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पेनकिलर खाने से बढ़ सकता है हार्ट अटैक का ख़तरा!

अगर आप अक्सर पेन किलर खाते रहते हैं तो ये जानकारी है आपके लिए।

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Written By: Editorial Team | Updated : January 5, 2017 8:32 AM IST

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अनुवादक – Shabnam Khan

क्या आप अक्सर होने वाले पेट दर्द, माइग्रेन के सिरदर्द या जोड़ों के दर्द को दूर करने के लिए एस्प्रिन या इबूप्रोफेन लेते हैं? अगर हां तो मुमकिन है कि आप अपने लिए दिल के दौरे का ख़तरा पैदा कर रहे हैं। फोर्टिस एस्कोर्स्ट हार्ट इंसीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर के एक्ज़ीक्यूटिव डायरेक्टर डॉक्टर उपेन्द्र नाथ बता रहे हैं कि कैसे दर्द निवारक दवाओं का सेवन आपका हार्ट अटैक का जोखिम बढ़ा देता है।

क्यों खाते हैं लोग पेनकिलर

सिरदर्द से लेकर मांसपेशियों में होने वाला दर्द, या घुटनों-पैरों का दर्द, पेनकिलर रोज़मर्रा के इन दर्द में काफी आराम पहुंचाती हैं। नॉन-स्टेरॉइडल एंटी-इनफ्लैमटॉरी ड्रग्स (एनएसएआईडी) इनफ्लेमेशन, बुखार आदि को कम करते तुरंत राहत भी पहुंचाते हैं। क्योंकि ये मेडिकल स्टोर में मिल जाती है तो लोग सोचते हैं कि इसे खाना सुरक्षित है। और इसी गलतफहमी की वजह से उन्हें कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। (इसे भी पढ़ें - पीठ के दर्द के लिए पेनकिलर खाना क्यों है गलत)

कभी-कभी एक या दो पेनकिलर खाने से कुछ समस्या नहीं होती। लेकिन जब मरीज़ इसे लंबे वक्त तक इस्तेमाल करने लगते हैं तो समस्या पैदा होती हैं। वैसे तो हर तरह के दर्द में इन्हें खाया जाता है लेकिन जब अर्थराइटिस के मरीज़ों की बात आती है तो मामला और गंभीर हो जाता है। अर्थराइटिस में लगभग रोज ही जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द होता है, जिसमें आराम पाने के लिए वो काफी अधिक मात्रा में पेनकिलर लेने लगते हैं। ऐसे में वो किडनी फैलियर और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ा लेते हैं।

आख़िर क्यों न खाएं पेनकिलर?

भारत में कई तरह की पेनकिलर और एंटी-डिप्रेसेंट दवाएं आसानी से केमिस्ट के पास मिल जाती हैं। कई बार मरीज़ को इनकी लत लग जाती है। वो बिना इसके साइड इफेक्ट्स के बारे में सोचे, दर्द होने पर फौरन इन्हें खा लेते हैं। लंबे वक्त तक पेनकिलर खाने से लीवर और किडनी के खराब हे, पेट का अल्सर, एलर्जी का जोखिम बढ़ सकता है।

इंडियन मेडिकल असोसिएशन मे कुछ वक्त पहले पेनकिलर और ओटीसी ड्रग्स से संबंधित दिशानिर्देश जारी किये थे जिसमें ये बात कही गई थी कि इनके इस्तेमाल से फायदे से ज्यादा नुकसान होता है। असोसिएशन डॉक्टर की सलाह के बिना दर्द या बुखार के लिए पैरासिटामोल या एस्प्रिन खाने के भी खिलाफ है। ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में 2014 में प्रकाशित एक डच अध्ययन में 13 साल तक 8000 लोगों पर नज़र रखी गई जिसमें ये परिणाम सामने आए कि आम पेनकिलर खाने से अनियमित दिल की धड़कन और आटरिअल फीब्रीलिएशन (atrial fibrillation) का जोखिम दुगुना हो जाता है।

इसलिए पेनकिलर खाने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें। कहीं ऐसा न हो थोड़े से आराम के लिए आप बड़ा खतरा मोल ले लें।

चित्र स्रोत - Shutterstock