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हममें से अधिकांश लोगों को कभी न कभी दूषित खाना खाने या पानी पीने की वजह से उल्टी या ऐसी ही किसी समस्या का सामना करना पड़ा होगा। कुछ मामलों में तो अस्पताल जाने की भी नौबत आ जाती है। कई बार अधपका या कच्चा खाना खाने से भी आपको फूड पॉज़निंग हो सकती है। ज़्यादातर लोगों को लगता है कि फ़ूड पॉइज़निंग एक स्वास्थ्य समस्या है लेकिन ऐसा नहीं है फ़ूड पॉइज़निंग एक इंफेक्शन है जो गंदा खाना खाने से होती है। जहां साफ-सफाई का अभाव इस बीमारी का एक कारण बनता है वहीं ज़्यादातर लोगों को यह बैक्टेरिया या वायरल इंफेक्शन की वजह से होता है।
डॉ. शिखास न्यूट्रीहेल्थ सेंटर में सीनियर आयुर्वेदिक एक्सपर्ट डॉ. रीना रावत बताती हैं कि, फ़ूड पॉइज़निंग एक ऐसा इंफेक्शन है पैथोजेनिक बैक्टेरिया, वायरस या परजीवी (पैरासाइट्स) के कारण दूषित हुए भोजन को खाने के कारण होता है। ये सूक्ष्म जीव न केवल खाने को गंदा करते हैं बल्कि वे पेट में भी परेशानियों का कारण बनते हैं। साथ ही, लेग्यूम जैसी चीज़ों में मौजूद केमिकल औऱ एमिलेज (amylase) जैसे प्राकृतिक विषैले तत्व भी खाने को दूषित बनाने का कार्य करते हैं। कई बार तो खाने के बाद महसूस होनेवाला नशा भी फ़ूड पॉइज़निंग का कारण बनता है। क्योंकि खाने में मौजूद बैक्टेरिया खाने को विषैला बना देते हैं। खाने से होनेवाले नशे का सबसे आम कारण बनते हैं क्लोस्ट्रीडियम बोटुलिनम (Clostridium botulinum), बकिल्लुस सेरेउस (Bacillus cereus) और क्लोस्ट्रीडियम परफ्रीनजेन्स (Clostridium perfringens) जैसे जीव। फ़ूड पॉइज़निंग शिशु को भी हो सकती है इसलिए उन्हें खाना खिलाते वक़्त न करें ये 11 गलतियां।
फ़ूड पॉइज़निंग होने पर क्या करना चाहिए?
अगर आपको खाना खाने के बाद फ़ूड पॉइज़निंग के लक्षण जैसे पेट में मरोड़ें, डायरिया( गंभीर मामलों में खूनी डायरिया), उल्टी, उबकाई(मतली), बुखार या बेचैनी महसूस हो तो, तुरंत डॉक्टर से सम्पर्क करें। इसके साथ ही जब तक ये लक्षण दिखने बंद न हो जाएं आपको खाने-पीने की कुछ चीजों से परहेज भी करना होगा। डॉ. शिखास न्यूट्रीहेल्थ में सीनियर आयुर्वेदिक एक्सपर्ट, डॉ.विनिता शर्मा बता रही हैं कुछ ऐसी ही चीजों के बारे में। क्या आप भी बाहर का दूषित खाना खाते हैं? तो फूड पॉइज़निंग से बचने के 8 आसान टिप्स ज़रूर अपनायें।
• कच्ची सब्ज़ियों और होल सीरिअल्स जैसे कार्बोहाइड्रेट न खाएं क्योंकि कच्चा खाना न केवल पचने में मुश्किल होता है बल्कि उससे इंफेक्शन होने और बढ़ने का ख़तरा भी है। इसी तरह अधिक फाइबर वाली चीजें भी न खाएं।
• आपको दूध और दूध से बनी चीजें जैसें पनीर और चीज़ नहीं खानी चाहिए। क्योंकि फ़ूड पॉइज़निंग होने पर शरीर में लैक्टोस इंटॉलरेंस भी हो सकता है।
• तले हुए, गाढ़े सॉस, बोतलबंद खाना और मसालेदार भोजन का सेवन भी आपके जल्दी ठीक होने की प्रक्रिया में बाधा बनता है। वैसे क्या आप जानते हैं कि टेस्टी स्पाइसी फूड मौत का खतरा कम करता है।
• फ़ूड पॉइज़निंग के बाद महीनेभर बाहर का खाना न खाएं। घर में बना ताज़ा खाना खाने से आपके शरीर को भी आराम मिलेगा।
• सबसे महत्वपूर्ण बात बोतलबंद कोल्ड्रिंक और शराब न पीएं। क्योंकि इनसे आपके पेट की तकलीफें बढ़ जाएंगी और आपको ठीक होने में भी समय लगेगा। सोने से पहले न खायें ये 7 हेल्दी फ़ूड ।
बाक़ी बीमारियों की तरह ही फ़ूड पॉइज़निंग के मामले में भी सावधानी बरतनें की सलाह दी जाती है। चूंकि फ़ूड पॉइज़निंग साफ-सफाई की कमी के कारण होनेवाली एक बीमारी है इसलिए अपने आसपास की साफ-सफाई का ध्यान रखें। साफ बर्तनों में खाना पकाएं और खाएं। हाथ धोकर ही भोजन करें और बाथरूम जाने के बाद हाथों को अच्छी तरह से साफ करें। बरसात के मौसम में इंफेक्शन का ख़तरा काफी बढ़ जाता है इसलिए उस मौसम में गर्म और ताज़ा खाना खाएं। खाने को फ़्रिज में रखने और खाने से पहले गर्म करने की प्रक्रिया से भी बैक्टेरिया पनपने का डर होता है। इसलिए जहां तक हो ऐसा करने से बचें।
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अनुवादक -Sadhna Tiwari
चित्र स्रोत- Shutterstock