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मेरी उम्र 30 वर्ष है। मेरे दो बच्चे हैं और मैं नौकरीपेशा हूं। हाल ही में मैंने बाज़ार में मिलनेवाले सैनिटरी पैड की बजाय कॉटन के कपड़े से बने पैड इस्तेमाल करना शुरु किया, जिन्हें बार-बार इस्तेमाल किया जा सकता है। हाल ही में मैंने इंटरनेट पर एक आर्टिकल पढ़ा जिसमें लिखा था कि, चूंकि लोगों को जानकारी नहीं है लेकिन सैनिटरी पैड सर्वाइकल कैंसर का एक बड़ा कारण बनते हैं। हालांकि मैं उस आर्टिकल के आधार पर नहीं बता सकती कि इस बात में कितनी सच्चाई है। लेकिन मैं कोई ख़तरा नहीं लेना चाहती थी। इसीलिए झंझटभरा होने के बावजूद मैंने कपड़े के पैड का इस्तेमाल शुरु कर दिया। मैं किसी विशेषज्ञ से पुष्टि करना चाहूंगी कि क्या सचमुच सर्वाइकल कैंसर होता है?
इस सवाल का जवाब दे रहे हैं डॉ.प्रदीप गुप्ता, जो टाटा मेमोरियल अस्पताल में मेडिकल ऑन्कोलॉजी के प्रोफेसर हैं।
सर्विकल कैंसर(cervical cancer) के ख़तरनाक कारणों पर बड़े पैमाने पर शोध किया गया है, लेकिन मेरी जानकारी के अनुसार, ऐसा कोई डेटा मौजूद नहीं है जो इस बात की पुष्टि या खंडन करे कि सैनिटरी पैड की वजह से महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर हो सकता है।
अगर ऐसा है भी तो, सैनिटरी पैड के इस्तेमाल में समय के साथ लगातार बढ़ोतरी हुई है। मैं यह दिखा सकता हूं कि किस तरह महिलाओं में होनेवाले सर्विकल कैंसर के मामलों में कमी आयी है। उदाहरण के तौर पर, 1980 के दशक में मुंबई में सर्वाइकल कैंसर का अनुपात 1,00,000 महिलाओं में 35 था वहीं आज 1,00,000 महिलाओं में से केवल 9-10 को ही सर्वाइकल कैंसर होता है। सर्वाइकल कैंसर के मामलों में इस तरह की गिरावट मुंबई ही नहीं पूरे देश में देखी गयी है। साफ-सफाई, पोषक तत्व और प्रजनन के पैटर्न भी सर्वाइकल कैंसर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सर्वाइकल कैंसर के कारणों में अधिक लोगों के साथ सेक्स, इंफेक्शन की सम्भावनाएं और माइक्रोन्यूट्रिएंट की कमी जैसे कारण भी हो सकते हैं।
हालांकि सर्वाइकल कैंसर में सैनिटरी पैड के योगदान के बारे में बहुत अधिक नहीं कहा जा सकता लेकिन, हाल के कुछ वर्षों में, टैल्कम पावडर को ओवेरीयन कैंसर (ovarian cancer) का कारण बनने वाले कार्सिनोजेन के तौर पर देखा जा रहा है। कुछ समय पहले ही अमेरिका में एक महिला की मृत्यु ओवेरीयन कैंसर से हो गयी। जिसके बाद उसके परिवारवालों नें दावा किया कि महिला एक बहुत ही मशहूर कम्पनी के बेबी पावडर का इस्तेमाल बहुत दिनों से कर रही थी जिसके चलते उसकी मौत हो गयी। इस दावे के ऐवज में मृतक महिला के परिवारवालों को 70 मिलियन डॉलर (लगभग 7 करोड़) रुपए का मुआवजा दिया गया।
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अनुवादक -Sadhna Tiwari
चित्र स्रोत-Shutterstock.