क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है कि आप गहरी नींद में सो रहे हैं और अचानक एक झटका महसूस होने के कारण नींद खुल जा रही है? क्या आप सोते समय अचानक उछल पड़ते हैं? वास्तव में ऐसा हाइपनिक जर्क (hypnic jerks) के कारण होता है। ये कोई रोग नहीं है और ना ही कोई नर्वस सिस्टम डिसऑर्डर है। यह अचानक मांसपेशियों के या शारीरिक झटके हैं जो नींद आने के कुछ घंटों में आ सकते हैं। इसे मायोक्लोनिक जर्क के रूप में भी जाना जाता है। दुनिया में लगभग 70 फीसदी लोगों ने इसका अनुभव किया है। एक्टिवओर्थो में साइकोथेरेपिस्ट डॉक्टर शक्ति रैना आपको इससे जुड़ी तमाम जानकारी दे रही हैं।
हाइपनिक जर्क के कारण
अगर आप परेशान या तनाव ग्रस्त हैं तो आपको सोते समय हाइपनिक जर्क अनुभव हो सकता है।
सोने से पहले शराब या कैफीन लेना इसका एक कारण हो सकता है। इसलिए सोने से पहले इन चीजों को पीने से बचें।
शाम के समय ज्यादा एक्सरसाइज कर लेना, यह कैल्शियम, मैग्नीशियम या आयरन की कमी के कारण हो सकता है।
अनकम्फ़र्टेबल पोजीशन में सोना या कच्ची नींद में सोना। ऐसा माना जाता है कि ऐसे में दिमाग का आधा हिस्सा एक्टिव रहता है।
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नर्व को उत्तेजित (stimulants) करने वाली दवाओं का ओवरडोज़ हो जाने पर या बिना डॉक्टर की सलाह के केमिस्ट की दुकान से ली गई दवाओं (ओटीसी) से यानि जिन दवाओं की सामग्री (ingredients) के बारे में आपको जानकारी न हो के अधिक इस्तेमाल से भी हाइपनिक जर्क होने का खतरा होता है।
क्यों और कब होता है
यह आमतौर पर सोने के पहले चरण में तब होता है जब हार्ट रेट और सांस धीरे होने लगती है। हालांकि अगर आप थके हुए हैं, तो आपको ये जल्दी हो सकता है।
जब मल्सल रिलैक्स होती हैं और ब्रेन एक्टिव होता है, तो यह स्थिति झटके का संकेत है। क्योंकि ब्रेन कैमिकल के साथ झटका दे सकता है जिससे आपको झटका लग सकता है और आप उठ सकते हैं।
कई मामलों में मैग्नीशियम, कैल्शियम और विटामिन बी 12 जैसे पोषक तत्वों की कमी के कारण भी झटका लग सकता है।
इससे बचने के लिए क्या करें
रोजाना कम से कम आठ घंटे की नींद लें और सुबह लगभग एक ही समय पर उठने की कोशिश करें।
सोने से छह घंटे पहले एक्सरसाइज़ करने से बचें।
सोने से पहले रिलैक्सेशन टेक्निक्स या गर्म पानी से नहाकर थोड़ा रिलैक्स हो जाएं।
सोने से पहले सोडा, कॉफ़ी या अन्य कैफीन वाली चीजें पीने से बचें।
तनावपूर्ण कामों को दिन के समय ही खत्म करने की कोशिश करें।
इसके अलावा पर्याप्त मात्रा में मैग्नीशियम और कैल्शियम का सेवन करें। मीठे और नमकीन पदार्थ कम खाएं बजाय इसके फ्रूट्स और वेजिटेबल ज्यादा खाएं।
इसका इलाज कैसे कराएं
चूंकि इस समस्या का कोई सही कारण ज्ञात नहीं है इसलिए इसका कोई इलाज नहीं है। कई मामलों में जिन ऐसे स्वस्थ लोग जिन्हें नींद से संबंधी कोई समस्या नहीं है उन्हें भी सोते समय झटके महसूस हो सकते हैं।
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