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Written By: Editorial Team | Updated : January 3, 2017 4:38 PM IST
मैं वेजिटेरियन हूं और अपना खाना खुद बनाता हूं। मेरी डायट में फल और सब्जियां, अनाज, नट और बीज जैसी चीजें शामिल होते हैं। मेरी डायट में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा अधिक होती है लेकिन रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट कम होता है और नमक, चीनी और तेल की मात्रा भी कम होती है। मैंने सुना है कि लो कार्बोहाइड्रेट डायट लेने से प्रोस्टेट कैंसर का खतरा कम होता है और अधिक फैट वाली चीजें खाने से प्रोस्टेट कैंसर का खतरा ज्यादा होता है। क्या इसका मतलब यह है कि सभी कार्बोहाइड्रेट रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट होते हैं? क्या अधिक फैट वाली चीजें केवल एनिमल प्रोडक्ट्स में शामिल हैं?
इस सवाल का जवाब सिटकेयर में मेडिकल ऑन्कोलॉजी सीनियर कंसल्टेंट डॉक्टर प्रसाद नारायण दे रहे हैं।
कम कार्बोहाइड्रेट वाली डायट प्रोस्टेट कैंसर के खतरे को कम करती है क्योंकि इंसुलिन प्रोस्टेट कैंसर के लिए वृद्धि का एक कारक है। और इस प्रकार सीरम इंसुलिन कम होने से प्रोस्टेट कैंसर एंटीजन (PCA) का विकास धीमा हो सकता है। अध्ययनों के अनुसार, रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट का अधिक सेवन करने से पीसीए बढ़ने के अधिक चांस होते हैं। इसलिए आपको रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट का सेवन कम करना चाहिए। इसके बजाय आपको कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट का सेवन करना चाहिए जोकि ग्लूकोज के जारी होने को नियंत्रित करता है और प्रोस्टेट कैंसर के जोखिम को भी कम करता है।
दूसरा अधिक फैट वाली चीजों में सैचुरेटेड फैट अधिक होता है। एनिमल प्रोडक्ट्स में ज्यादा सैचुरेटेड फैट होता है। इसलिए इनका सेवन कम करना चाहिए। हालांकि दही और दूध में प्रोटीन अधिक और फैट कम होता है। अगर आपको प्रोस्टेट कैंसर के खतरे को कम करना है, तो आप कम फैट वाली दही और दूध ले सकते हैं।
ज्यादा कैरोटीन वाली चीजों को खाने की सलाह नहीं देने का कारण यह है कि इससे विटामिन ए टॉक्सिक हो सकता है। आपकी बॉडी में बीटा-कैरोटीन, विटामिन ए में बदल जाता है और बीटा-कैरोटीन फल व सब्जियों से मिलना सेफ है। बॉडी केवल उतना ही कंवर्ट कर पाती है जितनी विटामिन ए की जरूरत होती है। इसलिए आप डायट में विटामिन ए वाली चीजें जैसे ब्रोक्ली, गाजर, गोभी, प्याज और पालक शामिल कर सकते हैं। हालांकि समस्या तब होती है, जब विटामिन ए वाले सप्लीमेंट्स खाते हैं। अध्ययनों से पता चला है कि सप्लीमेंट्स द्वारा बीटा-कैरोटीन का अधिक सेवन करने और बीटा कैरोटीन के सीरम लेवल को पीसीए के अधिक जोखिम से जोड़कर देखा जाता है। इसलिए विटामिन सप्लीमेंट्स लेते समय सावधान रहना चाहिए। अध्ययनों के अनुसार, बीटा-कैरोटीन सप्लीमेंट्स लेने वालों की तुलना में मल्टीविटामिन सप्लीमेंट्स का अधिक सेवन करने वाले लोगों को पीसीए का अधिक खतरा रहता है।
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अनुवादक – Usman Khan
चित्र स्रोत - Shutterstock