... Read More
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
Read this in English.
इस सवाल का जवाब डॉक्टर अनिल मगदम, गायनाकॉलजिस्ट, सनराइज़ हॉस्पिटल, मुंबई ने दिया है।
एक अध्ययन के मुताबिक, तकरीबन 60-70 प्रतिशत महिलाओं को ब्रेस्ट पेन यानी स्तनों में दर्द की समस्या से जूझना पड़ता है। ब्रेस्ट पेन के कई कारण होते हैं। ये चक्रिय (cyclic) और अचक्रिय (non-cyclic) हो सकता है।
चक्रिय (cyclic) ब्रेस्ट पेन मेन्स्ट्रुअल साइकल (menstrualcycle) के दौरान एस्ट्रोजन और प्रोलैक्टिन स्तरों में हुए परिवर्तनों के कारण मुख्य रूप से होता है। इनका शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर अलग प्रभाव होता है। ब्रेस्ट पेन का एक और कारण फैटी एसिड्स का असंतुलित होना भी है। (ब्रेस्ट को शेप में लाएंगे ये 4 योगासन)
कैसे दूर करें ब्रेस्ट पेन?
साइक्लिक ब्रेस्ट पेन को दूर करने के नॉन-मेडिकल तरीके कैफीन, अल्कोहल, सैचुरेटिड फैटी एसिड्स का सेवन कम करना, स्मोकिंग छोड़ना, बेहतर फिटिंग की ब्रा पहनना आदि हैं। सोया प्रोटीन, विटामिन ई, गिंगो (Ginkgo) कुछ ऐसे न्यूट्रीशनल सप्लीमेंट्स हैं जो स्तनों के दर्द में राहत पहुंचाते हैं। कई महिलाओं को पैरासिटामोल और इबूप्रोफेन खाने से भी इस तरह के दर्द में आराम मिलता है।अगर इन सब उपायों के बावजूद आपका ब्रेस्ट पेन कम न हो तो डॉक्टर से सलाह लेना ज़रूरी हो जाता है।
हार्मोलन परिवर्तन के लिए कुछ दवाएं जैसे कि डैनाज़ोल (danazol), गोज़रेलिन (goserelin) या टैमोक्सिफेन (tamoxifen) का इस्तेमाल भी किया जाता है। हालांकि इन दवाओं के साइड इफेक्ट्स होते हैं। इन्हें सिर्फ तभी लिया जाता है जब इसके फायदे नुकसान से काफी ज्यादा हों।
अगर आपको ब्रेस्ट पेन के साथ-साथ गुठली (लंप) महसूस होता है, निप्पल से डिस्चार्ज होता है, बुख़ार, स्किन में बदलाव व ब्रेस्ट साइज़ में फेरबदल होता है तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए, कोई गंभीर समस्या भी हो सकती है।
मूल स्रोत – Is breast pain before periods normal?
चित्र स्रोत – Shutterstock
हिन्दी के और आर्टिकल्स पढ़ने के लिए हमारा हिन्दी सेक्शन देखिए। स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के लिए न्यूजलेटर पर साइन-अप कीजिए।