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Written By: Editorial Team | Published : February 1, 2017 2:00 PM IST
नमस्ते, मेरी उम्र 40 साल है। आमतौर पर मुझे टेबल पर बैठकर काम नहीं करना पड़ता, मैं ज़्यादातर समय फिल्ड पर रहता हूं। मैं काफी पतला हूं और मेरी लाइफस्टाइल भी काफी एक्टिव है। लेकिन मेरी कोलेस्ट्रॉल रीडिंग 300 मिग्रा/डीएल है। क्या इसका मतलब है कि मुझे हार्ट अटैक आ सकता है? क्या एक सक्रिय और पतले व्यक्ति को भी हार्ट अटैक आ सकता है।
इस सवाल का जवाब दे रहे हैं एशियन हार्ट इंस्टिट्यूट, मुंबई के कार्डिएक इलेक्ट्रो फ़िज़ियोलॉजिस्ट, डॉ. संतोष कुमार डोरा।
डॉ. डोरा के अनुसार हार्ट अटैक किसी भी प्रकार के व्यक्ति को हो सकता है। किसी व्यक्ति में हार्ट अटैक की संभावना केवल शरीर में कोलेस्ट्रॉल या बॉडी मॉस के आधार पर नहीं होती। हार्ट अटैक के विभिन्न कारण होते हैं। हालांकि इसमें कोई शक नहीं है कि उच्च लिपिड प्रोफाइल, विशेषकर हाई कोलेस्ट्रॉल हार्ट डिज़ीजेस के खतरनाक कारणों में से एक है, लेकिन इसके अलावा भी कुछ कारण हैं जो दर्शाते हैं कि किसी व्यक्ति को दिल की बीमारियों या कोरोनरी डिसिज़ेज का खतरा है। हाइपरटेंशन और डायबिटीज़ ऐसी ही समस्याएं हैं। इनके साथ ही अगर आप सिगरेट पीते हैं या अनुवांशिक कारण जैसे आपके परिवार में, आपके माता-पिता या भाई-बहनों में से किसी को हार्ट अटैक या कोरनरी हार्ट डिज़िजेस की समस्या रही है, तो आपको हार्ट अटैक होने की सम्भावना बढ़ जाती है। यही नहीं, उम्र बढ़ने के साथ ही हार्ट अटैक का ख़तरा बढ़ता जाता है। अगर आपका वज़न अधिक नहीं है, आप पतले हैं और आपकी उम्र 40 के पार है, तो इसका मतलब यह कतई नहीं कि आप दिल की बीमारियों का ख़तरा नहीं है। अगर आपको हार्ट डिज़िजेस के रिस्क फैक्टर मानी जानेवाली समस्याएं जैसे डायबिटीज़, हाइपरटेंशन, धूम्रपान, उम्र, जेनेटिक या अनुवांशिक कारण और कोलेस्ट्रॉल है तो हार्ट अटैक का ख़तरा कम नहीं होता। ये 5 एक्सरसाइज हार्ट अटैक के बाद उबरने में मदद करती हैं।
अगर आप इन कारकों में से किसी के भी सम्पर्क में नहीं हैं या आपको ऊपर लिखी कोरोनरी समस्याओं में से कोई भी समस्या नहीं है, लेकिन कोलेस्ट्रॉल है तो भी आपको हार्ट अटैक का काफी ख़तरा रहेगा। हालांकि, इसका यह भी मतलब नहीं है कि हाई कोलेस्ट्रॉल से हार्ट अटैक हो सकता है। पर हां ख़तरा बरकरार रहेगा। दरअसल, अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल रक्त धमनियों में जमा हो जाता है, जिससे वहां ब्लॉकेज की समस्या होने लगती है और इससे हार्ट अटैक हो सकता है। रिस्क फैक्टर मानी जानेवाली समस्याओं के आधार पर हर व्यक्ति के लिए स्थिति अलग होती है। जैसे अगर 100 मरीज़ों को हाई कोलेस्ट्रॉल है तो सम्भावना है कि उनमें से केवल, 15 को ही हार्ट अटैक का खतरा हो। हालांकि,15% भी कोई छोटी संख्या नहीं है इसलिए रिस्क न लेते हुए डॉक्टर से बात करना और नियमित जांच कराना ही बेहतर है।
इन सबसे पहले, आप अपनी जीवनशैली और खान पान में कुछ छोटे-मोटे बदलाव कर सकते हैं। कोलेस्ट्रॉल की अधिक मात्रा वाली चीज़ें जैसे रेड मीट, चीज़, तली हुई चीज़ें, आइसक्रीम, लॉब्स्टर्स, मार्गारिन आदि खाने से परहेज करें। साथ ही रोज़ाना या सप्ताह में पांच बार एक्सरसाइज़ करने की कोशिश करें। आप अपने भोजन में कोलेस्ट्रॉल की कम मात्रावाली चीज़ें जैसे लहसुन, मेथी, ड्राईफ्रूट और नट, फ्लैक्सीड, प्याज और ओट्स शामिल कर सकते हैं। इन सबके अलावा आप रोज़ कितनी कैलोरी लेते हैं इसका भी हिसाब रखना ना भूलें।
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अनुवादक-Sadhna Tiwari
चित्रस्रोत-Shutterstock