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Written By: Editorial Team | Updated : January 5, 2017 8:32 AM IST
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अनुवादक – Shabnam Khan
मेरे दोस्त को दस्त की समस्या होने पर डॉक्टर ने उसे ईसबगोल खाने की सलाह दी। वहीं, मेरे अंकल को जब कब्ज की समस्या हुई तो भी उन्हें ईसबगोल खाने की सलाह दी गई थी। क्या ईसबगोल से ये दोनों समस्याएं ठीक हो सकती हैं? कृपया जवाब दें।
इस सवाल का जवाब दिल्ली के मैक्स सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल के गैस्ट्रोऐंटेरोलॉजिस्टडॉक्टर राजीव खोसला ने दिया।
ईसबगोल एक अवशोषित न होने वाला (insoluble) फाइबर है जिसे आमतौर पर कब्ज का इलाज करने के लिए इस्तेमाल में लाया जाता है। कुछ मामलों में, दस्त होने पर भी इसे खाने की सलाह दी जाती है। लेकिन ये मरीज़ की हालत पर निर्भर करता है। हालांकि दस्त होने पर डॉक्टर की सलाह के बिना ईसबगोल नहीं खाना चाहिए, इससे नुकसान हो सकता है।
कब्ज होने पर शौच में समस्या होती है क्योंकि मल आंतों से निकलने में अधिक समय लेता है। ईसबगोल का सेवन करने से ये प्रक्रिया तेज़ हो जाती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि ईसबगोल में मौजूद फाईबर पानी को सोख लेता है जिससे की मल बढ़ जाता है। इससे मल मुलायम होता है और आराम से उत्सर्जित हो जाता है। इस वजह से कब्ज होने पर ईसबगोल खाने की सलाह दी जाती है। (इसे भी पढ़ें - ईसबगोल के तीन साइड इफेक्ट्स)
दस्त के मरीज़ों को कई बार डॉक्टर ईसबगोल खाने की सलाह इसलिए देते हैं क्योंकि ये मल को ठोस भी बनाता है। ज्यादातर लोग सोचते हैं कि इसके फाइबर की पानी सोखने की क्षमता के कारण ऐसा होता है। वैसे ये दस्त होने पर सीधे तौर पर उसका इलाज नहीं करता।
क्या है ईसबगोल की सही मात्रा?
एक लीटर पानी में दो से तीन चम्मच ईसबगोल मिलाकर लेना सही है। हालांकि मरीज़ की स्थिति के अनुसार ये मात्रा बदल भी सकती है। ज़रूरत से ज्यादा ईसबगोल न लें।
चित्र स्रोत - Shutterstock