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A progressive form of dementia that could disrupt the daily life, the patients have to be told that they forgot to carry out certain tasks © Shutterstock
उम्र बढ़ने के साथ दिमाग से जुड़ी कई तरह की बीमारियां होने लगती हैं, इसमें अल्जाइमर भी प्रमुख है। अल्जाइमर मस्तिष्क की वह स्थिति है जिसमें किसी भी व्यक्ति के लिए कुछ भी याद रखना, समझ सकना, संप्रेषित कर सकना, सब कुछ बहुत मुश्किल हो जाता है। हालांकि थोड़ी सी सावधानी, व्यायाम और नियमित ग्रीन टी के सेवन से आप इस बीमारी से बच सकते हैं।
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रोजाना व्यायाम करने से कम होता है अल्जाइमर का खतरा
अल्जाइमर एक प्रकार का मस्तिष्क विकार है, जिसकी चपेट में आने के बाद व्यक्ति को याद रखना मुश्किल होता है। यह व्यक्ति के सोचने और समझने की क्षमता को पूरी तरह प्रभावित करता है। इससे बचाव के लिए नियमित सैर व मानसिक व्यायाम जरूरी है। नियमित सैर करने से मस्तिष्क के स्मरण शक्ति से जुडे तंत्र मजबूत होते हैं और इससे स्मरणशक्ति तेज होती है। एक जर्नल में प्रकाशित शोध के अनुसार, वृद्ध व्यक्ति जो सप्ताह में तीन या इससे अधिक बार व्यायाम करते हैं, उन्हें अल्जाइमर होने की संभावना व्यायाम न करने वाले व्यक्तियों की तुलना में 30-40 प्रतिशत कम पाई गई। इस शोध में लगभग 1740 व्यक्तियों जिनकी आयु 65 वर्ष के करीब थी, उनके स्वास्थ्य व व्यायाम की आदतों का अध्ययन किया गया। शारीरिक व मानसिक व्यायाम अवसाद के रोगियों के मूड में भी सुधार लाते हैं और वृद्धावस्था में उनकी याददाश्त में सुधार भी लाते हैं। नकारात्मक मानसिकता और उद्देश्य की कमी अल्जाइमर के खतरे को बढ़ा सकता है, इसलिए सकारात्मक सोच रखें और खुशहाल जीवन यापन करें।
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ग्रीन टी है फायदेमंद
यूनिवर्सिटी ऑफ मिसौरी में कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड साइंस द्वारा किए गये एक शोध के अनुसार, अल्जाइमर में रोगी का एमिलॉयड-बीटा पेप्टाइड (ए-बीटा) एक साथ जमा हो सकते हैं और दिमाग में एमिलायड प्लेक्स बना सकते हैं। अल्जाइमर के लक्षणों में स्मृति खोना, भ्रम और अपने आसपास के वातारण के प्रति सजगता की कमी जैसे लक्षण शामिल हैं। ग्रीन टी में मौजूद एपिगेलोकैटचिन-3 गैलेट (ईजीसीजी) अल्जाइमर के उपचार और बचाव में सहायक हो सकता है। इसलिए अल्जाइमर के रोग से बचने के लिए नियमित रूप से ग्रीन टी का सेवन करना चाहिए। ग्रीन टी अल्जाइमर के अलावा भी स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होती है।