छोटे बच्‍चों के लिए भी हेल्‍दी होगी दिवाली, जब रखेंगे इन बातों का ध्‍यान

त्योहार की खुशियां मनाते समय भी इस बात का जरूर ध्यान रखें कि आपकी खुशी और मस्ती कहीं दूसरों के लिए परेशानी का सबब न बन जाए। खासतौर से अगर छोटे बच्चे आपके साथ हैं तो इन बातों का जरूर ध्यान रखें।

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Written By: Yogita Yadav | Updated : October 26, 2019 7:52 PM IST

दिवाली मस्‍ती और खुशियों का त्‍योहार है । इसमें पूरा परिवार साथ बैठे तो खुशियां और भी बढ़ जाती हैं। एक परिवार में अलग-अलग उम्र और अलग-अलग जरूरतों वाले लोग रहते हैं। त्‍योहार की खुशियां मनाते समय भी इस बात का जरूर ध्‍यान रखें कि आपकी खुशी और मस्‍ती कहीं दूसरों के लिए परेशानी का सबब न बन जाए। खासतौर से अगर छोटे बच्‍चे आपके साथ हैं तो इन बातों का जरूर ध्‍यान रखें।

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एक साल से छोटे बच्‍चों के लिए 

बच्‍चे अगर बहुत छाेेेटे हैं तो उन्‍हें रात के समय बाहर न ले जाएं। धुएं और प्रदूषण से उन्‍हें समस्‍या हो सकती है इस‍लिए डॉक्‍टर के परामर्श सेे जरूरी दवाएं घर में रखें। बच्‍चा अगर एक साल से छोटा है और अपनी पहली दिवाली मना रहा है तो आपकाे और भी  सजग होने की जरूरत है। तेेेज आवाज उसे परेशान न करें इसके लिए कानों में रूई डाल सकते  हैं।

ज्‍यादा खतरनाक हैं फुलझड़ियां

शायद आपको पता नहीं कि फुलझड़ियां खाना बनाने वाले गर्म तेल के मुकाबले 5 गुना ज्यादा गर्म होती हैं। इसलिए यदि आपका बच्चा 5 साल से कम उम्र का है तो  उसे कभी फुलझड़ियां न दें। अगर आप अपने बच्चों (5 साल की उम्र से अधिक) को फूलझड़ी जलाने दे रहे हैं तो एक बार में एक ही फूलझड़ी जलाएं। छोटे बच्चे को गोद में उठा कर कभी फूलझड़ी न जलाएं। फूलझड़ी के जलने के बाद उसे पानी से भरी हुई बालटी के अंदर रख दें।

रहें साथ में 

बच्चों को फूलझड़ी देते वक्त हमेशा उन्हें इसे जलाने का सही तरीका बताएं। बच्चों को दिखाएं कि उन्हें किस तरह से फूलझड़ी को पकड़ना है और उसे उसके अंतिम छोर से पकड़ के अपने शरीर से दूर रखते हुए जलाना है। बच्चों को बताएं कि उन्हें फूलझड़ी किसी भी व्यक्ति के पास नहीं जलानी चाहिए और उन्हें जलती हुई फूलझड़ी लेकर नहीं भागना चाहिए।

पालतू जानवरों का भी रखें ध्‍यान 

पालतू  जानवरों को पटाखों की जगह से दूर रखें। अनार, संकु चक्रम, चकरी और फूलझड़ी दूसरे बच्चों द्वारा इस्तेमाल किए जा सकते है। अगर बच्चे एटम बॉम्ब या रोकेट जैसे पटाखों का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो उन्हें हमेशा बढ़ों की निगरानी में ही करना चाहिए।

मोमबत्‍ती जलाते समय 

मोमबत्‍‍‍‍ती के प्रयोग के दौरान  ध्यान रखेें कि इसे जलाते समय भी पर्याप्‍त दूरी बनाकर रखेें। मोमबत्‍‍‍‍ती से पटाखे जला रहें हैं तो भी दूरी बनाकर रखें। मोमबत्ती के पास किसी भी पटाखे या ऐसे पदार्थ को न रखें जो आसानी से आग पकड़ ले। मोमबत्ती को जलाते वक्त उसे ऐसी जमीन पर ऐसे रखें कि वह वहां मजबूती से चिपक जाए। मोमबत्ती को ऐसी जगह रखें जहां उसके और सतह के बीच कम से कम तीन फीट का फासला हो।

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