
... Read More
Written By: Anshumala | Updated : November 2, 2018 10:45 AM IST
खुशियों के इस त्योहार को बेशक धूमधाम से मनाइए, लेकिन अगर सेहत संबंधी कोई समस्या है, तो थोड़ी सी सावधानी भी बरतनी जरूरी है। © Shutterstock
दीपावली के त्योहार में बस कुछ ही दिन रह गए हैं। खुशियों के इस त्योहार को बेशक धूमधाम से मनाइए, लेकिन अगर सेहत संबंधी कोई समस्या है, तो थोड़ी सी सावधानी बरतकर आप अपनी खुशियों को और भी सेहतमंद तरीके से दोगुना कर सकते हैं। इससे आपकी सेहत के साथ आपका त्योहार भी जगमगाता रहेगा। दिवाली में जानें कौन-कौन सी सेहत संबंधित समस्याएं होने पर खास सावधानी बरतने की जरूरत होती है...
अस्थमा है तो बरतें विशेष सावधानी
- दीपावली पर अस्थमा के मरीजों को ज्यादा परेशानी होती है। पटाखों के धुएं से कार्बन डाइऑक्साइड, कार्बन मोनोऑक्साइड, सल्फर ऑक्साइड जैसी जहरीली गैसें हवा में घुल जाती हैं। यह अस्थमा के मरीजों के फेफड़ों में जाकर एलर्जी करती है, जिससे सीने में जलन, सांस लेने में दिक्कत, सीने में जकड़न व अस्थमा का अटैक भी हो सकता है इसलिए ज्यादा धुएं वाले स्थान से दूर रहें। मुंह पर कपड़ा बांध कर रखें। इनहेलर, नेबुलाइजर साथ रखें। जरूरी हो तभी घर से बाहर निकलें, नियमित दवा लेते रहें।
- एलर्जी से पीड़ित लोगों के लिए भी यह दिन मुसीबत भरा साबित हो सकता है। घर की साफ-सफाई से निकलने वाली गंदगी और धूल, पटाखों और दीए का धुआं प्रदूषण को काफी बढ़ा देता है। इसके अलावा ठंड भी दस्तक दे चुकी है। अस्थमा और एलर्जी से पीड़ितों के लिए ये सभी खतरनाक हैं। इनकी वजह से अटैक की आशंका अधिक रहती है।
- अस्थमा से पीड़ित लोग धुएं वाली जगहों पर जाने से बचें। दिवाली की रात खुली जगह में जाने के बजाए घर के अंदर कमरे में बैठना बेहतर होगा, क्योंकि दीवाली की रात हवा में काफी मात्र में धुआं और प्रदूषण बढ़ जाता है।
- अगर घर के अंदर भी पटाखों का धुआं आ रहा हो तो घर के दरवाजे और खिड़कियां बंद कर दें। संभव हो तो मुंह और नाक को कपड़े से ढक लें, ताकि धुआं सांस द्वारा अन्दर न जा सके।
- अगर अस्थमा का अटैक पड़ जाए तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं, लेकिन उससे पहले इनहेलर का इस्तेमाल करें।
इसे भी पढ़ें- अस्थमा रोगियों के लिए दिवाली के पटाखे हो सकते हैं खतरनाक, अपनाएं ये घरेलू उपाय
दिल का भी रखें ख्याल
- दिल के मरीजों को पटाखों के तेज शोर से स्ट्रेस, हार्ट रेट बढ़ना, घबराहट, दिल के दौरे का खतरा भी रहता है। इस दिन दिल के रोगी खानपान में सावधानी बरतें।
- ज्यादा नमक या मीठा न लें, संतुलित भोजन, ड्राई फ्रूटस, फल लें। त्योहार की तैयारी के दौरान स्ट्रेस बिल्कुल न लें, तनाव लेने से दिल की धड़कन असंतुलित हो जाती है और दिल पर दबाव भी अधिक पड़ता है, जिससे दिल का दौरा पड़ सकता है।
- नियमित दवा लेना बिल्कुल न भूलें, तेज आवाज के पटाखों से दूर रहें, तो अच्छा है।
- समय पर सोएं, दिल की सेहत का ध्यान भी रखें।
