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पीठ दर्द होने पर पेनकिलर खाना क्यों है गलत ?

ज्यादा पेनकिलर खाने से यह आपके Kidney पर बुरा असर डालती है।

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Written By: Editorial Team | Updated : January 5, 2017 8:22 AM IST

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अनुवादक : Anoop Singh

जब भी आपकी पीठ में दर्द होता है आप तुरंत ही कोई दवा खा लेते हैं और फिर बाकी के कामों में लग जाते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि दर्द से तुरंत आराम पाने के लिये पेनकिलर खाना क्या एक सही तरीका है? आप कितनी बार इसका इस्तेमाल करते हैं और क्या ये दवायें सच में आराम पहुंचाती है? हमने इस बारे में पीएसआरआई हॉस्पिटल के कंसलटेंट पेन फिजिशियन डॉ मधुजित गुप्ता से बात की, आइये जानते हैं उन्होंने क्या सुझाव दिये।

बैक पेन बहुत ही परेशान करने वाला होता है इससे आपके चलने-फिरने, बैठने सब कामों में मुश्किलें आने लगती हैं। इसलिए दर्द निवारक गोलियां खाना ही इससे बचने का सबसे सही उपाय नजर आता है। लेकिन अगर आप एक ही महीने में हर हफ्ते में एक या उससे ज्यादा बार पेनकिलर खा रहे हैं तो अब आपको डॉक्टर के पास ज़रूर जाना चाहिये। वास्तव में पेन किलर, एंटी-इंफ्लैमटोरी दवाइयाँ होती हैं जो पीठ में होने वाली जलन को कम कर देती हैं जिससे दर्द कम महसूस होता है।  पीठ की मांसपेशियों में अकड़ दरअसल शरीर का ही एक रक्षक कवच है जो उस प्रभावित हिस्से को ठीक होने के लिए उसे गतिहीन बनाये रखने में मदद करता है। इस अकड़ को अनदेखा करने पर ही बाद में यह दर्द का रूप धारण कर लेती है।

छोटी-मोटी इंजरी में एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग्स उस हिस्से को काफी हद तक ठीक कर देती हैं बाकि बचे घाव को शरीर अपने आप ही भर देता है। लेकिन जब ऐसी अवस्था होती है जब उसे ठीक नहीं किया जा सकता उस समय ये दवाएं सिर्फ अस्थायी रूप से ही दर्द दूर कर पाती हैं। इसलिए आपको लम्बे समय तक इन दवाइयों का सेवन नही करना चाहिए क्योंकि इनका दुष्प्रभाव शरीर के दुसरे हिस्सों में जैसे की  किडनी,पेट और आहार नली पर पड़ता है। ऐसी दवाइयों का अधिक सेवन आपको आलसी और इन पर हद से ज्यादा निर्भर बना देता है। हालांकि इसका आपके स्पाइन पर कोई भी गलत प्रभाव नहीं पड़ता है। सबसे बेहतर तरीका यही है कि जैसे ही आपको पीठ में दर्द महसूस हो आपको तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिये। सही उपचार से आप इस दर्द से हमेशा के लिये छुटकारा पा सकते हैं।

चित्र स्रोत : Shutterstock