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महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशान करती हैं ये बीमारियां, लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से मिलें

International Women's Day: महिलाओं को अपने जीवन में कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं से जूझना पड़ता है। ये बीमारियों महिलाओं में सबसे ज्यादा देखने को मिलती हैं-

महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशान करती हैं ये बीमारियां, लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से मिलें
VerifiedMedically Reviewed By: Dr. Archana Dhawan Bajaj

Written by Anju Rawat |Updated : March 10, 2026 3:46 PM IST

महिलाओं की सेहत कई शारीरिक और हार्मोनल बदलावों से जुड़ी होती है। पीरियड्स, प्रेग्नेंसी, मेनोपॉज और बदलती लाइफस्टाइल की वजह से उनमें कई तरह की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। कई बार महिलाएं छोटी-छोटी समस्याओं को नजरअंदाज कर देती हैं, जो आगे चलकर गंभीर बीमारी का रूप ले सकती हैं। इसलिए जरूरी है कि महिलाओं को उन बीमारियों के बारे में जानकारी हो जो उन्हें सबसे ज्यादा परेशान करती हैं। अगर इनके लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। आइए, आज विश्व महिला दिवस (International Women's Day) के मौके पर नर्चर की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अर्चना धवन बजाज से जानते हैं कि महिलाओं में सबसे ज्यादा होने वाली बीमारियां कौन-सी हैं?

1. एनीमिया (खून की कमी)

भारत में महिलाओं में सबसे आम समस्या एनीमिया की है। शरीर में आयरन की कमी होने पर खून की मात्रा कम हो जाती है, जिससे शरीर कमजोर होने लगता है। हमेशा थकान, कमजोरी महसूस होना, चक्कर आना, सांस फूलना, त्वचा का पीला पड़ना, सिरदर्द आदि एनीमिया के लक्षण हो सकते हैं। अगर लंबे समय तक ये लक्षण बने रहें तो तुरंत जांच करानी चाहिए।

2. थायरॉइड की समस्या

थायरॉइड की समस्या भी महिलाओं में पुरुषों की तुलना में ज्यादा देखी जाती है। थायरॉइड हार्मोन शरीर के मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करता है। इसके असंतुलित होने पर कई स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। अचानक वजन बढ़ना या कम होना, बालों का झड़ना, बहुत ज्यादा थकान, दिल की धड़कन तेज होना, पीरियड्स में अनियमितता ये थायराइड के लक्षण होते हैं। अगर आपको ये लक्षण दिखे तो इन्हें नजरअंदाज न करें।

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3. पीसीओएस

आजकल की खराब लाइफस्टाइल, तनाव और गलत खानपान के कारण महिलाओं में PCOS यानी पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम तेजी से बढ़ रहा है। यह एक हार्मोनल समस्या है जो प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकती है। अनियमित पीरियड्स, चेहरे या शरीर पर ज्यादा बाल आना, मुंहासे, वजन बढ़ना और  गर्भधारण में दिक्कत पीसीओएस के संकेत हो सकते हैं।  समय रहते इलाज और लाइफस्टाइल सुधार करने से इसे कंट्रोल किया जा सकता है।

4. ब्रेस्ट कैंसर

महिलाओं में होने वाले कैंसर में ब्रेस्ट कैंसर सबसे आम माना जाता है। अगर समय पर इसकी पहचान हो जाए तो इलाज संभव है। इसलिए महिलाओं को इसके लक्षणों के बारे में जरूर पता होना चाहिए। स्तन में गांठ महसूस होना, स्तन के आकार या त्वचा में बदलाव, निप्पल से असामान्य डिस्चार्ज, स्तन में दर्द या सूजन आदि ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण होते हैं।

5. यूटीआई

महिलाओं में यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) भी बहुत आम है। साफ-सफाई की कमी, कम पानी पीना और बैक्टीरियल संक्रमण आदि की वजह से यूटीआई ज्यादा होता है। इसकी वजह से पेशाब करते समय जलन, बार-बार पेशाब आना, पेट के निचले हिस्से में दर्द, पेशाब में बदबू या धुंधलापन जैसे लक्षण दिख सकते हैं।  अगर ये लक्षण महसूस हों तो इलाज में देरी बिल्कुल न करें।

6. हृदय रोग

पहले दिल की बीमारियों को पुरुषों से जोड़ा जाता था, लेकिन अब महिलाओं में भी हृदय रोग के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। खराब लाइफस्टाइल, तनाव, मोटापा और हाई ब्लड प्रेशर इसकी बड़ी वजह बन रहे हैं। सीने में दर्द, सीने में भारीपन, सांस लेने में तकलीफ, सांस फूलना, अत्यधिक थकान, हाथ, गर्दन या जबड़े में दर्द आदि हृदय रोगों के संकेत हो सकते हैं।  इन लक्षणों को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है।

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Highlights:

  • महिलाओं में एनीमिया एक सबसे आम समस्या है।
  • अगर कोई असामान्य संकेत नजर आए तो डॉक्टर से जरूर मिलें।
  • महिलाओं को हृदय रोग भी परेशान करता है।

Disclaimer : प्र‍िय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्‍य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसल‍िए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए ज‍िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।