... Read More
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
Written By: Editorial Team | Published : March 3, 2017 5:13 PM IST
मेरी उम्र 30 वर्ष है। पिछले दो दिनों से मेरी आंखों में चिपचिपापन होने के कारण पलक सटने लगे हैं, विशेषकर सुबह सोकर उठने के बाद। क्या आंखों में चिपचिपापन किसी बीमारी का लक्षण है? इसके क्या कारण हैं? मुझे बहुत चिंता हो रही है। क्या मुझे किसी आप्थमलॉजिस्ट से बात करनी चाहिए?
इस सवाल का जवाब दे रहे हैं डॉ. कमल बी. कपूर जो शार्प साइट सेंटर, नई दिल्ली में आप्थमलॉजिस्ट (Ophthalmologist) हैं।
हमारी आंखों से हल्के पीले रंग का एक चिपचिपा पदार्थ रिसता है जो आंखों द्वारा उत्पन्न एक अहानिकारक पदार्थ है। यह शरीर की प्राकृतिक सुरक्षा प्रक्रिया का एक हिस्सा है, और इसकी वजह से आंखें चिपचिपी महसूस होती हैं। ऐसे विभिन्न कारण हैं जिनके चलते आपकी आंखों में यह चिपचिपा पदार्थ बनता है। आमतौर पर जब आप सोकर उठते हैं तो यह हमारी आंखों के किनारों पर मिलता है, जिसे आई गंक (eye gunk) कहते हैं। यूं तो यह पदार्थ बिल्कुल नुकसानदायक नहीं है, लेकिन कभी-कभार यह किसी बीमारी का भी संकेत हो सकता है।
चिपचिपी आंखों के दो मुख्य कारण हैं। सबसे आम कारण आपकी त्वचा का बहुत अधिक ऑयली होना है। जी हां, अगर आपकी त्वचा बहुत अधिक चिपचिपी या ऑयली है तो यह आपकी त्वचा के वसायुक्त ग्रंथियां या सिबेशस ग्लैंड्स (sebaceous glands) को उत्तेजित करेगी, और त्वचा पर बहुत अधिक चिपचिपापन महसूस होगा। इसके चलते, आंखों के किनारों पर चिपचिपा पदार्थ जमा होने लगता है और जब आप सोकर उठते हैं तो यह आपकी आंखों के किनारे मौजूद होता है।
एक और आम कारण है सोते समय हमारी आंखों में बैक्टेरिया के प्रवेश की कोशिश। हालांकि, रोग-प्रतिरोधक सेल्स कहे जानेवाले सफेद या व्हाइट ब्लड सेल्स (white blood cells- WBC) बैक्टेरिया को आंखों में प्रवेश नहीं करने देते। ये सेल्स एक गाढ़ा पीला पदार्थ बनाते हैं। यह एक प्राकृतिक प्रक्रिया है इसीलिए आंखों में चिपचिपे पदार्थ की वजह से चिंतित नहीं होना चाहिए। लेकिन, अगर चिपचिपेपन के साथ आंखों में खुजली या लाल होने जैसी समस्याएं भी हों तो, आपको किसी से बात करनी चाहिए। यह किसी बैक्टेरियल इंफेक्शन या वायरल इंफेक्शन के कारण भी हो सकता है।
Read this in English.
अनुवादक-Sadhna Tiwari
चित्रस्रोत- Shutterstock.