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डायबिटीज़ के मरीज़ों को नुकसान पहुंचाता है आलू, सच या मिथक?

कहीं आपने डाइबीटिज़ के मरीज़ होकर आलू खाना छोड़ तो नहीं दिया है?

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Written By: Editorial Team | Updated : January 5, 2017 8:12 AM IST

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डाइबिटीज़ के मरीज़ के आलू खाने को लेकर बहुत सारे मतविभेद है। अक्सर लोगों का मानना होता है कि डाइबीटिक मरीज़ आलू को किसी भी रूप यानि उबला हुआ, बेक किया हुआ, फ्राईड किया हुआ खायें उससे ग्लूकोज़ लेवल बढ़ता है। हालांकि ये बात सच भी है कि आलू डाइबीटिज़ वालों के लिए खाना सेहत के साथ खेलवाड़ करने के बराबर होता है। वैसे तो आलू के गुणों को आप नज़रअंदाज नहीं सकते है। इसमें पौष्टिकता प्रचुर मात्रा में होने के साथ-साथ कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट और डाइटरी फाइबर भी उच्च मात्रा में होता है। लेकिन आलू में ग्लाइसेमिक इंडेक्स हाई लेवल में होने के कारण ये शरीर में ब्लड ग्लूकोज़ लेवल को बढ़ाने में बहुत मदद करता है। यानि जिन खाद्द पदार्थों यानि फूड्स में हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स होता है वे लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फूड्स के तुलना में ब्लड शुगर लेवल को जल्दी बढ़ा देते हैं।

आलू में जो सारा स्टार्च और कार्बोहाइड्रेड होता है वह खाने के बाद ग्लूकोज़ में टूटकर ब्लड शुगर लेवल को बढ़ाते हैं। उबले हुए सफेद आलू में ग्लाइसेमिक इंडेक्स 85 होता है जो मात्रा में अधिक होता है।

इस क्षेत्र में क्या करना चाहिए?

इसका मतलब ये नहीं है कि आप आलू से बिल्कुल मुँह फेर लें। अगर आप अपने डायट और एक्सरसाइज़ को लेकर सचेत रहते हैं तो आप संतुलित मात्रा में आलू को अपने डायट में शामिल कर सकते हैं। डाइबीटिक होने के बावजूद आपके शरीर को एनर्जी के लिए कार्बोहाइड्रेड की ज़रूरत होती है। आपको पहले इस बात का पता लगाना होगा कि आपके बॉडी को रोज़ाना कितनी मात्रा में कार्बोहाइड्रेड की ज़रूरत होती है।

अगर आप डाइबीटिज़ के मरीज़ हैं तो आपको 45 से 65 प्रतिशत कूल कैलोरी के मात्रा के ऊपर कार्बोहाइड्रेड के मात्रा को नियंत्रित करना होगा। इसका मतलब ये है कि अगर आप 2200 कैलोरी का सेवन करते हैं तो 1450 कैलोरी कार्बोहाइड्रेड से आएगा। इस से ये पता चलता है कि मेन मील में एक छोटी कटोरी आलू चल सकती है। ये संतुलित मात्रा में डाइबीटिज़ मरीज़ के लिए लेकिन इससे ज्यादा निश्चित रूप से ग्लूकोज़ लेवल को बढ़ा देता है।

आलू को अपने डायट में कैसे शामिल करेंगे?

ये कुछ आसान तरीके हैं जिनके मदद से आप आलू को अपने डायट में शामिल कर सकते हैं-

• मिक्सड वेजट्बल में आलू के कुछ टुकड़े डालने से सब्ज़ी के पौष्टिकता के साथ-साथ कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट्स, फाइबर, प्रोटीन, आयरन, जिंक, फॉस्फोरस आदि माइक्रोन्यूट्रिएन्ट्स भी मिल जायेंगे।

• एक छोटी कटोरी से ज्यादा आलू की सब्ज़ी न खायें।

• आप ग्रीन सलाद में उबले हुए आलू के कुछ टुकड़े भी शामिल कर सकते हैं।

किन चीजों से करना चाहिए बचाव?

सिर्फ आलू उतना हानिकारक नहीं होता है लेकिन जब ये कुछ विशेष खाद्द पदार्थों के साथ मिल जाता है तब डाइबीटिज़ वालों के सेहत के लिए हानिकारक हो जाता है।

• फ्रेंच फ्राई, नमक और तेल का आलू के साथ सही तालमेल नहीं बैठता हैं।

• रेस्तरां में जो मैशड पोटाटो दिया जाता है उसमें मक्खन या मार्जरीन होता है।

• अतिरिक्त मात्रा में आलू का सेवन हानिकारक हो सकता है।

मूल स्रोत - Should people suffering from diabetes eat potatoes?

अनुवादक – Mousumi Dutta

चित्र स्रोत - Shutterstock


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