दिल के मरीजों को पटाखों के तेज शोर से स्ट्रेस, हार्ट रेट बढ़ना, घबराहट, दिल के दौरे का खतरा भी रहता है। © Shutterstock
आंखों की सेहत न हो खराब
- नेत्र रोग विशेषज्ञ और वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. संजय तेवतिया कहते हैं कि दीपावली पर होने वाला प्रदूषण हमारी कोमल आंखों को बेहद नुकसान पहुंचाता है। पटाखों के धुएं से आंखों में जलन, पानी आने की समस्या, आंख का लाल होना जैसी एलर्जी हो सकती है।
- जिन लोगों का मोतियाबिंद का ऑपरेशन हुआ है, आंख में चोट है या नजर कमजोर है, वह विशेष सावधानी बरतें।
- आंख में चिंगारी जाने या पटाखे से चोट लगने को गंभीरता से लें। साधारण दिखने वाली चोट से आंख का पर्दा खिसक जाना, आंख के लेंस का हिल जाना, क्रॉर्निया खराब होना, अंधेपन की समस्या भी हो सकती है। सामान्य लोगों को भी अगर आंखों में कुछ परेशानी हो रही हो, तो पटाखों के धुएं से दूर रहें और आंख साफ पानी से धोते रहें।
- चोट लगने या चिंगारी गिरने पर, बिना समय गवाएं चिकित्सक से सम्पर्क करें।
इसे भी पढ़ें- दिवाली स्पेशल : क्या आपने खाया है ‘रबड़ी पराठा’ ? जानें बनाने का तरिका
स्किन को रखिए सेहतमंद
- पटाखे चलाते समय पटाखों से निकलने वाला बारूद, खतरनाक रसायन हमारे हाथों में लग जाता है। हाथों से यह हमारे आंख, कान, नाक, चेहरा आदि तक पहुंचता है। इससे हमारी त्वचा में रूखापन, जलन, त्वचा का लाल होना, छोटे-छोटे दाने निकलना, तेज खुजली या एग्जिमा जैसी समस्या हो सकती हैं।
- अगर पटाखे चलाते समय शरीर का कोई हिस्सा जल गया है, तो घरेलू उपचार बिल्कुल न करें। कोलगेट, गोले का तेल आदि न लगाएं, इससे जले स्थान पर इन्फेक्शन होने का खतरा होता है।
- जली त्वचा पर बर्फ लगाएं, ठंडे पानी को कुछ देर डालते रहें, 24 घंटे के भीतर चिकित्सक से सम्पर्क करें, नहीं तो इन्फेक्शन गंभीर रूप् से बढ़ सकता है।
- पटाखे चलाते समय हाथ धोते रहें। जलने पर खुद उपचार न लें, चिकित्सक से सम्पर्क करें।
तेज शोर से रहें दूर
- इस दिन दिमाग संबंधी बीमारी के मरीजों को विशेष एहतियात बरतना जरूरी है। माइग्रेन, ब्रेन स्ट्रोक, ट्रामा, ब्रेन हेमेरेज जिन मरीजों के हो चुका है। वह पटाखों के शोरगुल से दूर रहे तो अच्छा है। पटाखों के शोर से उन्हें हाई बीपी, घबराहट, सिर में दर्द जैसी समस्या हो सकती है। - बीपी बढ़ने से ब्रेन हैमरेज होने की संभावना भी पुराने रोगियों में रहती है।
- माइग्रेन के मरीजों को शोर-शराबे से माइग्रेन की समस्या बढ़ सकती है इसलिए ज्यादा तेज आवाज के पटाखों, शोरगुल से दूरी बनाएं रखें। त्योहार की तैयारी के बीच तनाव बिल्कुल न लें, दवा समय पर लेते रहें।
Disclaimer: The content on TheHealthSite.com is only for informational purposes. It is not at all professional medical advice. Always consult your doctor or a healthcare specialist for any questions regarding your health or a medical condition.