पानी को अवॉइड ही करें।
  • खाने से पहले हाथों को अच्‍छी तरह से जरूर धोएं।
  • हरी पत्‍तेदार सब्जियां या सलाद खा रहे हैं तो उन्‍हें पहले अच्‍छी तरह से धोएं फिर खाएं।
  • खाना आसानी से पच जाए इसलिए थोड़ा थोड़ा ही खाएं। अगर आप राजमा, छोले, चाप या चिकन जैसी चीजें खा रहे हैं तो बहुत कम मात्रा में ही खाएं।
  • तली भुनी और स्‍पासी चीजों को अवॉइड ही करें।
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