थायराइड ग्रंथि में हो सकती हैं ये 5 बीमारियां, जानें कौन-सी है सबसे खतरनाक

Thyroid Gland Diseases: थायराइड ग्रंथि, शरीर में होने वाले कई जरूरी कार्यों के लिए जिम्मेदार होती है। हालांकि, इसमें कई तरह की बीमारियां भी विकसित हो सकती हैं। जैसे-

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Written By: Anju Rawat | Published : May 24, 2026 11:13 AM IST

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Medically Verified By: Dr. Mandeep Singh

आपने थायराइड के बारे में तो सुना होना, लेकिन क्या आपको पता है यह एक ग्रंथिहै जो गले पर एक छोटी और तितली के आकार की होती है। यह ग्रंथि शरीर में कई कार्यों जैसे- हार्मोन उत्पादन, मेटाबॉलिक रेट और वजन को नियंत्रित करने के लिए जिम्मेदार होती है। जब थायराइड ठीक से काम करता है, तो वजन कंट्रोल में रहता है और पाचन से जुड़ी समस्याएं भी दूर रहती हैं। लेकिन, जब थायराइड ग्रंथि में कोई गड़बड़ी आती है या इससे जुड़ी कोई बीमारी होती है तो शरीर का पूरा सिस्टम बिगड़ जाता है। अब आप सोच रहे होंगे कि थायराइड ग्रंथि में कौन-कौन सी बीमारियां होती हैं? आइए, आर्ट ऑफ हीलिंग कैंसर के ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. मनदीप सिंह मल्होत्रा से जानते हैं इसके बारे में-

1. हाइपोथायरायडिज्म

थायराइड ग्रंथि में होने वाली एक सबसे आम बीमारी है, हाइपोथायरायडिज्म की। यह एक ऐसी स्थिति है, जब थायराइड ग्रंथि पर्याप्त हार्मोन का उत्पादन नहीं कर पाती है। इससे शरीर में मेटाबॉलिज्म स्लो हो जाता है और तेजी से वजन बढ़ने लगता है। थोड़ा-सा काम करने पर थक जाना, कमजोरी महसूस होना, स्किन ड्राई होना, कब्ज बनना और ठंड सहन न कर पाना आदि थायराइड के लक्षण माने जाते हैं। इस स्थिति में डॉक्टर हार्मोन के स्तर को बढ़ाने के लिए हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी दे सकते हैं।

2. हाइपरथायरायडिज्म

थायराइड ग्रंथि से जुड़ी एक समस्या, हाइपरथायरायडिज्म भी है। यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें थायराइड ग्रंथि अत्यधिक हार्मोन का उत्पादन करती है। इससे मेटाबॉलिज्म काफी तेज हो जाता है और बिना वजह वजन कम होने लगता है। चिंता, तनाव, ज्यादा पसीना आना, कंपकंपी, गर्मी सहन न कर पाना और दिल की धड़कन का तेज होना आदि इसके संकेत हो सकते हैं। इसलिए अगर आपको इनमें से कोई भी लक्षण महसूस हो तो एक बार थायराइड की जांच जरूर कराएं। इस स्थिति में डॉक्टर थायराइड की दवाइयां दे सकते हैं।

3. थायरॉइडाइटिस

थायराइड ग्रंथि में होने वाली एक समस्या, थायरॉइडाइटिस है। इसमें थायराइड ग्रंथि में सूजन हो जाती है। आपको बता दें कि यह समस्या तब होती है, जब ऑटोइम्यून बीमारी, किसी संक्रमण या दवाइयों के रिएक्शन की वजह से थायराइड कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाती है। इसमें थायराइड हार्मोन अचानक से खून में रिसने लगते हैं, जिसकी वजह से शुरुआत में थायराइड हार्मोन का स्तर बढ़ता है और फिर कम हो जाता है। इसकी वजह से तेजी से वजन बढ़ सकता है और व्यक्ति को कमजोरी महसूस हो सकती है। यह कब्ज की समस्या का कारण भी बन सकता है।

4. घेंघा

घेंघा रोग भी थायराइड ग्रंथि में होने वाली एक समस्या है। इसमें थायराइड ग्रंथि असामान्य रूप से बढ़ती है और इसकी वजह से गले में सूजन होने लगती है। गले में गांठ भी दिखाई दे सकती हैं। यह आमतौर पर ऑटोइम्यून बीमारियों या आयोडीन की कमी से जुड़ा होता है।

5. थायराइड कैंसर

थायराइड ग्रंथि में, कैंसर भी हो सकता है। यह स्थिति तब विकसित होती है, जब थायराइड ग्रंथि में कैंसर कोशिकाएं असामान्य रूप से बढ़ने लगती हैं। इसकी वजह से गर्दन में सूजन और निगलने में कठिनाई हो सकती है। थायराइड कैंसर के रोगियों के आवाज में भी बदलाव दिख सकता है। हालांकि, शुरुआत में थायराइड कैंसर के लक्षण महसूस नहीं होते हैं। जब स्थिति बढ़ जाती है, तब व्यक्ति को तरह-तरह की समस्याएं होनी शुरू हो जाती हैं।

Disclaimer: थायराइड ग्रंथि और हार्मोन का सही तरीके से काम करना बहुत जरूरी होता है। क्योंकि थायराइड ऐसे हार्मोन उत्पन्न करता है, जो हृदय गति, ब्लड प्रेशर, वजन और शरीर के तापमान को नियंत्रित करते हैं। इसलिए अगर आपको थायराइड से जुड़े किसी भी रोग के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करें।

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