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Written By: Editorial Team | Updated : January 5, 2017 8:37 AM IST
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अनुवादक: Mousumi Dutta
नारियल पानी एक ऐसा जीरो कैलोरी नैचुरल ड्रिंक होता है जो पौष्टिकता से भरपूर होता है। क्योंकि इसमें इलेक्ट्रोलाइट, पोटाशियम और दूसरे न्यूट्रिएन्ट्स भरपूर मात्रा में होते हैं। इस नजरिये से अधिकतर लोग ये मानते हैं डाइबिटीज़ के मरीज़ को नारियल पानी पीना चाहिए क्योंकि इसमें कैलोरी और आर्टिफिशयल स्वीटनर नहीं होता है और फाइबर हाई होता है। लेकिन डॉ. प्रदीप गाडगे, डाइबेटोलॉजिस्ट, श्रेया डाइबिटीज़ सेंटर, मुंबई के अनुसार डाइबिटीज़ के मरीज़ नारियल पानी तभी ले सकते हैं जब उनका शुगर लेवल नियंत्रण में रहेगा। इसलिए मधुमेह के मरीज़ इसको रोज पीने की गलती न करें। याद रखें नारियल पानी में मीठा होता जो शुगर लेवल को बढ़ा सकता है और डाइबिटीक पेशेन्ट के लिए मुसीबत खड़ा सकता है।
वे ये भी कहते हैं कि हमारे कहने का मतलब ये नहीं है कि नारियल पानी पीना छोड़ ही देना चाहिए। इसके लिए आपको अपने डाइटिशियन या डॉक्टर से बात कर लेनी चाहिए क्योंकि इसको लेकर हर इंसान का अपना-अपना मत होता है। कई लोग नारियल पानी को हेल्दी मानते हैं क्योंकि ये नैचुरल होता है। लेकिन कई मरीज़ नारियल पानी पीने के बाद शुगर लेवल के बढ़ जाने की शिकायत करते हैं। इसलिए नियमित रूप से नारियल पानी पीने की सलाह डाइबिटीज़ के मरीज़ को नहीं दी जाती है। अगर ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल में रखना है तो विशेष अवसर पर ही लें।
डॉ. गडगे की चेतावनी है कि अगर आप डाइबिटीक है और क्रॉनिक किडनी कंडिशन से जुझ रहे हैं तो नारियल पानी से दूरी ही बरतें। नारियल पानी में पोटाशियम होता है इसलिए किडनी की बीमारी में इसका सेवन हानिकारक साबित हो सकता है।
पोटाशियम जैसी पौष्टिकता होने के कारण ये नर्व, हार्ट को हेल्दी रखने में मदद करता है लेकिन अतिरिक्त मात्रा में इसका सेवन दिल के धड़कनों को बढ़ाने के साथ किडनी फेलियोर का कारण भी बन सकता है। इसलिए किडनी और डाइबिटीज़ के मरीज़ नारियल का पानी संभलकर पियें।
चित्र स्रोत: Shutterstock