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Written By: Editorial Team | Updated : February 7, 2017 4:21 PM IST
मैं 30 वर्षीय महिला हूं। हाल ही में मुझे चिकन पॉक्स हो गया था। मेरी आंटी कहती हैं कि इसका कोई इलाज नहीं है। ये इन्फेक्शन अपने आप सही हो जाता है और आपको केवल आराम की जरूरत होती है। इसके अलावा आपको हाइड्रेटेड रहना पड़ता है। क्या यह सही बात है? क्या मुझे इसके ठीक होने तक घर में रहने की जरूरत है? क्या चिकन पॉक्स का कोई इलाज नहीं है?
इस सवाल का जवाब मुंबई स्थित फोर्टिस हॉस्पिटल में कंसल्टेंट फिजिशियन डॉक्टर प्रदीप शाह दे रहे हैं।
चिकन पॉक्स से पीड़ित व्यक्ति को अलग रहने की सलाह इसलिए दी जाती है क्योंकि यह पीड़ित व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को हवा के जरिए खांसने और छींकने से फैलता है। पीड़ित व्यक्ति के संपर्क में आने के 10 से 21 दिन बाद इसके लक्षण विकसित हो जाते हैं। क्या आपको पता है चिकन पॉक्स के लक्षण क्या हैं? चिकन पॉक्स आमतौर पर 5 से 10 दिन तक रहता है। मरीज को एक या दो दिन में दाने होने लगते हैं और चार से पांच दिन में फफोले हो जाते हैं। इसलिए इसके मरीज को कम से कम दस दिनों तक घर से बाहर ना जाने की सलाह दी जाती है। हालांकि परिवार में जो इससे पीड़ित नहीं उसे भी इसका टीका लगवाना चाहिए।
उपचार की बात की जाए, तो चिकन पॉक्स के इलाज में आराम करना, तरल पदार्थ से बचना, बुखार, सिरदर्द आदि के लक्षणों को कंट्रोल करना है। बच्चों को एस्पिरिन नहीं देने की सलाह दी जाती है। इससे उन्हें रेयेस सिंड्रोम (Reye’s syndrome) का खतरा रहता है। यही कारण है की बुखार को कंट्रोल करने के लिए एसिटामिनोफेन दी जाती है। कई मामलों में डॉक्टर एंटी वायरल दवा जैसे एकीक्लोवर (acyclovir) की सलाह भी देते हैं। हालांकि उपचार उम्र और इन्फेक्शन की गंभीरता पर निर्भर करता है। दवाएं शरीर पर हुए दानों को कम करने में मदद करती हैं।
कुछ मामलों में टीका लगवाने के बावजूद भी चिकन पॉक्स की समस्या हो सकती है। हालांकि ऐसे मामलों में इन्फेक्शन की गंभीरता बहुत कम होती है और इसके लक्षण टीका नहीं लगवाने वालों की तुलना में जल्दी कम हो जाते हैं। जल्दी ठीक होने के लिए हाइड्रेटेड रहना महत्वपूर्ण है। इसके अलावा घर के अंदर रहना चाहिए और दवाएं लेना नहीं छोड़ना चाहिए।
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अनुवादक – Usman Khan
चित्र स्रोत - Shutterstock