... Read More
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
Written By: Kishori Mishra | Published : August 12, 2020 10:52 AM IST
Lungs Cancer Sign : किसी भी बीमारी के जब लक्षण सामने नहीं आते हैं, तो फिर उसकी जांच कराई जाती है। इस प्रक्रिया को स्क्रीनिंग कहते हैं। स्क्रीनिंग गंभीर बीमारियों की रोकथाम के लिए बहुत ही आवश्यक है। स्क्रीनिंग करवाने से समय रहते कैंसर की पहचान की जा सकती है, जिससे समय रहते कैंसर का इलाज किया जा सके। किसी भी बीमारी का अगर समय रहते इलाज शुरू (Sanjay Dutt diagnosed with lung cancer ) किया गया, तो उसके ठीक होने की संभावना काफी अधिक (Lungs Cancer Sign) हो जाती है।
लंग्स कैंसर के मामले में भी ठीक ऐसा ही है। फेफड़ों के कैंसर की जांच या स्क्रीनिंग (Lungs Cancer Sign) का बहुत ही जरूरी है। लेकिन इससे पहले आपको यह जानने की आवश्यकता है कि लंग्स कैंसर (Sanjay Dutt diagnosed with lung cancer) होने का खतरा किन व्यक्तियों को सबसे अधिक होता है और किन्हें स्क्रीनिंग की जरूरत होती है। आइए जानते हैं इस बारे में-
अधिक धूम्रपान करने वाले लोगों को लंग्स कैंसर होने का खतरा अधिक होता है। इसके साथ ही यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि आप कितने सालों से धूम्रपान कर रहे हैं। किसी भी उम्र में धूम्रपान छोड़ने से लंग्स कैंसर होने का खतरा काफी हद तक कम होता है।
धूम्रपान ना करने वाले लोगों को भी लंग्स कैंसर होने का खतरा होता है। दरअसल, अगर आप ऐसे स्थान पर रह रहे हैं, जहां धूम्रपान करने वाले लोग रहते हैं या फिर यहां प्रदूषण काफी अधिक है, तो आपको भी लंग कैंसर होने का खतरा होता है। अगर आपके सामने कोई सिगरेट पी रहा है, तो यह अप्रत्यक्ष या सेकेण्ड हैण्ड स्मोकिंग कहताला है। यह भी लंग कैंसर की बीमारी को बढ़ा सकता है।
जमीन, पानी के यूरेनियम और चट्टानों के टूटने से रेडन निकलती है। यह हवा में घुलकर सांस लेने की प्रणाली को प्रभावित करता है। यह रेडन गैस कहीं अधिक खतरनाक होता होता है, इसके कारण आपको लंग कैंसर होने का खतरा हो सकता है। घर में रेडन का लेवल जांचने के लिए उपकरण मौजूद हैं। अगर जांच उपकरण में रेडम गैस की अधिक मौजूदगी पाई गई, तो एक बार लंग्स स्क्रीनिंग जरूर कराएं।
घर या फिर ऑफिस में अगर आप अजबेस्टो या अन्य खतरनाक केमिकल्स पदार्थों के संपर्क में अधिक आते हैं, तो आपको कैंसर होने का खतरा अधिक होता है। क्रोमियम, ऑर्सेनिक और निकल जैसे रासायनिक पदार्थों के अधिक संपर्क में आने से फेफड़ों का कैंसर होने का खतरा बढ़ता है। ऐसे में अगर आप धूम्रपान करते है, तो यह खतरा कहीं अधिक बढ़ जाता है।
अगर आपके परिवार में किसी भी व्यक्ति को कभी भी लंग कैंसर हुआ है, तो एक बार अपनी जांच जरूर करा लें। अनुवांशिक कारणों से भी लंग कैंसर होने का खतरा बढ़ता है।
संजय दत्त लंग्स कैंसर के हुए शिकार, कोमल नाहटा ने ट्वीट कर दी जानकारी
माइग्रेन के रोगी संभलकर करें कॉफी और चॉकलेट्स का सेवन, वरना बढ़ सकती है परेशानी
Disclaimer: The content on TheHealthSite.com is only for informational purposes. It is not at all professional medical advice. Always consult your doctor or a healthcare specialist for any questions regarding your health or a medical condition.